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पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम"
  • Male
  • Orai Uttar Pradesh
  • India
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पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम"'s Page

Profile Information

Gender
Male
City State
Orai Uttar Pradesh
Native Place
Orai
Profession
सेवा निव्रत्त प्रधानाचार्य

पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम"'s Blog

मुक्तक



इस पार आ रहे हैं कुछ जाने माने लोग

उस पार जा रहे हैं कुछ जाने माने लोग

कैसी है राम राम ये कैसी सलाम है

पहचान नहीं पा रहे कुछ जाने माने लोग



फिर कई सूत्र नयी धुन के रुई निकले हैं

तंग कुर्ते पतंग लहँगे…

Continue

Posted on July 31, 2014 at 9:36am — 5 Comments

मुक्तक

1

न्याय पर जनतंत्र जन कल्याण पर,

अर्थ अवसरवाद का चेहरा लगा है/

रोशनी सर्वत्र जाने में विवश है,

बादलोँ का सूर्य पर पहरा लगा है/

2

तुम अँधेरे पंथ पर क्यों चल रहे,

रोशनी के जाल हमने तिर दिये हैं/

रह गई जो कालिमा दीपक तले,

उन अँधेरोँ से तो दीपक पल रहे हैं/

3

नीँद उड़ती जा रही है,रात रिसती रह गई/

धार में नौका ना जाने किस दिशा को गह गई/

उड़ गये बादल छलक पाताल का पानी गया,

फिर बिगड़ते सन्तुलन की बात धरती कह गई/

4

कहीं…

Continue

Posted on July 28, 2014 at 8:30pm — 4 Comments

Comment Wall (4 comments)

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At 10:26pm on August 7, 2014,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

आदरणीय प्रेम नारायणजी, आपके हर कहे का स्वागत है. किन्तु, निवेदन है कि, अपनी टिप्पणी को अपनी उस प्रस्तुति के थ्रेड में ही रखते तो संभवतः अन्य पाठकों को भी उस प्रस्तुति के सापेक्ष आपके विन्दुओं से सूचित तथा परिचित होने का लाभ मिलता. 

 

और, एक बात, पाण्डेयजी या कुशवाहा जी या सिंह साहब जैसे सम्बोधनों से हमॆं यथासम्भव बचने का प्रयास करना चाहिये, ऐसी मेरा दृढ़वत मानना है.

व्यक्ति के प्रथम नाम के साथ आदरसूचक शब्द लगाना भी अधिक प्रभावी और सम्मानसूचक हो सकता है.

सादर

At 12:38pm on August 5, 2014, पं. प्रेम नारायण दीक्षित "प्रेम" said…

इन्द्रियां झनक्रत हुई इक तार में

कौन सा  रस पा  गये  उपहार में॥

सभी मित्रों को सादर धन्यवाद एवम आभार प्रकट करता हूं…।

At 1:22pm on August 4, 2014, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

मित्रता का प्रस्ताव स्वीकारते हुए प्रसन्नता है स्वागत है आपका आदरणीय पं प्रेम नाराउँ दीक्षित जी 

At 12:20pm on July 29, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आपकी मित्रता मेरा गौरव है श्रीमन  i  आभार प्रकट करता हूँ i

 
 
 

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