For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बच्चो आओ, तुम्हें बतायें -
सीखी चिड़िया क्या बन्दर से !

किसी पेड़ पर चिड़िया का था
एक घोंसला छोटा-सुन्दर
चीं-चीं करते बच्चे उसके
साफ-सफाई बहुत वहाँ पर !   
दूर कहीं से बन्दर आया
देख चकित था इतने भर से !!

चिड़िया बोली, ’आओ भाई’  
लगी पूछने पता-ठिकाना
बेघर बन्दर जल-भुन बैठा
समझा, चिड़िया मारे ताना -
’चिड़िया को औकात बताऊँ
ज़हर भरी है यह अंदर से..’ !!

बादल आये तभी घनेरे
लगा बरसने झमझम पानी
बच्चों के संग छिपी घोंसले
दुबक गयी फिर चिड़िया रानी
लेकिन बन्दर रहा भीगता
उबल रहा था वह भीतर से.. !!

देखा आव न ताव झपट कर
बन्दर जा पहुँचा उस डाली
एक झटक में नोंच घोंसला
उसने खुन्नस खूब निकाली
तिनका-तिनका बिखर गया था  
उजड़ गया था साया सर से
बच्चों आओ तुम्हें बतायें
सीखी चिड़िया क्या बन्दर से

सही कहा है कभी मूर्ख से
बिना ज़रूरत बात न करना
करो मित्रता, सोच-समझ कर
डाह करे जो हाथ न धरना  
समझ गयी ये चिड़िया भी सब
बेघर आज हुई जब घर से
बच्चों आओ तुम्हें बतायें
सीखी चिड़िया क्या बन्दर से
*************************************
(मौलिक और अप्रकाशित)

Views: 1854

Replies to This Discussion

बहुत  सही सार्थक सन्देश देती हुई रचना आदरणीय  सौरभ सर , कहानियों को कविताओं में ढालकर बच्चों को सीख देना बड़ा रुचिकर लगता है सभी को क्या बच्चे क्या बड़े. एक मूर्ख  मित्र से एक बुद्धिमान शत्रु ज्यादा श्रेयस्कर है, इस सन्देश को बड़ी सहजता से बच्चों तक पहुचाती एक प्यारी रचना 

आपको मेरा बालगीत रुचिकर लगा यह जानकर बहुत अच्छा लगा आदरणीय सरस जी.
इस उत्साहवर्द्धन केलिए सादर धन्यवाद

बाल कथा को गीत में बहुत ही सुन्दरता से ढाला है जिसमे एक सार्थक सन्देश भी दिया है बहुत- बहुत बधाई आ० सौरभ जी इस सुन्दर बालगीत के लिए अपनी नातिनों के लिए इसे पोस्ट करुँगी |

अनुमोदन हेतु सादर धन्यवाद आदरणीया राजेश कुमारीजी

अति सुन्दर बाल-गीत ! अति सार्थक सन्देश ! हार्दिक बधाई, आदरणीय सौरभ भाई।

सादर धन्यवाद आदरणीय विजय भाईजी

परम आ. सौरभ जी सादर

      बाल गीत में कहानी का  प्रस्तुतिकरण बहुत ही रुचिकर लगा, बाल जगत को सार्थक सन्देश देते इस  सुन्दर बालगीत हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय. 

आदरणीय सत्यनारायनजी, इस बालगीत-कथा के साथ कुछ और बाल-कविताओं का प्रसारण आकाशवाणी इलाहाबाद से इसी 28 जून को हुआ. मैं इलाहाबाद में तब न होने के कारण स्वयं न सुन सका.
आपको प्रस्तुति पसंद आयी, रचनाकर्म सफल हुआ.

आदरणीय सौरभ सर, बाल-कथा-गीत बहुत सुन्दर हुआ है और सन्देश देती पंक्तियाँ तो बहुत ही सुन्दर !

इस प्रस्तुति पर बहुत बहुत बधाई 

आदरणीय मिथिलेश भाईजी, इस रचना को अनुमोदन करने केलिए धन्यवाद ..

इस बालगीत-कथा के साथ कुछ और बाल-कविताओं का प्रसारण आकाशवाणी इलाहाबाद से इसी 28 जून को हुआ था. मैं इलाहाबाद में तब न होने के कारण स्वयं न सुन सका.


सार्थक सन्देश लिए! बेहद उम्दा बाल गीत! आ० सौरभ सर नमन!

जान गोरखपुरीजी, आपको बालगीत-कथा पसंद आ गयी, यह एक रचनाकार के तौर पर मेरे लिए भी सम्मान की बात है.

हार्दिक धन्यवाद

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आ. भाई सुशील जी , सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहा मुक्तक रचित हुए हैं। हार्दिक बधाई। "
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय अजय गुप्ताअजेय जी, रूपमाला छंद में निबद्ध आपकी रचना का स्वागत है। आपने आम पाठक के लिए विधान…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय जी ।सृजन समृद्ध हुआ…"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"आदरणीय सौरभ जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । आपका संशय और सुझाव उत्तम है । इसके लिए…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आयोजन में आपकी दूसरी प्रस्तुति का स्वागत है। हर दोहा आरंभ-अंत की…"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"  आदरणीय सुशील सरना जी, आपने दोहा मुक्तक के माध्यम से शीर्षक को क्या ही खूब निभाया है ! एक-एक…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/२१२२/२१२ **** तीर्थ  जाना  हो  गया  है सैर जब भक्ति का हर भाव जाता तैर जब।१। * देवता…See More
Sunday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"अंत या आरंभ  --------------- ऋषि-मुनि, दरवेश ज्ञानी, कह गए सब संतहो गया आरंभ जिसका, है अटल…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा पंचक  . . . आरम्भ/अंत अंत सदा  आरम्भ का, देता कष्ट  अनेक ।हरती यही विडम्बना ,…"
Saturday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-182
"दोहा मुक्तक. . . . . आदि-अन्त के मध्य में, चलती जीवन रेख ।साँसों के अभिलेख को, देख सके तो देख…"
Saturday
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"नमस्ते, सुशील जी। आप से मिली सराहना बह्त सुखदायक है। आपका हार्दिक आभार।"
Jan 17
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा एकादश. . . . . पतंग

मकर संक्रांति के अवसर परदोहा एकादश   . . . . पतंगआवारा मदमस्त सी, नभ में उड़े पतंग । बीच पतंगों के…See More
Jan 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service