For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भोजपुरी साहित्य Discussions (248)

← Back to भोजपुरी साहित्य
Featured Discussions

"ओ बी ओ भोजपुरी काव्य प्रतियोगिता" अंक-1

भोजपुरी साहित्य प्रेमी लोगन के सादर प्रणाम, जइसन कि रउआ लोगन के खूब मालूम बा, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार अपना सुरुआते से साहित्य-समर्थन आ साहि…

Started by AdminLatest Reply


मुख्य प्रबंधक

"OBO लाइव विश्व भोजपुरी कवि सम्मेलन" (Now Close)

भोजपुरी साहित्य प्रेमी लोगन के सादर परनाम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार पिछला कई महिना से हर महीने सफलता पूर्वक "OBO लाइव मुशायरा" अउर "OBO लाइ…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"Latest Reply

Discussions Replies Latest Activity

सदस्य टीम प्रबंधन

अपना बबुआ से // सौरभ

  कतनो सोचऽ फिकिर करब ना जिनिगी के हुलचुल ना छोड़ी कवनो नाता कवना कामें बबुआ जइबऽ जवना गाँवें जीउ जाँति के कतनो रहबऽ लोग न लगिहें तहरा ठावे…

Started by Saurabh Pandey

0 Jan 5

दियनवा जरा के बुझावल ना जाला

दियनवा जरा के बुझावल ना जाला  पिरितिया बढ़ा के घटावल ना जाला  नजरिया मिलावल भइल आज माहुर  खटाई भइल आज गौने क पाहुर  बन्हल गाँठ राजा छुड़ाव…

Started by आशीष यादव

0 Nov 20, 2025

सदस्य टीम प्रबंधन

गजल - सीसा टूटल रउआ पाछा // --सौरभ

२२ २२ २२ २२    आपन पहिले नाता पाछानाहक गइनीं उनका पाछा    का दइबा का आङन मीलल राहू-केतू आगा-पाछा  कवना बाग-बगइचा जाओपतझड़ लागल जेकरा पाछा  …

Started by Saurabh Pandey

0 Aug 13, 2025

सदस्य टीम प्रबंधन

गजल : निभत बा दरद से // सौरभ

जवन घाव पाकी उहे दी दवाई निभत बा दरद से निभे दीं मिताई    बजर लीं भले खून माथा चढ़ावत कइलका कहाई अलाई बलाई    बहाना बनाके कटावत बा कन्नी मने…

Started by Saurabh Pandey

2 Feb 5, 2025
Reply by Saurabh Pandey

वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम...

वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम , शहद में जहर मिलवलs कईलs अइसन काम, हमनी के विश्वास कईनीसन आँख बंद करी के , दुश्मन दोस्त खुबे लुटलs हमद…

Started by Rash Bihari Ravi

5 Oct 30, 2023
Reply by Riju Nag

भोजपुरी गजल

भोजपुरी गीतिका/गजलमनब कि ना मनब, तू बेशी अगरइब?आइल बा बुढ़ापा,अब गरहा में जइब।1 खोज तारअ फूल अब कहाँ पहुँचइब?नजर धुंधला गइल,सूँघब कि सटइब?2…

Started by Manan Kumar singh

0 Sep 28, 2022

सदस्य टीम प्रबंधन

भोजपुरी नवगीत - जे महाभारत मचल बा // सौरभ

जे महाभारत मचल बा बऽड़-बड़का खेत भइले.. आमजन के बात का ? जजबात का ? नस-धमनियन में बहत माहुर सभन के माथ से चुइ बन पसीना पोर-पोरे खात बा, चल र…

Started by Saurabh Pandey

0 Apr 4, 2022

सुनीं सुनीं सरकार : आशीष यादव

सुनीं सुनीं सरकार  हम बानी बेरोजगार  तनी सुनी ना पुकार  देई जिनिगी सुधार  फारम भरले साल बीतल  जिनिगी बेहाल बीतल  तोहरा के का बुझाई  जेकर ख…

Started by आशीष यादव

0 Jan 30, 2022

सदस्य टीम प्रबंधन

पापा के नाँवे // सौरभ

का बोलीं का हाल हम, रउरे पाटल खेतपापा अपना पूत के, सोचब दँवरी देत   टूसा-कोंढ़ी फूल-फल, अङनों अनधन बाढ़िपापा रउरा हाथ के, फुला रहल सभ डाढ़ि…

Started by Saurabh Pandey

4 Jul 14, 2021
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

गजल (भोजपुरी) // -सौरभ

१२२ १२२ १२२ १२२ रटौले रटल बा नियम का ह, मत का ? बुझाइल कबो ना सही का, गलत का ! सियासत के सोझगर गनितओ बुझाई गुना-भाग छोड़ीं, बताईं जुगत का ?…

Started by Saurabh Pandey

5 Feb 25, 2021
Reply by Aazi Tamaam

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
27 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रामबली गुप्ता's blog post कर्मवीर
"कर्मवीरों के ऊपर आपकी छांदसिक अभिव्यक्ति का स्वागत है, आदरणीय रामबली गुप्त जी.  मनहरण…"
5 hours ago
Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
9 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
9 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
9 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service