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क्षणिकाएं —डॉo विजय शंकर

एक नेता ने दूसरे को धोया ,
बदले में उसने उसे धो दिया।
छवि दोनों की साफ़ हो गई।।.......1.

मातृ-भाषा हिंदी दिवस ,
एक उत्सव हम ऐसा मनाते हैं ,
जिसमें हम हिंदी बोलने वालों से
उनकीं माँ का परिचय कराते हैं।। .......2 .

अपनों से हट के कभी
दूर के लोगों से भी मिला करो ,
वो कुछ देगा नहीं ... ,
हाँ ,धोखा भी नहीं देगा।l ....... 3 .

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Dr. Vijai Shanker on September 24, 2019 at 8:31am

आदरणीय सुश्री उषा जी , क्षणिकाएं आपको पसंद आईं , अच्छा लगा। आपका बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद , सादर।

Comment by Dr. Vijai Shanker on September 24, 2019 at 8:31am

आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज जी , आपका बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद , सादर।

Comment by Usha on September 22, 2019 at 2:10pm

आदरणीय विजय शंकर सर, आपकी क्षणिकाएँ गहरे भाव लिये अति प्रभावी हुई हैं, बधाई स्वीकार करें। सादर।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on September 21, 2019 at 12:46pm

वाह डा.साहब बहुत ही सारगर्भित रचना...

Comment by Dr. Vijai Shanker on September 20, 2019 at 9:17am

आदरणीय विजय निकोर जी , बहुत अच्छा लगा रचना पर आपकी उपस्तिति से, आपकी उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।

Comment by Dr. Vijai Shanker on September 20, 2019 at 9:15am

आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार , आपकी सादर उपस्थिति एवं उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिए ह्रदय से आभार। आपके सुझाव के लिए भी आभार , वह निसंदेह स्वीकार है , धन्यवाद , सादर।

Comment by vijay nikore on September 19, 2019 at 7:18pm

आनन्द आ गया आपकी अच्छी सोच से। बधाई , मित्र विजय शंकर जी।

Comment by Samar kabeer on September 19, 2019 at 3:42pm

आली जनाब डॉ. विजय शंकर जी आदाब, बहुत समय बाद मुझे आपकी

रचना पढ़ने का मौक़ा मिला है ।

तंज़ की वही धार है आपकी क्षणिकाओं में जो मुझे बहुत प्रभावित करती है,बहुत उम्द: क्षणिकाएँ हुई हैं,इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें । 

'मातृ-भाषा हिंदी दिवस , 
एक उत्सव हम ऐसा मनाते हैं , 
जिसमें हम हिंदी बोलने वालों से 
उनकीं माँ का परिचय कराते हैं।।'

ये क्षणिका ख़ास तौर से पसंद आई ।

'अपनों से हट के कभी 
दूर के लोगों से भी मिला करो ,
वो कुछ देगा नहीं ... , 
हाँ ,धोखा भी नहीं देगा'

इस क्षणिका की अंतिम दो पंक्तियों को इस तरह लिखना उचित होगा:-

"वो कुछ देंगे नहीं...,

हाँ, धोखा भी नहीं देंगे ।।......."

एक बात ये कि 'हिंदी' की जगह "हिन्दी" लिखना उचित होगा ।

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