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साहित्य (58)

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हिंदी की 50 सर्वश्रेष्ठ कह-मुकरियाँ

हिंदी की 50 सर्वश्रेष्ठ कह-मुकरियाँ  "कह-मुकरी" एक बहुत ही पुरातन और लुप्तप्राय: काव्य विधा है! हज़रत अमीर खुसरो द्वारा विकसित इस विधा पर भ…

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दिल्ली के गुलाबी मौसम में सम्मिलन सह काव्य-गोष्ठी

ओपेन बुक्स ऑनलाइन (ओबीओ) के प्रबन्धन द्वारा इसके प्रादुर्भाव काल से ही इसके उद्येश्यों के मुख्य विन्दुओं को सदा से मुखर रखा गया है. साहित्य…

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प्रयाग-क्षेत्र में ओबीओ के तत्त्वावधान में काव्य-गोष्ठी का आयोजन

आज की तारीख में नेट पर समाज के हर क्षेत्र में ऐसा बहुत कुछ सकारात्मक हो रहा है जो अधिक नहीं मात्र दसेक वर्ष पूर्व इस तरह की गतिविधियों के ब…

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सीता-चरित्र के नए प्रतिमान गढ़ता हुआ उपन्यास ‘सीता सोंचती थीं’-   डॉ० गोपाल नारायण श्रीवास्तव

       राम भगवान थे या सामान्य मानव, अवतार थे या इतिहासपुरुष, काल्पनिक चरित्र थे या सचमुच कोई विश्रुत लोकनायक. इन सब बातों पर मतभेद हो सकता…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Feb 19

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कविता की विकास यात्रा : नयी कविता, गीत और नवगीत (भाग -१) // --सौरभ

मानवीय विकासगाथा में काव्य का प्रादुर्भाव मानव के लगातार सांस्कारिक होते जाने और संप्रेषणीयता के क्रम में गहन से गहनतर तथा लगातार सुगठित हो…

Started by Saurabh Pandey

8 Sep 26, 2016
Reply by Kalipad Prasad Mandal

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दिल्ली के गुलाबी मौसम में सम्मिलन सह काव्य-गोष्ठी

ओपेन बुक्स ऑनलाइन (ओबीओ) के प्रबन्धन द्वारा इसके प्रादुर्भाव काल से ही इसके उद्येश्यों के मुख्य विन्दुओं को सदा से मुखर रखा गया है. साहित्य…

Started by Saurabh Pandey

27 Sep 26, 2016
Reply by योगराज प्रभाकर

प्रधान संपादक

जनाब दीपक "जैतोई" साहिब की पंजाबी ग़ज़ल का हिंदी अनुवाद

सुनके  मज़ा न आए, उसको ग़ज़ल न बोलें !  दिल में उतर न जाए, उसको ग़ज़ल न बोलें !   खूबी ग़ज़ल की है ये, दिल को चढ़ाये मस्ती, और जो दिमाग खाए, उ…

Started by योगराज प्रभाकर

29 Sep 22, 2016
Reply by Samar kabeer

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कविता की विकास यात्रा : नयी कविता, गीत और नवगीत (भाग -२) // --सौरभ

भाग - २ ===== ’दूसरा सप्तक’ की भूमिका लिखते समय अज्ञेय ने कहा है, कि, ’प्रयोग का कोई वाद नहीं है । हम वादी नहीं रहे, न ही हैं, न प्रयोग अपन…

Started by Saurabh Pandey

7 Sep 6, 2016
Reply by Saurabh Pandey

बीहनि कथा का विश्व परिदृष्य

अभी दो-चार दिन से फेसबुक हिंदी में Six Word Stories बहुत लोकप्रिय है। मगर मैथिली भाषा मे इसका सुचिंतित विमर्श "विदेह" पत्रिका के संपादकीय म…

