For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ओ बी ओ को 9वीं सालगिरह की सौगात

ओ बी ओ को 9वीं सालगिरह की सौगात

ग़ज़ल (फाइलुन _फाइलुन _फाइलुन _फाइलुन /फाइलात)

मेरा दिल दे रहा है दुआ ओ बी ओ l
तू फले फूले यूँ ही सदा ओ बी ओ l

कोई सीखे कथा, छंद या शायरी
इन सभी का है तू रहनुमा ओ बी ओ l

भाई सौरभ हों राना या मिथलेश हों
इनके दम से तू आगे बढ़ा ओ बी ओ l

सीखने का दिया मंच तूने हमें
क्यूँ न तेरा करूँ शुक्रिया ओ बी ओ l

आज ख़ुश हैं बहुत यूँ नहीं योगराज
गोद में इनकी फूला फला ओ बी ओ l

क्यूँ न तुझको अदब का मदरसा कहें
तुझ से उस्ताद है सीखता ओ बी ओ l

पीर बन जाए सुहबत में तेरी अदीब
कोई पारस है तू बाख़ुदा ओ बी ओ l

भाई बागी की महनत का जादू है ये
आज सूरज है कल का दिया ओ बी ओ l

जुड़ गया तुझ से तस्दीक सब की तरह
देख कर तेरी आख़िर वफ़ा ओ बी ओ l

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 582

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on April 5, 2019 at 6:49pm

जनाब सुशील सरना साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I 

Comment by Sushil Sarna on April 5, 2019 at 3:03pm

वाह आदरणीय तस्दीक़ साहिब , आदाब, ... ओ बी ओ की नौवीं वर्षगाँठ पर मंच को बेहतरीन तोहफ़ा। इस बेहतरीन पेशकश पर दिल से बधाई सर।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on April 4, 2019 at 9:13pm

जनाब ब्रजेश कुमार साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 4, 2019 at 11:27am

बहुत खूबसूरत तुहफ़ा हुआ..बधाई

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on April 3, 2019 at 12:33pm

मुह तरमा नीलम साहिबा, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I 

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on April 3, 2019 at 12:32pm

मुहतरम जनाब समर साहिब आ दाब   , ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I 

Comment by Neelam Upadhyaya on April 3, 2019 at 12:24pm

ओ बी ओ की सालगिरह पर बढ़िया ग़ज़ल की पेशकश पर दिली मुबारकबाद आदरणीय तस्दीक़ अहमद साहिब।

Comment by Samar kabeer on April 3, 2019 at 12:18pm

जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,ओबीओ की 9 वीं सालगिरह पर अच्छी सौग़ात पेश की आपने,मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on April 2, 2019 at 5:02pm

जनाब भाई सलीम रज़ा साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I 

Comment by SALIM RAZA REWA on April 2, 2019 at 1:59pm
वाह वाह क्या ख़ूब ग़ज़ल ओ बी ओ की सालगिरह पर हुई है वाह मुरस्‍सा ग़ज़ल मुबारकबाद ज़िन्दाबाद जनाब तस्दीक़ साहब..

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
13 hours ago
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
18 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Saturday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
Friday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service