For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नववर्ष घोषणा : "स्वर्गीया जाहिदा इस्माइल सम्मान"

ओ बी ओ परिवार को यह सूचित करते हुए आपार हर्ष हो रहा है कि नववर्ष २०१४ से एक वार्षिक पुरस्कार प्रायोजक के सौजन्य से दिया जायेगा, यह पुरस्कार ओ बी ओ पर एक वर्ष में शामिल साहित्यिक संलग्नता के आधार पर किसी एक महिला सदस्य को दिया जायेगा. प्रायोजक द्वारा यह पुरस्कार कमसे कम पाँच वर्षों तक चलाये जाने का आश्वासन दिया गया है, प्रथम वर्ष (२०१४) हेतु पुरस्कार राशि प्राप्त भी हो गई है ।


पुरस्कार विवरण निम्न है………

पुरस्कार का नाम : "स्वर्गीया जाहिदा इस्माइल सम्मान"
पुरस्कार राशि : रुपये ५००१ /- (पाँच हजार एक मात्र) और प्रशस्ति पत्र
पात्रता : ओ बी ओ सदस्या
आधार : पुरस्कार वर्ष हेतु ओपन बुक्स ऑनलाइन पर साहित्यिक संलग्नता
प्रायोजक : जनाब अनवर सुहैल, ओ बी ओ सदस्य
निर्णायक कमेटी : ओ बी ओ प्रबंधन टीम

नोट : ओ बी ओ प्रबंधन टीम की सदस्या, ओ बी ओ कार्यकारिणीदल की सदस्या, प्रायोजक और इन सभी के रिश्तेदार (ब्लड रिलेटिव) इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे. 

Views: 656

Reply to This

Replies to This Discussion

अति सुन्दर! अति सुन्दर!
सभी महिला सदस्यों के लिये अति शुभ सूचना है। यह पुरस्कार ओ. बी. ओ. की गरिमा में चार चांद लगायेगा।
सादर

मरहबा ॥ एक और शुभ सूचना !! ओ बी ओ को बधाइयाँ ॥

नववर्ष के अवसर पर ओ बी ओ पर रचना कर्म में संलग्न महिला सदस्यों के लिए शुभ अवसर लेकर आयी यह सुचना अवश्य ही सभी सदस्यों को अच्छे लेखन के लिए प्रेरित करती है. सभी महिला सदस्यों को शुभकामना !

वाह बेहतरीन! बहुत अच्छी शुरूआत है, जनाब अनवर सुहैल साहब का बहुत बहुत शुक्रिया जिन्होने नये साल में न सिर्फ महिला सदस्यों बल्कि सभी ओबीओ सदस्यों का उत्साहवर्धन किया हैl

wow kewal girls ke liye......

yuppppp............

haa yah or bat hain manu to kuch changa likhna hi ni aata.....jo obo par मेरी उपस्तिथि दर्ज करा सके.....:-)

वाह नए वर्ष पर बहुत ही सुन्दर कार्य की शुरुआत हुई है. शत शत बधाइयाँ

इस पुरस्कार का तहेदिल से स्वागत है | 

नव वर्ष पर सभी सदस्‍यों को बधाई के साथ-साथ महिला साहित्‍यकारों को पुरस्‍कार के लिये शुभकानायें। 

ओबिओ ने कुछ सालों में एक अलग पहचान बनायीं है .. सिखने सिखाने की परिपाटी .. विलुप्तप्राय छंदों के प्रति जागृति और रूचि विकसित करने का महत्ती कार्य और अब महिला सदस्यों के लिए एकल पुरस्कार जो दुसरे मंचो के लिए अनुसरण और प्रेरक भी साबित होगा ..

 

नए वर्ष का आरम्भ  नए पुरस्कार की घोषणा  ओबिओ पर  महिला रचनाकारों में नयी चेतना और आत्मविशवास का  संचार करेगा इस आशा के साथ ओबिओ प्रबंधन को बहुत -२ बधाई और आभार /सादर

अति सुन्दर! अति सुन्दर!
सभी महिला सदस्यों के लिये अति शुभ सूचना है।

सराहनीय कदम! प्रायोजक और ओबीओ प्रबंधन इस सुन्दर योजना को प्रारम्भ करने के लिए बधाई के पात्र हैं! इससे महिला रचनाकारों को प्रोत्साहन प्राप्त होगा!

सादर!

शुभ समाचार ......... नव वर्ष में नवीन अध्याय प्रारंभ करने हेतु बधाई ....

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

SALIM RAZA REWA posted blog posts
12 hours ago
Manan Kumar singh posted a blog post

नागरिक(लघुकथा)

' नागरिक...जी हां नागरिक ही कहा मैंने ', जर्जर भिखारी ने कहा।' तो यहां क्या कर रहे हो?' सूट बूट…See More
12 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' posted a blog post

महकता यौवन/ विमल शर्मा 'विमल'

उठे सरस मृदु गंध, महकता यौवन तेरा। देख जिसे दिन रात ,डोलता है मन मेरा। अधर मधुर मुस्कान, छलकती मय…See More
13 hours ago
Mahendra Kumar posted a blog post

ग़ज़ल : इक दिन मैं अपने आप से इतना ख़फ़ा रहा

अरकान : 221 2121 1221 212इक दिन मैं अपने आप से इतना ख़फ़ा रहाख़ुद को लगा के आग धुआँ देखता रहादुनिया…See More
13 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

विशाल सागर ......

विशाल सागर ......सागरतेरी वीचियों पर मैंअपनी यादों को छोड़ आया हूँतेरे रेतीले किनारों परअपनी मोहब्बत…See More
13 hours ago
विमल शर्मा 'विमल' commented on विमल शर्मा 'विमल''s blog post रंग हम ऐसा लगाने आ गये - विमल शर्मा 'विमल'
"आदरणी अग्रज लक्ष्मण धामी जी कोटिशः आभार एवं धन्यवाद"
yesterday
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post कैसे कहें की इश्क़ ने क्या क्या बना दिया - सलीम 'रज़ा'
"नज़रे इनायत के लिए बहुत शुक्रिया नीलेश भाई , आप सही कह रहें हैं कुछ मशवरा अत फरमाएं।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कठिन बस वासना से पार पाना है-लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'( गजल )
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । गजल के अनुमोदन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
Tuesday
Mahendra Kumar commented on Mahendra Kumar's blog post ग़ज़ल : इक दिन मैं अपने आप से इतना ख़फ़ा रहा
"आपकी पारखी नज़र को सलाम आदरणीय निलेश सर। इस मिसरे को ले कर मैं दुविधा में था। पहले 'दी' के…"
Tuesday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ क्षणिकाएँ : ....
""आदरणीय   Samar kabeer' जी सृजन पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया का दिल से…"
Tuesday
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post पिशुन/चुगलखोर-एक भेदी
"भाई विजय निकोरे आपने मेरी रचना के अपना समय निकाला उसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद "
Tuesday
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post एक पागल की आत्म गाथा
"कबीर साहब को मेरी रचना के लिए समय निकालने के लिए कोटि कोटि धन्यवाद "
Tuesday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service