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Kiran Arya
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mohinichordia and Kiran Arya are now friends
Jan 7, 2014

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Kiran Arya's blog post मेरे हमसफ़र
"किरण आर्याजी, यह कविता संभवतः आपकी उन कविताओं में शुमार होगी जो हो तो जाती हैं लेकिन इसके लिए सार्थक तैयारी नहीं हुई रहती है. भाव सदा की तरह यथोचित संप्रेष्य हैं लेकिन शब्द और विधान साहित्यिकता के भार को ढो सकने में सक्ष नहीं दीखते. प्रयासरत…"
Dec 19, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"सौरभ जी नमस्कार, हाँ आजकल व्यस्तता थोड़ी अधिक है लेकिन जब भी समय मिलता है हम आते है यहाँ .........आप सभी का स्नेह देता है सबल सदा .........शुभं"
Dec 19, 2013

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"इन दोहों के लिए आभार किरणजी.. . बहुत दिनों बाद हुई आपकी उपस्थिति भली लगी. आते रहिये.. . शुभ-शुभ"
Dec 19, 2013
Kiran Arya posted a blog post

मेरे हमसफ़र

उदास सी थी वो सहर खामोश स्तब्ध शाम थी हवा भी कुछ रुकी सी थी राहों की वो विरानियाँ आँख में गई ठहर..... एहसासों की एक लहर यादों के नर्म बिछोने सी विरह के लिए खिलोने सी इश्क की रवानियाँ रूह को सहलाए हर पहर..... नदी से निकले एक नहर अपनी ही धुन में बहती सी विरक्ति को हाँ सहती सी छोड़ गई निशानियाँ दर्द बन गया जहर...... तुझ बिन सूना दिल का शहर पलकें नम झुकी सी थी आहटें खटकती सी थी धुंधली सी कहानियां जुदाई तेरी है एक कहर......… जज्बातों में रह जज़्ब इस कदर वजूद मेरा ना रहे तुझसे  जुदा  के…See More
Dec 17, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"आदरणीया डॉ प्राची नमस्कार अभी सीख ही रहे है हम लिखना आपसे अनुरोध है जहाँ कहीं त्रुटी लग रही है आप हमारा मार्गदर्शन करे .....हमें ख़ुशी होगी आपके सान्निध्य में कुछ नया सीखने को मिले तो ........शुभं"
Dec 13, 2013
Kiran Arya commented on योगराज प्रभाकर's blog post कन्या पक्ष (लघुकथा)
"एक नग्न सत्य को दर्शाती लघु कथा .....आज जहाँ एक और हमारे इस देश में स्त्री को देवी माँ के रूप में पूजा जाता है और दूसरी ओर वहीँ भ्रूण हत्या कर दी जाती है गर्भ में लड़की है ये पता चलते ही .....ये हमारी विडम्बना ही है .......आपकी लघु कथा पढने के बाद…"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on योगराज प्रभाकर's blog post विषैला सत्य (लघु कथा)
"एक ऐसा सच जो इस समाज का ही हिस्सा है ....बहुत कुछ कह जाती है आपकी ये लघु कथा सर ....निशब्द है मन के भाव इस कहानी को पढ़कर ......."
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on योगराज प्रभाकर's blog post श्रेय (लघुकथा)
"एक कड़वे सच को उजागर करती है आपकी ये कहानी सर ........."
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post लघुकथा : कीमत (गणेश जी बागी)
"बहुत सुंदर और सार्थक सन्देश देती लघु कथा ...........सर आपको जब भी पढ़ते है मन खुश हो जाता है .....शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post इक सिर्फ तुझको देखूँ डगर में - शिज्जु
"बहुत सुंदर भाव ...........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on ram shiromani pathak's blog post दोहे -११(खिचड़ी)
"गिरते पत्ते कह रहे,छोटी सी यह बात!सब मिट्टी का है बना,उसमें मिलना तात!!.......बहुत सुंदर हर दोहा ........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"राहुल जी शुक्रिया ...........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"डॉ आशुतोष जी नमस्कार आभार आपका ..........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"गिरिराज जी नमस्कार अभी इस क्षेत्र में शिशु है हम और सीख रहे है गर आपको लगता है त्रुटी है तो मार्गदर्शन करे .........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"मीना जी नमस्कार आभारी हूँ मेरे प्रयास को पसंद करने हेतु ........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"राम शिरोमणि जी नमस्कार हम अभी सीख ही रहे है आप सभी के सहयोग और मार्गदर्शन के अभिलाषी है सदैव ही ........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"जितेन्द्र जी नमस्कार आभार ........शुभं"
Dec 11, 2013
Kiran Arya commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"हेमंत जी आभार ..........बस एक प्रयास है अभी सीख ही रहे है हम .........शुभं"
Dec 11, 2013
hemant sharma commented on Kiran Arya's blog post मेरे कुछ दोहे
"सुन्दर दोहे ,सामयिक दोहे बधाई आ. किरण जी"
Dec 10, 2013

