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ग़ज़ल - ज़माना खराब है

मफऊल फाइलात मफाईल फाइलुन

हर सू है मारधाड़ ज़माना ख़राब है।
खोलो नहीं किवाड़ ज़माना ख़राब है।

गुन्डों को सीख दे के मुसीबत न मोल लो,
ये देंगे घर उजाड़ ज़माना ख़राब है।

ले दे के अपना काम कराओ किसी तरह
कर लो कोई जुगाड़ ज़माना ख़राब है।

बच्चे भी तंज कसते हैं मुझ पर अदा के साथ,
हँसते हैं दाँत फाड़ ज़माना ख़राब है।

पहले कभी हमारे भी क्या ठाठ बाट थे,
अब झोंकते हैं भाड़ ज़माना खराब है।

अब दो टके में भी न कोई पूछता मुझे,
मैं हो गया कबाड़ ज़माना ख़राब है।

बेशक हो तुम शरीफ मग़र राजनीति ये,
देगी तुम्हें बिगाड़ ज़माना ख़राब है।

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Ajay Tiwari on December 3, 2017 at 3:28pm

आदरणीय रामअवध जी,
बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाईयाँ.

'अब दो टके में भी न कोई पूछता मुझे' को अगर ठीक लगे तो 'अब दो टके में कोई मुझे पूछता नहीं' कर सकते हैं.
सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 2, 2017 at 8:08pm

आद० राम अवध जी अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकारे आद० समर भाई जी की बात संज्ञान में लें 

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on December 1, 2017 at 5:54pm
आदरणीय समर कबीर साहब जी आपके सुझाव के अनसार ग़ज़ल में सुधार करूगा। आपका बहुत बहुत शुक्रिया।
Comment by Samar kabeer on December 1, 2017 at 5:22pm
जनाब राम अवध जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।
दूसरे शैर के ऊला में ऐब-ए-तनाफ़ुर देखिये 'मोल लो' ।

'ले दे के अपना काम कराओ किसी तरह'
इस मिसरे में 'कराओ'शब्द मुनासिब नहीं लगता,इसकी जगह 'निकालो'शब्द उचित होगा,देखियेगा ।
Comment by Ramkunwar Choudhary on December 1, 2017 at 9:35am
बहुत सुन्दर रचना आदरणीय
Comment by Ram Awadh VIshwakarma on November 30, 2017 at 9:52pm
धन्यवाद आदरणीया ग़ज़ल सराहना के लिये।
Comment by रक्षिता सिंह on November 30, 2017 at 9:46pm
आदरणीय,रामअवध जी
बहुत खूब गज़ल है, बधाई स्वीकार करें।
Comment by Ram Awadh VIshwakarma on November 30, 2017 at 9:45pm
आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी बहुत बहुत धन्यवाद।
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 30, 2017 at 7:44pm
आ. भाई रामअवध जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।
Comment by Ram Awadh VIshwakarma on November 29, 2017 at 12:29pm
आदरणीय मनोज कुमार श्रीवास्तव जी सादर आभार

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