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धार्मिक साहित्य Discussions (167)

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हे शारदे माँ हे शारदे माँ

जगमग जगमग संसार दे माँ हे शारदे माँ हे शारदे माँ विनती हमारी सुनो कुमारी रोग दोष विपदा हरो सारी लक्ष्मी स्वरूप तुम्ही शिव प्यारी मैया तुम…

Started by SANDEEP KUMAR PATEL

4 Oct 6, 2013
Reply by SANDEEP KUMAR PATEL

!! गणेश वन्दना !!

!! गणेश वन्दना !! ओबीओ के समस्त भाई बहनो एव  गुरुजनो को गणेश उत्सव की हार्दिक बधाई शुभकामनाये ... हे गणनायक सिद्धी विनायक । हे गौरी सुत श…

Started by बसंत नेमा

4 Oct 6, 2013
Reply by SANDEEP KUMAR PATEL

गणपति बप्पा [दोहे]

गणपति बप्पा आ गए खुशियां लाए ढेर कष्ट हरो विनायक अब ,बिना लगाये देर // विनायकम कहते सभी ,धरते तेरा ध्यान तुझसे ही जीवन चले तुझसे पाते प्र…

Started by Sarita Bhatia

3 Oct 6, 2013
Reply by SANDEEP KUMAR PATEL

गणेश स्तुति

                      गणेश स्तुति दोहा -    जो गणेश पूजन करे,  ले श्रद्धा विश्वास ।           सकल आस पूरन करे,  भक्तों के गणराज ।।        …

Started by रमेश कुमार चौहान

3 Oct 6, 2013
Reply by SANDEEP KUMAR PATEL

ईश वंदना

2) जय जय ईश हमारा प्यारा सारा जगत बनावान हारा ।   कर पग दृश्य नहीं कुछ उसके भुवन चतुर्दश मगर संवारा ।   चन्द्र सूर्य आकाश मनोहर गिरिवर सरित…

Started by annapurna bajpai

0 Jul 31, 2013

ईश्वर को समर्पित - गजल तुकबंदी

तेरा दीदार प्यारा - गजल - (प्रथम प्रयास ) दिखा दे अब मुझको तू दीदार प्यारा जुदाई का सदमा न दे मुझको या खुदारा ॥ तेरे हुस्न का जलवा सारे जहा…

Started by annapurna bajpai

0 Jul 29, 2013

बड़भागी बड़ा है जटायू जिसे [गीत ]

बड़भागी बड़ा है जटायू जिसे प्रभु की गोदी मिली , मरने के लिए , मरने के लिए । प्राण तन से चलें सामने हो प्रभु और क्या चाहिए , तरने के लिए , तरन…

Started by Neeraj Nishchal

0 Jul 26, 2013

सनातन भाव : दोहे (श्रीमद् भगवत गीता के कुछ श्लोकों का भावानुवाद)

(लम्बी बीमारी के कारण बाबा जी के स्वर्गवासोपरान्त अन्त्येष्ठादि कर्म से निवृत्त हुआ हूँ किन्तु मन में एक अजीब से अकुलाहट है, इसे दूर करने क…

Started by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी

6 Jul 5, 2013
Reply by बृजेश नीरज

व्रतोपासना

व्रतोपासना का महत्तवपूर्ण स्वरूप है – ‘ एक भगवान ही समस्त विश्व – चराचर के रूप मे अभिव्यक्त हैं , यह समझ कर किसी का अपमान , अनिष्ट न करके ,…

Started by annapurna bajpai

0 Jun 27, 2013

" राम नाम ही सत्य है " !! भजन !!

" राम नाम ही सत्य है  " !! भजन !!   राम नाम ही सत्य है, बाकी सब है झूठा । जोडी माया कुटुम्ब बनाया, एक पल मे सब छूटा ।   तिनका तिनका कर…

Started by बसंत नेमा

2 Jun 26, 2013
Reply by बसंत नेमा

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तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
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