For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अजीत शर्मा 'आकाश'
  • Allahabad, U.P.
  • India
Share

अजीत शर्मा 'आकाश''s Friends

  • वेदिका
  • Saurabh Pandey

अजीत शर्मा 'आकाश''s Groups

 

अजीत शर्मा 'आकाश''s Page

Latest Activity

अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-98
"लाजवाब कहा है समर साहब आपने.... वाह वाह वाह !!!"
Aug 24
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"एडमिन महोदय से निवेदन है कि, कृपया आगामी मुशायरा शुक्रवार-शनिवार के स्थान पर शनिवार-रविवार को आयोजित करने के सुझाव पर पुनर्विचार करने की कृपा करें.... कम से कम रविवार का एक पूरा दिन तो हमें मिलेगा, इसमें शिरकत करने के लिए.... धन्यवाद !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"बहुत-बहुत आभार आपका आ0 तस्दीक़ साहब !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"हार्दिक आभार आ0 मोहन बेगोवाल जी !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आ0 समर साहब, ग़ज़ल पर सार्थक एवं अत्यावश्यक टिप्पणी हेतु आभारी हूँ.... आपका मार्ग-निर्देश निश्चित रूप से अमूल्य है..... हार्दिक आभार !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"ध्यानाकर्षण हेतु हार्दिक आभारी हूँ, भाई !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"हार्दिक आभार आपका, आ0 अंजलि गुप्ता जी !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"यह त्रुटि सम्भव है.... सुझाव के लिए हार्दिक आभार !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"जनाब अफ़रोज़ साहब, शेर के पहले मिसरे में हमीं शब्द का प्रयोग होने के कारण दूसरे मिसरे में इसका दुहराव मुझे जँचा नहीं.... दूसरे मिसरे में जब का दुहराव मुझे व्यक्तिगत रूप से अधिक अच्छा लगा, इसलिए ऐसा किया.... सुझाव के लिए हार्दिक आभार !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"उत्साहवर्द्धन हेतु अत्यन्त आभारी हूँ आ0 वन्दना जी !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"अत्यन्त आभार, भाई अमित जी !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"बहुत-बहुत आभार भाई, राज़ नवादवी जी !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"उत्साहवर्द्धन हेतु आपका बहुत आभारी हूँ, भाई, अजय गुप्ता जी !!!"
Jul 28
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"मैं संशोधन कर रहा था, लेकिन पता नहीं, क्यों नहीं हो पाया.... कृपया इसे ऐसे देखें- तुम जो शोलों को हवा दोगे यूँ ही, तो देखनासारे सुख जल जाएँगे, सपने धुआँ हो जाएँगे ।"
Jul 27
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"आभार !!!"
Jul 27
अजीत शर्मा 'आकाश' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-97
"o.k. sir !!!"
Jul 27

Profile Information

Gender
Male
City State
Allahabad U.P.
Native Place
Etawah
Profession
Service
About me
Kavi-Shair

अजीत शर्मा 'आकाश''s Blog

ग़ज़ल - देख लेना क्रान्ति अपनी रंग लायेगी ज़रूर

ग़ज़ल

 

देख लेना क्रान्ति अपनी रंग लायेगी ज़रूर

ये महा हड़ताल शासन को झुकायेगी ज़रूर

 

देखकर गहरा अंधेरा किसलिए मायूस हो

रात कितनी भी हो लम्बी भोर आयेगी ज़रूर

 

हौसला हालात से लड़ने का होना चाहिए

आयेंगे तूफ़ां तो कश्ती डगमगायेगी ज़रूर

 

अब बग़ावत पर उतर आओ सुनो पूरी तरह

वर्ना ये सत्ता तुम्हें  भी नोंच खायेगी ज़रूर

 

ये हमारी सारी माँगें मान तो ली जायेंगी

हाँ मगर सरकार हमको…

Continue

Posted on November 21, 2013 at 6:30am — 11 Comments

जुम्मन ख़ाँ (व्यंग्य -रचना)

__________________

जुम्मन ख़ाँ

__________________

अब तो थोड़ा सोचो और विचारो जुम्मन ख़ाँ

मेरी मानो अपना हाल सुधारो जुम्मन ख़ाँ .

