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धार्मिक साहित्य Discussions (167)

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Discussions Replies Latest Activity

कर्ण का विवाह

प्रथम रुषाली कर्ण की पत्नी जिसे पितृ इच्छा से पाता दूसरी कहलाती सुप्रिया, खास भानुमती से जिसका नाता||   अंसावरी को वही बचाता था आतंकवादियों…

Started by PHOOL SINGH

0 Jan 8, 2024

भीष्म पितामह और केशव

ईश्वर कहती तुमकों केशव सृष्टि का तुम आधार बनो शंका में मैं पड़ा हूँ गहरी, हो सके तो इसका समाधान करों।।   पोता हूँ मैं आपका पितामह मुझसे यू…

Started by PHOOL SINGH

0 Jan 5, 2024

महावीर कर्ण और द्रौपदी

सशक्त जो बड़ी सुंदर प्यारी स्वयंवर की जिसके शोभा निराली मोहित करती हर नृप को, क्यूँ नियति के आगे सदा ही हारी।।   सौंदर्य की प्रतिमूर्ति खान…

Started by PHOOL SINGH

0 Jan 5, 2024

भगवान परशुराम और कर्ण

हवन की अग्नि बुझ चुकी थी अब कहाँ से आगे की शिक्षा पानी गुरू द्रोण ने इंकार किया तो, बात गुरु परशुराम की आनी॥   ढूँढता जाता खोजता फिरता शिक…

Started by PHOOL SINGH

0 Jan 4, 2024

महावीर कर्ण और दुर्योधन

सूर्यदेव का अंश कहलाया माता सती कुमारी जननी का क्षीर चखा न जिसने, था कवच-कुंडलधारी॥   अधिरथ-राधा ने था गोद लिया राधा माँ सुत वासुसेन को देख…

Started by PHOOL SINGH

0 Dec 29, 2023

वंदना- श्री गणेश

वंदना करूँ मैं गिरजालाल की सिद्धि विनायक बुद्धिनाथ की स्वर्ण मुकुट व नयन विशाला, तिलक-त्रिपुंड कृष्णपिंगाक्ष की||   सुंदर पीताम्बर तन सुशोभ…

Started by PHOOL SINGH

0 Dec 26, 2023

यक्ष और धर्मराज युधिष्ठिर संवाद

अपने इस काव्य पाठ का इस संवाद से आरंभ करता हूँ जीवन को अनमोल शिक्षा देता, संवाद युधिष्ठिर और यक्ष के बीच का कहता हूँ।।   गूढ रहस्य इस जीवनच…

Started by PHOOL SINGH

0 Dec 21, 2023

नगर सभ्यता के परित्यागी (शिवरात्रि विशेष)

नगर सभ्यता के परित्यागी।भोले  शंकर   शिव  बैरागी।।*जग जीवित हो कष्ट उठाया।कालकूट  को  कंठ समाया।।अजब अनौखी औघड़ माया।भक्त अभक्त हर कोई भाया…

Started by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

0 Feb 17, 2023

रक्ता छंद "शारदा वंदन"

(रक्ता छंद) ब्रह्म लोक वासिनी।दिव्य आभ भासिनी।।वेद वीण धारिणी।हंस पे विहारिणी।। शुभ्र वस्त्र आवृता।पद्म पे विराजिता।।दीप्त माँ सरस्वती।नि…

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

2 May 23, 2021
Reply by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

मकरन्द छंद "कन्हैया वंदना"

(मकरन्द छंद) किशन कन्हैया, ब्रज रखवैया,     भव-भय दुख हर, घट घट वासी।ब्रज वनचारी, गउ हितकारी,     अजर अमर अज, सत अविनासी।।अतिसय मैला, अघ ज…

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

0 May 14, 2021

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Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-129 (विषय मुक्त)
"नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं समस्त ओबीओ परिवार को। प्रयासरत हैं लेखन और सहभागिता हेतु।"
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey posted a blog post

नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ

सूर्य के दस्तक लगाना देखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठित जिस समय जग अर्थ ’नव’…See More
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"स्वागतम"
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"बहुत आभार आदरणीय ऋचा जी। "
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"नमस्कार भाई लक्ष्मण जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है।  आग मन में बहुत लिए हों सभी दीप इससे  कोई जला…"
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186
"हो गयी है  सुलह सभी से मगरद्वेष मन का अभी मिटा तो नहीं।।अच्छे शेर और अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई आ.…"
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186
"रात मुझ पर नशा सा तारी था .....कहने से गेयता और शेरियत बढ़ जाएगी.शेष आपके और अजय जी के संवाद से…"
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186
"धन्यवाद आ. ऋचा जी "
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186
"धन्यवाद आ. तिलक राज सर "
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186
"धन्यवाद आ. लक्ष्मण जी "
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Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186
"धन्यवाद आ. जयहिंद जी.हमारे यहाँ पुनर्जन्म का कांसेप्ट भी है अत: मौत मंजिल हो नहीं सकती..बूंद और…"
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Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-186
"इक नशा रात मुझपे तारी था  राज़ ए दिल भी कहीं खुला तो नहीं 2 बारहा मुड़ के हमने ये…"
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