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झरता रहा

माँ के आशीर्वाद सा

हरसिंगार

 

उषा की लाली

रेशम का आँचल

वात्सल्य माँ का

पुलक तन

शाश्वत है बंधन

नमन मन

  

स्नेहिल स्पर्श

वात्सल्य का कंबल

संबल मन

 …

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Neelam Upadhyaya on June 15, 2018 at 2:56pm

बहुत बहुत आभार आदरणीया रक्षिता जी ।

Comment by रक्षिता सिंह on June 15, 2018 at 2:44pm

आदरणीया नीलम जी नमस्कार, बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ ....हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Neelam Upadhyaya on June 15, 2018 at 2:23pm

आदरणीय उसमानी जी, उत्साहवर्धन के लिए हृदय से आभार प्रकट करती हू। आगे भी आपके मार्गदर्शन की आकांक्षा रहेगी ।

Comment by Neelam Upadhyaya on June 15, 2018 at 2:22pm

आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी, । उत्साहवर्धन के लिए दिल से आभार प्रकट करती हू। आगे भी आपके मार्गदर्शन की आकांक्षा रहेगी ।

Comment by Neelam Upadhyaya on June 15, 2018 at 2:20pm

आदरणीय नरेंद्र सिंह जी, बहुत बहुत धन्यवाद ।

Comment by Neelam Upadhyaya on June 15, 2018 at 2:19pm

आदरणीय श्याम नारायण जी, उत्साह वर्धन के लिए दिल से आभार ।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on June 15, 2018 at 10:17am

मां, ममता/ वात्सल्य पर बेहतरीन सारगर्भित हाइकु सृजन हेतु हार्दिक बधाई और आभार आदरणीय मोहम्मद आरिफ़ साहिब। ई़द-उल-फ़ित्र मुबारक आप सभी को।

Comment by Mohammed Arif on June 15, 2018 at 10:12am

आदरणीया नीलम उपाध्याय जी आदाब,

                              अच्छी कसावट और बेहतरीन शिल्प से सुसज्जित हाइकु । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by narendrasinh chauhan on June 14, 2018 at 4:55pm

बहोत  खूब 

Comment by Shyam Narain Verma on June 14, 2018 at 3:56pm
सुंदर भाव लिए, उत्तम रचना के लिए बधाई ....सादर,

कृपया ध्यान दे...

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