आदरणीय साथिओ,
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बहुत बढ़िया भावपूर्ण रचना विषय पर, माँ के सुख को तरसती एक अनाथ बच्ची के मनोभावों का अच्छा वर्णन किया है आपने लेकिन आखिरी संवाद बहुत लंबा हो गया है| बहुत बहुत बधाई इस रचना के लिए
बहुत अच्छी लघु कथा ! बधाई आपको बरखा जी ।
लघुकथा का अंत बहुत बढ़ीया रहा । विषय से न्याय करती इस लघुकथा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं ।
वाह्ह्ह्ह बहुत ही सुन्दर लघु कथा दिल छू गई बहुत बहुत बधाई आद० बरखा जी
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