For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 99847

Reply to This

Replies to This Discussion

बिटिया को बहुत बहुत बधाई इस सफलता के लिए और आ. सौरभ जी को बारंबार बधाई वह अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के लिए जिसमें रहकर बिटिया ने यह सफलता प्राप्त की है।

वाह ...
सृष्टिसुधि की इस विशेष सफलता के लिए हार्दिक बधाई व भविष्य के लिए शुभकामनाएं

सृष्टिसुधि बिटिया की इस विशेष सफलता के लिए सपरिवार हार्दिक बधाई व उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं

हर्ष का विषय है, सुश्री सृष्टिसुधी को बधाई एवं पाठ्यक्रम को उच्च अंकों से सफलता पूवर्क पूर्ण कर लेने के लिए ढेरों मंगल कामनाएं।
शुभाशीष।

   

परम आदरणीय सौरभ जी, सर्वप्रथम बिटिया सृष्टिसुधी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिये हार्दिक बधाई तथा जीवन मे उत्तरोत्तर प्रगती एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभ कामनायें.. माँ शारदा की कृपा निरंतर बनी रहे  

इस अवसर पर आपको भी सादर बधाई आदरणीय.....

 

शुभ शुभ 

आदरणीय मिथिलेश जी, बहुत दिनों बाद ओ.बी.ओ. पर आ पाया हूँ. लगता है कि आपका जन्मदिन कल ही बीता है. थोड़ी देर से ही सही लेकिन हृदयतल से आपको हार्दिक शुभकामनाएँ. आप सदा प्रसन्न रहें और सृष्टिशील रहें. सादर.

आदरणीय शरदिंदु मुकर्जी सर, जन्म दिन पर आपका आशीर्वाद पाकर धन्य हो गया. इन शुभकामनाओं और आशीष से सदैव मेरा मार्गदर्शन होता रहेगा. नमन 

सृष्टिसुधी की सफलता के समाचार से विशेष आनंद मिला. मेधाविनी को और उसके पूरे परिवार को ढेरों बधाई. शिखर से शिखर पर आप यूँ ही चढ़ती रहें अपनी एकाग्रता लिए, सम्पूर्ण आकाश का विस्तार आपके साथ है, ईश्वर का आशीर्वाद आपके साथ है, हम सबकी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं.

समस्त आदरणीय . 

सादर अभिवादन 

मुझे  आपसे साझा करते हुए हर्ष है , कि , आज इस मंच पर ब्लाग का  शतक  लगाने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ है . 

आभार व्यक्त करता हू, साथी मित्रों का , टीम प्रबंधन का , नमन इस मंच को . 

बहुत बहुत बधाई आदरणीय प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा जी , जल्द ही हम सब आपके दुहरे शतक को भी देखेंगे..

आप  सब का स्नेह और प्रभु की कृपा रहेगी , सफल हो जाऊँगा . सादर आभार 

आदरणीय विनय कुमार सिंह जी 

बहुत बहुत बधाई आदरणीय प्रदीप कुशवाहा जी

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

*दोहा*बरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।।*चौपाई*वह फुहार वह साथ…See More
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
5 hours ago
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
8 hours ago
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
10 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Saturday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service