For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाल साहित्य Discussions (213)

← Back to बाल साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

टूटता तारा

 शाम ढलते ही पिंकी अपने भाई के साथ छत पर आ गई ,दोनों भाई बहन आज खूब मौज मस्ती के मूड में थे ,तभी पिंकी को चिढ़ाते हुए राजू ने आसमान की तरफ…

Started by Rekha Joshi

0 Jul 25, 2012

सदस्य कार्यकारिणी

कल मैं फल खिलाऊँगा

बीज से निकला अभी  मैं नन्हा पौधा प्यारा  बच्चों मुझको पानी देदो  होगा उपकार तुम्हारा | मैं भी फिर संग- संग तुम्हारे  देखो बढ़ता जाऊँगा  और…

Started by rajesh kumari

0 Jul 22, 2012

सदस्य टीम प्रबंधन

मुन्ना मेरे

नटखट सलौना तू  , मेरा खिलौना तू ,  कितना तू प्यारा है , मुन्ना मेरे I   तेरी इन आँखों में , मीठी सी बातों में , रब का नज़ारा है , मुन्ना मेर…

Started by Dr.Prachi Singh

6 Jul 18, 2012
Reply by Dr.Prachi Singh

चिड़िया रानी...(बाल कविता)

चिड़िया रानी बड़ी सयानीदाना चुगने आई है,प्यारे-प्यारे रंग कईसाथ में अपने लाई है| आओ बच्चों तुम भी देखोइसकी कारगुजारी,भोली आँखें, मासूम चेहर…

Started by कुमार गौरव अजीतेन्दु

3 Jul 18, 2012
Reply by Dr.Prachi Singh

सदस्य टीम प्रबंधन

जादूगर आया

गावँ नगर जादूगर आया अजब-गजब के करतब लाया..   टोपी घुमा निकाले अंडा झट से फूल बना दे डंडा..   पल में कुछ भी गायब कर दे हाथ घुमा फिर वापस रख…

Started by Dr.Prachi Singh

4 Jul 1, 2012
Reply by Dr.Prachi Singh

सदस्य टीम प्रबंधन

HOLIDAY PRAYER FOR KIDS..

Thank you Lord ! for you gave children lovely holiday... When we can enjoy the life with fun filled games to play...   The bourdon of studi…

Started by Dr.Prachi Singh

2 Jun 29, 2012
Reply by Dr.Prachi Singh

चलो पौध लगाएं

चलो   पौध   लगाएं   चलो   पौध   लगाएं   चलो   पौध   लगाएं   हम  खेतों   में    जाएँ   खलिहानो    में    जाएँ  चुन   चुन   ठीक  जगह    गड्ढे…

Started by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA

0 Jun 15, 2012

''हैरानी''

मुझको होती है हैरानी l   चंगू की नानी बड़ी सयानी बूढ़ी होकर गयी जवानी बिना दांत की दुखद कहानी खाने को वो जाती है जानी खाती लड्डू पीती पानी…

Started by Shanno Aggarwal

1 May 31, 2012
Reply by Rekha Joshi

चमकता तारा सूरज हमारा

पिंकी ने आज फिर राजू के हाथ में किताब देख ली ,बस मचल गई ,''भैया कहानी सुनाओ न ,क्या लिखा है इस किताब में ,बताओ न ''?अपने प्यारे भैया के हाथ…

Started by Rekha Joshi

0 May 29, 2012

Dharti hamaari gol gol

स्कूल से आते ही राजू ने अपना बस्ता खोला और लाइब्रेरी से ली हुई पुस्तक निकाल कर अपनी छोटी बहन पिंकी को बुलाया ,तभी माँ ने राजू को आवाज़ दी ,…

Started by Rekha Joshi

7 May 15, 2012
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service