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Archana Tripathi
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Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"सही निष्कर्ष निकाला अपने आ. वीर जी ,दरअसल आज एक ट्रेंड चल गया हैं बच्चो की आजादी और उनके अनुसार कैरियर चयन को समर्थन देने का।लेकिन कभी कभी माता-पिता की विवशता भी होती हैं जिसमे चाहकर भी वे बच्चे का साथ नही दे पाते।और दोषी करार दिए जाते हैं। हार्दिक…"
Nov 30, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आपका हार्दिक आभार रचना पर उम्दा प्रतिक्रिया देने के लिए।सदैव आपकी प्रतिक्रिया एवं मार्गदर्शन हेतु प्रतिक्षारत रहूंगी आ. राजेश कुमारी जी"
Nov 30, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आपको रचना पसंद आ गयी बस मेरी मेहनत सफल हो गई।आपका हार्दिक आभार आ. योगराज प्रभाकर जी"
Nov 30, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
" हार्दिक आभार आपका आ . विनय कुमार जी"
Nov 30, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आपका हार्दिक धन्यवाद आ. मो. आरिफ जी "
Nov 30, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"रचना के सकारात्मक पक्ष पर दृष्टि डालने और जिस विषय को मैं उठाना चाहती थी उसी मर्म को आपने भी छुआ। उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया देने के लिए आपका हार्दिक आभार आ.नीलम उपाध्याय जी।"
Nov 30, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"रचना के सकारात्मक पक्ष पर दृष्टि डालने और उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया आपका हार्दिक आभार आ.नीलम उपाध्याय जी"
Nov 30, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"सत्य हैं यह फर्क सदैव विद्यमान रहेगा ।और यह प्रत्येक स्तर पर हैं।हार्दिक बधाई आपको आ. अजय गुप्ता जी"
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बेहद उम्दा कथा के लिए हार्दिक बधाई आ. राजेश कुमारी जी ,सत्य में हम थोड़ा सा स्वार्थ छोड़ दे तो बहुत परिवार उजड़ने से बच जाएंगे।"
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बढिया कथा के लिए हार्दिक बधाई आ.कनक हरलालका जी"
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बढिया कथा के लिए हार्दिक बधाई आ. उस्मानी जी ,धर्म का उल्लेख कथा के विस्तृत दायरे को संकुचित कर रही हैं।"
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"अधिकतर यही होता हैं योजना कागज पर बनती नही वर्ण कागज पर ही कार्यान्वित भी हो जाती हैं ।अगर जनता तक पहुचती भी हैं तो महिलाओं के बदले पति लेते हैं उस पर निर्णय ।ऐसी ही एक कड़वी सच्चाई पर आपने रोशनी डाली हैं हार्दिक बधाई आपको आ. बबिता गुप्ता जी "
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"तरक्की के नाकारात्मक पहलू पर रोशनी डालती कथा के लिए हार्दिक बधाई आ. मोहम्मद आरिफ जी ।"
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"करारा वार किया हैं आपने अपनी कथा के माध्यम से ,लंबे समय से चले आ रहे चूहा बिल्ली के खेल को। हार्दिक बधाई आ. मनन कुमार जी "
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बरसी जैसी परम्पराओं को बेशक मनाना चाहिए लेकिन हद की हद की चादर में रहकर।आज इन परम्पराओं के नाम पर कुछ ज्यादा ही दिखावा करने लगे हैं।बढिया विषय उठाया हैं आपने। हार्दिक बधाई आपको आ. मोहन बेगोवाल जी "
Nov 29, 2018
Archana Tripathi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"क्षमा करें मित्र आ. शेख शहजाद उस्मानी जी, ' जहां चाह वहाँ राह ' की मैं भी समर्थक हूँ लेकिन कभी कभी अभिभावक या माता पिता चाहते हुए कुछ नही कर पाते।यह उनकी कोई जिद नही बेबसी होती हैं।यह बात और हैं कि दुनिया को उनकी विवशता भेड़चाल लगे फिर…"
Nov 29, 2018

Profile Information

Gender
Female
City State
Tanakpur, Uttarakhand
Native Place
Allahabad
Profession
housewife
About me
चलना ही जिंदगी है।

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औपचारिक्ता की दरकार

औपचारिक्ता की दरकार "

" पागलों की तरह भागते हुए लेक्चरर शिल्पी ने कॉलेज में आये उस नवयुवक को आलिंगन में यूँ जकड़ लिया जैसे वह भाग ना पाये।यह बात पुरे कालेज में जंगल में आग की तरह फैल गयी।जितने मुँह उतनी बातें और उतने ही लांछन!

