For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नए ख्वाब दिखाने वाला - ग़ज़ल

2122 1122 1122 22

 

नींद आँखों से मेरी कोई चुराने वाला 

आ गया फिर से नए ख्वाब दिखाने वाला 

 

उन दुकानों पे मिलेंगे तुम्हें झंडे-डंडे  

पास अपने तो है ये काम किराने वाला 

 

जान लेने के लिए लोग खड़े लाइन से 

कोई दिखता ही नहीं जान लुटाने वाला

 

आज रस्ते हैं बहुत, साथ मुसाफिर अनगिन

चाह कर भी न मिला साथ निभाने वाला 

 

जाम हाथों से छलक जाते हैं अक्सर देखा 

बात तब है मिले आँखों से पिलाने वाला 

"मौलिक एवं अप्रकाशित"

Views: 667

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 23, 2019 at 9:54am
आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी सादर नमस्कार, हौसलाफजाई के लिए दिल से शुक्रिया
Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 23, 2019 at 9:53am
आदरणीय ब्रजेश कुमार ब्रज जी सादर नमस्कार, हौसलाफजाई के लिए दिल से शुक्रिया
Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 23, 2019 at 9:53am
आदरणीय विजय निकोरे जी सादर नमस्कार, हौसलाफजाई के लिए दिल से शुक्रिया
Comment by vijay nikore on September 23, 2019 at 6:12am

अच्छी गज़ल के लिए बधाई, मित्र बसंत जी।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on September 21, 2019 at 12:21pm

वाह वाह आदरणीय शर्मा जी खूब ग़ज़ल कही...

Comment by surender insan on September 20, 2019 at 8:23pm

आदरणीय बसन्त जी अच्छी ग़ज़ल कही आपने । बधाई स्वीकार करें जी।

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 19, 2019 at 9:44pm
आदरणीय समर कबीर जी सादर नमस्कार, आपकी ग़ज़ल पर उपस्थिति से मन प्रसन्न हुआ। सादर नमन आपको इसी तरह हौसलाफजाई करते रहें
Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 19, 2019 at 9:42pm
आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी सादर नमस्कार
आपकी हौसलाफजाई को सादर नमन
Comment by Samar kabeer on September 19, 2019 at 12:03pm

जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on September 19, 2019 at 5:53am

आ. भाई बसंत जी, बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
19 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post आदमी क्या आदमी को जानता है -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई रवि जी सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति का संज्ञान देर से लेने के लिए क्षमा चाहता.हूँ।…"
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय अशोक भाईजी "
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted blog posts
yesterday
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"नव वर्ष  की संक्रांति की घड़ी में वर्तमान की संवेदनहीनता और  सोच की जड़ता पर प्रहार करता…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । "
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दु पर सहमत…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service