 

सच्चाई को कब तक ओढ़ो और बिछाओगे

ख़ुदग़र्ज़ी से, मक्कारी से आँख चुराओगे

मुँह में रखकर राम बगल में छुरी नहीं रखते

नीयत कभी किसी की ख़ातिर बुरी नहीं रखते

निश्छल चेहरे पर छाया जो ये भोलापन है

सच मानो जुम्मन ख़ाँ सबसे शातिर दुश्मन है

थोड़ा सा तो डूबो धन-दौलत की चाहत में…

Continue

Posted on October 13, 2013 at 2:30pm — 12 Comments

ग़ज़ल

---------------------------

           ग़ज़ल

---------------------------

कैसा      भाईचारा     जी

रख दो  माल  हमारा  जी .

 

दिल का क्या कहना मानें

दिल  तो  है  आवारा  जी  .

 

शीशा तोड़ा,  क्या तोड़ा ?

तोड़ो  तम की  कारा  जी .

 

माल  अकेले  गपक गये 

तुम  सारे  का  सारा  जी .

 

जाओ,  कूद पड़ो  रण में

दुश्मन ने  ललकारा  जी .

 

पेट भरेगा…

Continue

Posted on October 1, 2013 at 8:00am — 14 Comments

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:14pm on October 18, 2013, वीनस केसरी said…

WAAH PHOTO LAG GAI :)))))))))

At 11:37pm on August 11, 2013, mrs manjari pandey said…

     धन्यवाद आदरणीय अजीत जी !

At 11:33am on July 11, 2013, वीनस केसरी said…

स्वागत स्वागत हार्दिक स्वागत

At 11:19am on July 11, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

आदरणीय अजीत ’आकाश’ भाईजी, आपका इस मंच पर हार्दिक स्वागत है. पूर्ण विश्वास है, इस मंच के साहित्याग्रही आपकी सुखकर रचनाओं का रसास्वादन करेंगे. 

शुभ-शुभ

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Harihar Jha commented on Harihar Jha's blog post अच्छे दिन थे
"आदरणीय समीर जी, नमस्कार। मुझे केवल एक बार ही दिख रही है। दो बार दिखने पर संपादन मंडल को एक हटा देने…"
36 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी प्रणाम , बेहद उम्दा ...बहुत बहुत बधाई आप को | सादर"
1 hour ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

2122 1212 22 सोचिये  मत   यहाँ  ख़ता  क्या  है । है  इशारा   तो   पूछना   क्या  है ।।अब…See More
4 hours ago
Samar kabeer commented on rajesh kumari's blog post नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )
"कोई बात नहीं बहना हो जाता है कभी कभी,ऐडिट कर दीजिये ।"
12 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )
"आद० समर भाई जी ये गीत आपको पसंद आया लिखना सार्थक हुआ .आपका कमेन्ट पढ़कर मैंने चेक किया तो ब्लॉग में…"
16 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )
"आद० अजय कुमार शर्मा जी आपका बहुत बहुत आभार "
16 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )
"आद० नरेंद्र सिंह जी आपका बहुत बहुत आभार "
16 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post दुर्गा - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी।आदाब।"
17 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post नाभी में लेकर कस्तूरी  तय करता मृग कितनी दूरी (गीत राज )
"आद० तेजवीर सिंह जी आपको गीत पसंद आया बहुत बहुत आभारी हूँ "
17 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ताक रही गौरैया प्यासी - गीत
"आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज'  जी शुभ संध्या , बहुत बहुत धन्यवाद आपका"
17 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ताक रही गौरैया प्यासी - गीत
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी शुभ संध्या , बहुत बहुत धन्यवाद आपका "
17 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ताक रही गौरैया प्यासी - गीत
"आदरणीय  Ajay Tiwari  जी शुभ संध्या , बहुत बहुत धन्यवाद आपका "
17 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service