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R.C.Singh
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R.C.Singh commented on Usha's blog post क्षणिकाएँ।
"आदरणीय उषा जी आपने अपनी इस मोहक कविता में वास्तव में भावों को शब्दों में इस तरह पिरोकर उदगारित किया है कि ये कहना गलत न होगा-रख दिया है कागज पर कलेजा निकालकर,आपके उदगार व्यावहारिक हैं । बधाई स्वीकारें।"
Nov 2, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
Meerut
Native Place
Hasanpur
Profession
Assistant Professor
About me
I am a self made person and wish to know the details of whatever come in my way. i want to be in a learning phase forever to upgrade myself

kavita

माँ बैठी थी आँगन मे,सोचे बिचारे अपने मन मे| 
एक फुहार यहाँ भी आएगी, मेरा भी तो हिस्सा है सावन मे || 
बेटा तुम जब घर आओगे, मेरे लिए खुशियाँ लाओगे| 
सब देखेंगे वह आया है, खुशियों की बारिश लाया है || 
टीनू, मीनू,बबलू,पिंकी सब बैठे हैं इंतजार मै| 
भैया फौज से घर आएगा,सबके लिए कुछ-कुछ लाएगा|| 
मै नचूंगीतू गाएगा,सबके मान को खूब भाएगा| 
सब खुश है तॉहफो के लिए. वह पागल बैठी है तेरे प्यारमे | 
                                                                 "मौलिक व अप्रकाशित"

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At 10:02pm on October 20, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 11:54pm on April 28, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय आर सी सिंह जी आपके द्वारा बहुत सुन्दर कविता पोस्ट की गई है -

माँ बैठी थी आँगन मे,सोचे बिचारे अपने मन मे| 

एक फुहार यहाँ भी आएगी, मेरा भी तो हिस्सा है सावन मे || 
इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई निवेदित है.
आपसे रचना पोस्ट करने विषयक जानकारी साझा करना चाहता हूँ. आपके द्वारा पोस्ट रचना आपके पन्ने पर है अतः इसे पाठक नहीं देख पाए. अतः आपसे निवेदन है कि रचना ब्लोग्स के अंतर्गत पोस्ट करें 
इसकी बड़ी सहज प्रक्रिया है सबसे पहले  ब्लोग्स पर क्लिक करे जो पेज खुलेगा उसके दाहिनें तरफ Add का बटन लिंक आएगा उसे क्लिक करने पर रचना पोस्ट करने हेतु बॉक्स आएगा जिसमे रचना पेस्ट करें शीर्षक कॉलम में रचना का शीर्षक लिखकर पब्लिश बटन दबाते ही आपका रचना का ब्लॉग पोस्ट हो जाएगा. आशा है शीघ्र ही आपकी मौलिक और अप्रकाशित रचना पढने मिलेगी.
सादर 
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

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