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Shanno Aggarwal
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Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मैं भी पहुँची पार्टी में लेट, ओ बी ओ का खुला था गेट   कर रही थी बकरी एक जुगाली, बजा रहे गणेश थे ताली थी बात बड़ी नाइंसाफी वाली, सभी रखी थीं थाली खाली   एक और बात बेतुकी हुई, न ही कोई जबेली बची थी मुई  खाकर चले गये सब यार, तब योगी…"
Dec 4, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सौरभ जी, आपके हिस्से की जबेली तो योगराज भाई ने खा ली...अउर आप टापते रह गये...:)"
Dec 4, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"वाह! पहली बार देखी गुड़ की जलेबी....ये तो हम भी खायेंगे :) :) "
Dec 4, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सौरभ जी के जन्मदिवस की खुशी में मुँह भी मीठा करती चलूँ....मुफ्त की जलेबियाँ रोज तो मिलती नहीं :):):):) "
Dec 4, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सौरभ जी, आपको जन्मदिवस की बहुत बधाई और ढेरों शुभकामनायें "
Dec 4, 2014
Shanno Aggarwal commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post लघुकथा :- चिंगारी
"जब किसी को प्रेरणा देने का फल ऐसा मिलता है तब इंसान को पता चलता है l उसके बाद बड़े बाबू जैसे लोग औरों को उकसाना भूल जाते हैं ऐसी-वैसी बातों को करने के लिये l चांटा पड़ा खुद पर तब पता चला l भविष्य में बात सोच समझ कर करने की अकल आ जाती है…"
Nov 25, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"योगराज भाई, आपको जन्मदिवस की बहुत बधाई व अनंत शुभकामनायें l आप स्वस्थ्य रहें खुश रहें और चिरायु हों l"
Nov 18, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बेटी के लिये आपकी शुभकामनाओं का बहुत-बहुत धन्यबाद, प्राची जी l "
Oct 17, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"प्राची जी, आपको जन्मदिवस और शादी की सालगिरह दोनों की बहुत शुभकामनायें l"
Oct 17, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जी धन्यबाद..प्राची जी...बड़ा आनंद आ रहा है :)"
Oct 17, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"चिंता ना करिये सौरभ जी l आप खाने में डटे रहें...एक दो रसगुल्ले तो दांत में ही फँस कर रह जाते हैं l लगता है गणेश और रसगुल्ले लाने गये हैं l :):)"
Oct 17, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"प्राची जी, आपकी तरह रसगुल्ले भी हम सबके फेवरेट...इन्हें मिलजुल कर खाने के लिये शुक्रिया :):) गणेश और आर्डर करने जा रहे हैं....क्यों भाई गणेश? अरे कहाँ गये????? :):):):)"
Oct 17, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"और गणेश की तरफ से इस खुशी के मौके पर इतने लजीज रसगुल्लों का क्या कहना ! देखकर ही मुँह में स्वाद आ गया :)"
Oct 17, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"प्राची जी को जन्मदिवस की ढेरों शुभकामनायें l आज 15 अकतूबर को मेरी बेटी का भी जन्मदिवस है :) "
Oct 17, 2014
Shanno Aggarwal replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion भोजपुरी लघुकथा : लछुमन रेखा (गणेश जी बागी) in the group भोजपुरी साहित्य
"लघु कथा पर बहुत बधाई, गणेश l औरत की जिंदगी कितनी बेबस है l वो चाहें कुछ भी करे पर लोग उसमे खामियां निकाल लेते हैं l शादी होने पर बड़े-बूढ़े बिना सोचे समझे उपदेश देते रहते हैं l पर परिस्थितियाँ लक्षमण रेखा लांघने को मजबूर कर देती हैं l परिवार का पेट…"
Sep 18, 2014
Shanno Aggarwal replied to Admin's discussion खुशिया और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बृजेश जी एवं वैद्यनाथ जी को मेरी ढेरों शुभकामनायें l"
Aug 20, 2014

Profile Information

Gender
Female
City State
London
Native Place
India
Profession
Housewife
About me
I like travelling, walking in peaceful places close to nature and writing something in my free time.

