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-हेलो सर।
-हाँ, बोलो रवि',समाचार-संपादक ने खबर की बावत तफ्तीश की।
-जोरदार खबर है सर।
-बताओ भी जल्दी।जान मत खाओ।
-सर,शहर-कोतवाल की बीबी भाग गई।पहले बेटी,अब....।
-धत्त ससुरे!ये भी कोई खबर है?
-तहलका मच जायेगा सर,इस खबर से।
-नहीं रे,कुछ नहीं होगा।अभी घोटालों की खबर चाहिए, ....बस घोटालों की।
-वो भी है साहिब।
-तो बोल ना रे....।
-आज कलम वाली कंपनी के यहाँ छापे पड़ रहे हैं।
-कहाँ?
-यू पी में।हजारों करोड़ की बात है।कई बैंक उलझे हैं इसमें।
-ये हुई न हेडलाइन,शाबाश!

मौलिक और अप्रकाशित

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Comment by Manan Kumar singh on February 22, 2018 at 8:43pm

आदरणीय सुरेन्द्र जी,आभारी हूँ।

Comment by Manan Kumar singh on February 22, 2018 at 8:43pm

आपकी स्नेहिल स्वीकृति हेतु शुक्रिया तथा नमन,आदरणीय समर जी।

Comment by Manan Kumar singh on February 22, 2018 at 8:42pm

बहुत  बहुत आभार आदरणीय उस्मानीजी।

Comment by नाथ सोनांचली on February 22, 2018 at 3:06pm

आद0 मनोज जी सादर अभिवादन। बढिया व्यंग्यात्मक लघुकथा। इस प्रस्तुति पर बधाई क़ुबूल करें। सादर

Comment by Samar kabeer on February 21, 2018 at 5:47pm

जनाब मनन कुमार सिंह साहिब आदाब,आजकल आपकी लघुकथाएं बहुत ज़ोरदार हो रही हैं,ये लघुकथा भी तंज़ के भरपूर वार कर रही है,मज़ा आ गया,बहुत ख़ूब, इस बहतरीन प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on February 21, 2018 at 4:03pm

वाह महिला सशक्तिकरण की बातें फैंकने वाले घोटालेबाज़ों को ही मीडिया- सेलीब्रिटीज़ बनायेंगे, ज़मीनी मुद्दों से ध्यान भटकायेंगे, बहती गंगा में डुबकी लगायेंगे और सबके वारे न्यारे करवायेंगे!!! बेहतरीन समसामयिक ज्वलंत मुद्दों पर उम्दा कटाक्षपूर्ण सृजन के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब मनन कुमार सिंह साहिब।

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