For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

""

Views: 149

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on March 3, 2012 at 6:08pm

yograj ji aapki video dekhi aapko chann bolte dekha maja aa gaya .kitna enjoy kar rahe hain achcha laga dekhkar.

Comment by Tapan Dubey on February 28, 2012 at 11:30pm

waah waah maja aa gaya sunkar

Comment by asha pandey ojha on February 16, 2012 at 4:48pm

waah kya baat hai bhaisaahb  jai ho 

Comment by राज लाली बटाला on January 23, 2012 at 9:13pm

Bhaut khoob Yograj ji !! 

Comment by दुष्यंत सेवक on December 30, 2011 at 11:56am

imraan bhai ki hi bhavvna ko sajha karte hue kahta hu.... is goshthi ko miss kiya ... sabse jyada miss kiya yah ki sare guru jan ek jagah ikatthe mil lete... 

Comment by इमरान खान on December 26, 2011 at 10:42pm
वाह वाह वाह.. सुंदर रचना .. उससे भी सुंदर प्रस्तुतिकरण .. सम्पादक जी को बधाई..

बेहतरीन श्रोता.. प्यारा वातावतरण .. बस एक ही मलाल .. काश हम भी होते वहाँ..

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"आ. भाई नीलेश जी, उम्दा गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
13 minutes ago
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"'वेट loss का टारगेट भी  पूरा हुआ' लेकिन इस ग़ज़ल ने आपका 'वेट' और बढ़ा दिया…"
1 hour ago
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"'वेट loss का टारगेट भी  पूरा हुआ' लेकिन इस ग़ज़ल आपका 'वेट' और बढ़ा दिया…"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"शुक्रिया आ. अजय जी,..इस   ग़ज़ल के बारे में एक रोचक बात बताता हूँ...दरअस्ल इस ग़ज़ल ने परसों…"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"शुक्रिया आ. अजय जी,..इस   ग़ज़ल के बारे में एक रोचक बात बताता हूँ...दरअस्ल इस ग़ज़ल ने परसों…"
1 hour ago
Ajay Tiwari commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"आदरणीय निलेश जी, बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है. हर शेर बहुत खूब है. हार्दिक बधाई. "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Zohaib's blog post ग़ज़ल (सुन कर ये तिरी ज़ुल्फ़ के मुबहम से फ़साने)
"आ. ज़ोहेब जी,अच्छी ग़ज़ल है ..दीवाने को दिवाना  पढना दोषपूर्ण है .. मतला बदल…"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Rana Pratap Singh's discussion ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा-अंक100 में शामिल सभी ग़ज़लों का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)
"आ. भाई राणा प्रताप जी, सादर अभिवादन। पुनः एक अनुरोध और गजल संख्या 50 को पूरणतः इस संशोधित गजल से…"
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"शुक्रिया आ. तेज वीर सिंह जी "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"सुक्रिया आ. समर सर "
2 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - मुझ को कहा था राह में रुकना नहीं कहीं
"शुक्रिया आ. सुरखाब भाई "
2 hours ago
Samar kabeer commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post "मन मार्जियां "
"जनाब प्रदीप भट्ट साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन ग़ज़ल बह्र और क़वाफ़ी के हिसाब से समय चाहती…"
10 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service