Profile Information

Gender
Female
City State
Delhi
Native Place
Delhi
Profession
Computer Analyst in JNU.
About me
अपनी सोच को सकारत्मक सोच संग विकसित करने की कोशिश करती एक साधारण महिला............

Kiran Arya's Blog

मेरे हमसफ़र

उदास सी थी वो सहर

खामोश स्तब्ध शाम थी

हवा भी कुछ रुकी सी थी

राहों की वो विरानियाँ

आँख में गई ठहर.....



एहसासों की एक लहर

यादों के नर्म बिछोने सी

विरह के लिए खिलोने सी

इश्क की रवानियाँ

रूह को सहलाए हर पहर.....



नदी से निकले एक नहर

अपनी ही धुन में बहती सी

विरक्ति को हाँ सहती सी

छोड़ गई निशानियाँ

दर्द बन गया जहर......



तुझ बिन सूना दिल का शहर

पलकें नम झुकी सी थी

आहटें खटकती सी थी …

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Posted on December 11, 2013 at 2:30pm — 1 Comment

मेरे कुछ दोहे

१.

मात पिता तो बोझ सम, आपन पूत सुहाय ।

जियबे पर ...पानी नही, मरे गया लइ जाय ॥

२.

धूल संस्कृति फाँकती, ....संस्कार हैं रोय ।

अंधी दौड़ विकास की, मानो सबकुछ होय॥

३.

है विवेक तो तनिक नहिं, शब्दन की भरमार।

अधकचरा से ज्ञान पर,...... हिला रहे संसार॥

४.

ज्ञान समुन्दर उर बसै, फिर भी भटकय जीव।

मन ना बस में करि सकै, ..तन जैसे निर्जीव॥

५.

देख मनुष का गर्व यों, ..सोच रहे भगवान ।

धरा नरक बन जाय जो, सारे होयँ समान…

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Posted on December 9, 2013 at 1:00pm — 17 Comments

आस की कश्तियाँ

मायूसियों ने आज फिर दस्तक दी

खयालो के बंद दरवाजो से निकल

मन के आँगन में बिखरने को

बेताब सी मायूसियाँ

लेकिन आस की एक लौ

जिससे रोशन है दिल की बस्तियाँ

मुस्कुरा के बोली बुझने ना देना मुझे

जीवन में आयेंगे कठोर थपेड़े

वक़्त की आंधियों में

हमने मिटती देखी हैं

इन थपेड़ो की गिरफ्त में कई हस्तियाँ

जिंदगी की उलझनों से…

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Posted on September 13, 2012 at 1:30pm — 20 Comments

दिल मेरा

हमको यह गुमा था की हम है दिलो के खरेदार…

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Posted on January 20, 2012 at 3:19pm — 4 Comments

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At 7:40pm on December 10, 2012, vijay nikore said…

तुम लगे सोचने ख़त्म करने को सिलसिला आवाजाही का

तब तक मन का जीव मुक्त हो चुका था हर आजमाइश से

किरण जी, बहुत खूब... बहुत खूब!

विजय निकोर

At 12:45am on April 9, 2012, SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR said…

तुम एक और आजमाइश संग खड़े मुस्काते नज़र आये

हम फिर जुट गए उस पर खरा उतरने की जुगत में

जब होने लगा यकीन तुम्हे प्यार पे मेरे आजमयिशो से परे

तुम लगे सोचने ख़त्म करने को सिलसिला आवाजाही का..

इस आजमाईश का दौर खत्म ही नहीं होता ....सुन्दर भाव .....जय श्री राधे 

भ्रमर ५ 
भ्रमर का दर्द और दर्पण 
At 12:27am on January 21, 2012, Shanno Aggarwal said…

स्वागतम किरन आर्य जी  :)

At 7:15pm on January 16, 2012, Admin said…

 
 
 

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