Started by ASHISH ANCHINHAR

2 Jun 13, 2016
Reply by ASHISH ANCHINHAR

लोकार्पण कार्यक्रम समाचार पत्रों के आधार पर एक प्रतिवेदन

कवि केवल प्रसाद ‘सत्यम’ का प्रथम काव्य-संग्रह...’छंद माला के काव्य-सौष्ठ्व’ का दिनांक ०७.०२.२०१६ को यू० पी० प्रेस क्लब, लखनऊ में लोकार्पण क…

Started by केवल प्रसाद 'सत्यम'

17 Mar 25, 2016
Reply by केवल प्रसाद 'सत्यम'

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मुकरियाँ या कह-मुकरियाँ : इतिहास और विधान

कथ्य व जानकारी   ओपन बुक्स ऑनलाइन (ओबीओ) पर प्रधान-संपादक आदरणीय योगराज प्रभाकरजी ने लुप्त-प्राय रचना विधा मुकरी या कह-मुकरी में रचनाएँ प…

Started by Saurabh Pandey

95 Nov 1, 2015
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

साकेत महाकाव्य का उद्घोष – “सन्देश नहीं मैं यहाँ स्वर्ग का लाया” =डा० गोपाल नारायन श्रीवास्तव

      तुलसी की भांति राष्ट्र कवि मैथिलीशरण गुप्त के इष्टदेव भी राम थे I वे राम को ईश्वर  मानते है और साकेत के राम से पूंछते भी हैं  – राम त…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Sep 5, 2015

हिंदी की 50 सर्वश्रेष्ठ कह-मुकरियाँ

हिंदी की 50 सर्वश्रेष्ठ कह-मुकरियाँ  "कह-मुकरी" एक बहुत ही पुरातन और लुप्तप्राय: काव्य विधा है! हज़रत अमीर खुसरो द्वारा विकसित इस विधा पर भ…

Started by Team Admin

17 May 14, 2015
Reply by Dr.Prachi Singh

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Harash Mahajan posted a blog post

गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी (इस्लाही ग़ज़ल)

221 2121 1221 212...गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी,खुशियों का ज़िक्र आया कयामत गुज़र गयी ।इतनी…See More
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Harash Mahajan commented on Harash Mahajan's blog post गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी
"आदरणीय समर कबीर जी आदाब । खुशनसीब हूँ सर कि आप की नज़र मेरी इस कृति पर पड़ी । आपकी कला से थोड़े में ही…"
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dandpani nahak commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"वाह क्या बात है आदरणीय ! हर एक शय को हस्ब-ए-ज़रूरत रखा गया ! बहुत खूब"
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Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । मतले का सानी मिसरा यूँ कर…"
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Samar kabeer commented on Harash Mahajan's blog post गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी
"जनाब हर्ष महाजन साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । क़वाफ़ी के बारे में जनाब आरिफ़…"
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Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post समता दीपक जलना होगा
"शुक्रिया समर कबीर जी।"
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Tasdiq Ahmed Khan commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब, उम्दा ग़ज़ल हुई है ,शेर दर शेर मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं । शेर3 के उला मिसरे…"
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Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जो अज़मे तर्के उल्फ़त कर रहा है )
"जनाब सलीम रज़ा साहिब , ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला  अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।"
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SALIM RAZA REWA commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जो अज़मे तर्के उल्फ़त कर रहा है )
"वाह  वाह जनाब तस्दीक अहमद साहिब, क्या उम्दा गज़ल हुई है.. मुबारक़बाद क़ुबूल करें  दिले…"
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SALIM RAZA REWA commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"वाह वाह जनाब समर साहब, बहुत ही खूबसूरत रदीफ़ क़फ़िया से सजी ग़ज़ल हुई है एक एक शेर ख़ूबसूरत...…"
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amod srivastav (bindouri) commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"आ दादा बहुत सुंदर रचना नमन  मुझे ..बहुत अच्छे लगे .. लेता नही....आमाल का हिसाब  और इसके…"
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