Shanno Aggarwal's Blog

''चच्चा बोले''

मूँगफली खा चच्चा बोले 

बहू आज कुछ चने भिगोले 

कल को रोटी संग बनाना 

जरा चटपटे आलू-छोले l

 

सारा दिन तू काम में पिस्से …

Continue

Posted on March 7, 2013 at 1:30am — 17 Comments

''बर्फीला मौसम''

शीत के मौसम से मच रही गदर है

इक्का-दुक्का ही कोई आता नजर है l

जमी बर्फ जमीं पे खामोश सा शहर है

पंछी ना चहका कोई ठूँठ हर शजर है l

होता बहुत मुश्किल निकलना घरों से

हाथ में दस्ताने और गले में मफलर है l

कांपती सी दिखती हर दूर तक डगर है

लोग बुत से चलते फिसलने का डर है l

बिन फूल-पात दिखते हैं पेड़ नंगे सारे

बस बर्फ के फूलों से ढका हुआ सर है l

दूब पर सफेदी चमकती है रजत जैसी

झुक रहे हैं तरु और धुंधली सी सहर है l

-शन्नो…

Continue

Posted on January 20, 2013 at 6:00pm — 10 Comments

''बर्फ के फूल''

पथराया सा आसमां
इंतज़ार कर रहा है.....

तूफानी हवाओं में
सफेद बर्फ के फूल
नंगी निर्जीव टहनियों पर
कफ़न से रहे हैं झूल l

तूफान के रुकने पर
सूरज के निकलते ही
ये मोम से पिघलकर
बन जायेंगे धूल l

पथराया सा आसमां
इंतज़ार कर रहा है.....

-शन्नो अग्रवाल

Posted on January 16, 2013 at 6:30am — 9 Comments

''जोर नहीं है''

इन जुगनू सी यादों पे जोर नहीं है  

गर्म अश्कों के बहने में शोर नहीं है l

 

किसी काफ़िर का होता नहीं ठिकाना

आज यहाँ है तो कल ठौर कहीं है l

 

दो बूँदे पीकर कभी प्यास ना बुझती             

प्यासे सहरे का दिखता छोर नहीं है l

 

मालों ने गाँव की है बदल दी दुनिया

अब छोटा सा दिखता स्टोर नहीं है l

 

हर बात में नुक्स निकालना है सहज  

करने को कुछ कहो तो जोर नहीं है l

-शन्नो अग्रवाल 

Posted on December 6, 2012 at 1:57am — 10 Comments

Comment Wall (22 comments)

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At 3:22pm on January 19, 2013, Dr Dilip Mittal said…

शुक्रिया ,

At 9:00pm on January 2, 2012, Mukesh Kumar Saxena said…

मै आपका बहुत ही आभारी हूँ की आपने मेरी कविता की सराहना करके मेरा उत्साह वर्धन किया

At 10:35pm on December 25, 2011, Shanno Aggarwal said…

आप सभी की आभारी हूँ...सबको मेरा हार्दिक धन्यबाद. और ओ बी ओ के सभी सदस्यों को आने वाले नव बर्ष की अनेकों शुभकामनायें. 

At 2:25pm on August 8, 2011, mohinichordia said…

धन्यवाद शन्नोजी |.महीने के  सक्रीय सदस्य चुने जाने पर मेरी और से  हार्दिक बधाई |

At 2:24pm on August 8, 2011, Deepak Sharma Kuluvi said…

CONGRATULATION JI 

 

DEEPAK KULUVI

At 8:16pm on August 2, 2011, आशीष यादव said…

महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर आप को हार्दिक बधाई| हमें पूर्ण विश्वास है कि आप कि लेखनी से चमत्कारिक रचनाएं निकलती रहेंगी, और पूरा ओबो परिवार रोशन होता रहेगा.

At 3:44pm on August 1, 2011, Abhinav Arun said…
आदरणीय शन्नो जी माह का सक्रीय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई | आपकी साहित्यिक सक्रियता से हम सब लाभान्वित होते रहे यही कामना है | 
At 2:34pm on August 1, 2011, Atendra Kumar Singh "Ravi" said…

  इस महीने के सक्रिय सदस्य चुने जाने पर ,अतेन्द्र कुमार सिंह'रवि' की तरफ से हार्दिक बधाई .........

At 12:33pm on August 1, 2011, Rash Bihari Ravi said…

आदरणीया शन्नोजी, आपको  सक्रिय-सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ. 

At 10:59am on August 1, 2011,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

आदरणीया शन्नोजी,

आपको इस पावन माह सावन में सक्रिय-सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ.

आपकी ऊर्जस्वी संलग्नता तथा आपका अनुकरणीय उत्साह समस्त सदस्यों एवं शुभचिंतकों के होने का अर्थ बने.. ..

धन्यवाद.

 
 
 

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