For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बहुत हुआ सूरज का तपना
अब तो आओ मेघ
जम कर बरसो मेघ
 
तपती धरती का सीना हो ठंढा 
सूखी मिट्टी महके सोंधी
बंजर सी जमीं पर
अब फैले हरियाली
ठूंठ बन गए  पेड़ों के
पत्ते  अब हरियाएँ 
नभ पर जमकर छा जाते
गरज का बिजली कड़काते
संग में वर्षा भी  लाते
गर्मी डरकर जाती भाग
मौसम हो जाता खुशहाल

पर बादल तो
इधर से आये उधर गए
हम तो आस ही लगाए रहे
खुली चोंच लिए पक्षी
प्यासे ही रह गए
खेत जोतने को
हल लिए किसान
जोहता रहता  आसमान
बून्द को तरसती
उदास बैठी प्रकृति

बहुत हुआ अब तो आओ मेघ
जम कर बरसो मेघ   


..मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 298

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Neelam Upadhyaya on July 5, 2018 at 11:18am

आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी,  रचना की पसंदगी के लिए आभार। 

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on July 4, 2018 at 8:40pm

मुह तरमा नीलम साहिबा, सुन्दर रचना हुई है मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं |

Comment by Neelam Upadhyaya on July 2, 2018 at 3:31pm

आदरणीय लक्षमण धामी जी, रचना को समय देने के लिए बहुत बहुत आभार । 

Comment by Neelam Upadhyaya on July 2, 2018 at 3:30pm

आदरणीय समर कबीर जी, रचना को समय देने के लिए बहुत बहुत आभार। 

Comment by Neelam Upadhyaya on July 2, 2018 at 3:29pm

आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी, बहुत बहुत आभार। 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on July 2, 2018 at 9:42am

आ. नीलम जी, अच्छी रचना हुयी है, हार्दिक बधाई ।

Comment by Samar kabeer on July 1, 2018 at 6:04pm

मुहतरमा नीलम उपाध्याय जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Mohammed Arif on July 1, 2018 at 7:54am

आदरणीया नीलम उपाध्याय जी आदाब,

                                   बारिश की कामना को केंद्र में रखकर रची गई बहुत ही लाजवाब कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ankita replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आज़माने की मुझे तुमने भी कोशिश नहीं कीमैंने भी तुमसे निभाने की गुज़ारिश नहीं की इस जमाने से कभी खुद…"
11 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई तस्दीक अहमद जी, सादर अभिवादन ।बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
21 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई अनिल कुमार जी, सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
25 minutes ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"बहुत बहुत धन्यवाद मान्यवर "
48 minutes ago
Anil Kumar Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
" बहुत बहुत धन्यवाद  आदरणीया"
48 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"उम्द: तरमीम ।"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"मुहतरमा ऋचा यादव जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । मतले के सानी को…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आ. भाई सुरेन्द्र जी, सादर अभिवादन । तरही मिसरे पर अच्छी गजल हुई है, हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'सादर नमस्कार बहुत उम्दा तरही ग़ज़ल कहने के लिए हार्दिक बधाइयाँ…"
1 hour ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"जनाब मनन कुमार सिंह जी आदाब, आयोजन में सहभागिता के लिये आपका धन्यवाद ।"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आप ग़लत थ्रेड में टिप्पणी कर रहे हैं ।"
1 hour ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"मुहतरमा Dimple Sharma साहिबा सादर नमस्कार अच्छी तरही ग़ज़ल कहने के लिए हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें।"
1 hour ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service