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'निलेश जी की ज़मीन में एक ग़ज़ल'

ज़िन्दगी में जो हुआ सूद-ओ-ज़ियाँ गिनता रहा

बैठ कर मैं आज सब नाक़ामियाँ गिनता रहा

बाग़बाँ को और कोई काम गुलशन में न था

फूल पर मंडराने वाली तितलियाँ गिनता रहा

और क्या करता बताओ इन्तिज़ार-ए-यार में

तैरती तालाब में मुर्ग़ाबियाँ गिनता रहा

रोकता कैसे मैं उनको नातवानी थी बहुत

बे अदब लोगों की बस गुस्ताख़ियाँ गिनता रहा

लोग भूके मर रहे थे और यारो उस तरफ़

कोई गोदामों में रक्खी बोरियाँ गिनता रहा

वो जलाकर ख़्वाब मेरे जा चूका था और मैं

राख से उड़ती हुई चिंगारियाँ गिनता रहा

एक मुद्दत हो गई है मयकशी छोड़े हुए

क्यों "समर"फिर आज ख़ाली शीशियाँ गिनता रहा

----

सूद-ओ-ज़ियाँ--नफ़ा-नुक़सान

मुर्ग़ाबियाँ--पानी का परिन्दा

नातवानी--कमज़ोरी

'समर कबीर'

मौलिक/अप्रकाशित

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Comment by Samar kabeer on September 4, 2018 at 6:31pm

प्रयासरत रहें,शुभेच्छाएँ ।

Comment by प्रदीप देवीशरण भट्ट on September 4, 2018 at 6:17pm

जनाब कबीर साहब, प्रणाम,

आप लोगों के  सान्निध्य में  रहकर कुछ सीखने का प्रयास कर रहा हूँ।

इस अज़ीम ग्रुप को जॉइन करने का यह भी एक कारण है।

Comment by Samar kabeer on May 6, 2018 at 4:58pm

जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के।लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Naveen Mani Tripathi on May 6, 2018 at 4:40pm

लोग भूखे मर रहे थे और यारों उस तरफ ।

कोई गोदामों में रक्खी बोरियां गिनता रहा ।।

वाह वाह बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई आ0 उस्ताद कबीर साहब ।

Comment by Samar kabeer on May 5, 2018 at 10:29am

जनाब भाई विजय निकोर जी आदाब, सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on May 5, 2018 at 10:28am

जनाब डॉ.आशुतोष मिश्रा जी आदाब, सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on May 5, 2018 at 10:26am

जनाब निलेश 'नूर' साहिब आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on May 5, 2018 at 10:24am

जनाब मोहित जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on May 5, 2018 at 10:23am

जनाब बासुदेव अग्रवाल जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

Comment by Samar kabeer on May 5, 2018 at 10:21am

जनाब हर्ष महाजन जी आदाब,सुख़न नवाज़ी के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया ।

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