अपने ऊपर लगते लांछनों ने उसे भीतर तक तोड़ दिया और आज तो उनकी पराकाष्ठा हो गयी थी ।लेकिन कभी-भी हार ना मानने वाली शिल्पी सभ्य सहयोगियों से दो-चार हो ली।



" मैं क्यों बदचलन आवारा हूँ कोई बताएगा मुझे ? क्योकि मैं सबसे हँसकर बात करती हूँ? क्योकि मैंने… Continue

Posted on February 18, 2016 at 3:34pm — 8 Comments

कंगली (लघुकथा )

साक्षी ने सारी सीमाएं विवाह पूर्व ही तोड़ दी थी ।विवश हो उसके प्रेम विवाह को सहमति देनी पड़ी लेकिन विवाह के मात्र आठ माह बाद तीन माह की पुत्री को लेकर लौट आयी थी । बिटिया तीन वर्ष की हो गयी थी ।साक्षी ने पुनः विवाह कर लिया बेटी ननिहाल में ही पल रही थी।इसी बात से संतोष था की वह ससुराल में रम जाय लेकिन -

" माँ अब मैं उस घर नहीं जाउंगी।"



"क्यों ? अब क्या हो गया ?"



"उसे पत्नी नहीं माँ के लिए नौकरानी चाहिए थी और वह तो पूरा कंगला हैं ,मैंने तो उसकी चमक देख ब्याह किया… Continue

Posted on October 27, 2015 at 11:52pm — 13 Comments

वंश वृद्धि (लघुकथा)

कवि सम्मेलन के आगाज़ के साथ ही नवांकुर कवि के कविता पाठ करते ही मरघट सा सन्नाटा पसर गया।बामुश्किल नामी कवी ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा -

" इन्हें कलम चलानी तो आती नहीं फिर माहौल खराब करने के लिए यहाँ किसने आमन्त्रित किया हैं ?"

" अरे , शर्मा जी इन नवांकुरों को मैंने आमन्त्रित किया हैं ।इन्हें सिखाना भी तो जरुरी हैं।"

" ये केवल नाम बटोरना चाहते हैं ,लगन मेहनत से कोई वास्ता नहीं इनका।इन्हें मंच से हटाया जाय "

"शर्मा जी, ये हमे अपना आदर्श मानते हैं "

" तो हम ही मंच छोड़ देते…

Continue

Posted on September 14, 2015 at 12:46am — 24 Comments

सामन्जस्य की परिभाषा (लघुकथा )

प्रतियोगी परीक्षाओं में मिली असफलता से निखिल अवसादग्रस्त हो चला था। पत्नी स्नेहा को मिली नौकरी से गृहस्थी की गाडी सुचारू रूप से चलने लगी थी।लेकिन दोहरी जिम्मेदारी के बोझ तले वह बुरी तरह पीस रही थी। जिसका असर उसके व्यवहार में भी परिलक्षित हो रहा था ।

आज घर में घुसते ही साफ -सुथरा घर , और टेबल पर लगे खाने से आती खुशबू से स्नेहा भौचक्की थी, की निखिल कहने लगा -



"पढ़ते-पढ़ते थक गया था सो खाना बना लिया। शायद तुम्हे पसंद आ जाए। "

पसंद-नापसन्द से परे वह अपने घर में पति-पत्नी के मध्य… Continue

Posted on August 27, 2015 at 4:34pm — 9 Comments

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At 11:04am on November 4, 2018, TEJ VEER SINGH said…

जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय अर्चना त्रिपाठी जी।

At 6:31pm on August 23, 2015, brajesh kumar tripathi said…

Dhanyavad priy archana ji .Aapke sneh ke liye aabhari hain.kshama karengi,kyonki aaj mera vah computer khrab hai jispar Devnagari me likha ja sakta hai.

punah anekashah abhar.

 main samprati Faizabad Ayodhya me nivas kar raha hun.Allahabad bank se sewanivritt hua hun.

mera mob.9935802996,8576884809 hain

 brajesh kumar tripathi

 
 
 

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