For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाल साहित्य Discussions (213)

← Back to बाल साहित्य
Discussions Replies Latest Activity

गजल(पेड़)

बच्चो! मीठी बोली बोलो बातों में कुछ मिसरी घोलो।1 काँटे लाख तुम्हे भटकायें, फूलों का उपहार सँजो लो।2 पेड़ लगाओ,पानी दो फिर उनके अच्छे साथी…

Started by Manan Kumar singh

0 Jun 19, 2017

गजल(आम)

22 22 22 22 आम बनाता काम सुनो जी रोग रहें सुरधाम सुनो जी।1 भिन्न बने सब,रंग अलग हैं इनके कितने नाम, सुनो जी।2 बीजू की बलिहारी जाऊँ बंबइय…

Started by Manan Kumar singh

0 Jun 13, 2017

सदस्य कार्यकारिणी

‘गिलहरी दोहे’ (बाल रचना )

एक गिलहरी चुनमुनी,पहने भूरा कोट| कुट कुट करके शान से ,खाती है अखरोट||   बच्चों को प्यारी बहुत,लगती उनको ख़ास|    आती मटक मटक कभी,फुदक-फुदक क…

Started by rajesh kumari

0 Jun 13, 2017

गजल(सेबों की है बात निराली)

22 22 22 22 सेबों की है बात निराली इनके बिन कब पूरी थाली?1 इनका सेवन कर लो,वरना डॉक्टर करते हैं घर खाली।2 कहते,एक अगर नित खाओ रोगों की बज…

Started by Manan Kumar singh

0 Jun 11, 2017

गजल(केले की महिमा)

22 22 22 22 केले की है महिमा,भाई उसकी होती देख बड़ाई।1 कच्चा, सब्जी में आ जाता पक जाये फिर गटको भाई।2 छिलके दूर कहीं रखना जी, पाँव पड़ें, त…

Started by Manan Kumar singh

5 Jun 6, 2017
Reply by Manan Kumar singh

सदस्य टीम प्रबंधन

हौले हौले बोल चिरैया.....लोरी //डॉ० प्राची

हौले-हौले बोल चिरैया, हौले-हौले बोल पलने में कान्हा सोया है, तू मत इत-उत डोल चिरैया हौले-हौले बोल... पलकों पर सपने थिरके हैं, अधरों पर मुस…

Started by Dr.Prachi Singh

4 May 4, 2017
Reply by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला

शेर मामा (कविता)

शेर मामा शेर मामा हो गए बीमार बोले अब कैसे करूँ शिकार सुन यह शेर की दशा बोला उनसे चतुर सियार शेर मामा तुम मत घबराओ भालू डॉक्टर को बुलवाओ द…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

1 Mar 5, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

सांता आया (कविता)

सांता आया सांता आया खुशियों का झोला लाया संग है उनके ढेर खिलौने आये सबमें प्रेम पिरौने । सर्द हवा कब रूकती है सांता के मन को भाती है लाल च…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

3 Mar 5, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

क्लास में सफाई ( कथा)

स्कूल में आते ही बच्चों का ध्यान मुख्य पटल पर पड़ा जिसपर लिखा हुआ था इस माह से स्कूल प्रबन्धक कमिटी ने तय किया है कि स्वछता अभियान के तहत जो…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

1 Mar 5, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

सबका प्यारा हिन्दुस्तान

कल-कल-कल-कल बहती नदियाँ झर-झर-झर-झर झरते झरने घुन-घुन-घुन-घुन गाते भँवर घिर-घिर-घिर-घिर बदरा बरसे जिन पर सबको है अभिमान मेरा प्यारा हिन्दुस…

Started by सुरेश कुमार 'कल्याण'

7 Jan 19, 2017
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service