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Usha
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बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Usha's blog post फिर से जी लूँ ... अतुकांत कविता
"अच्छी कविता है आदरणीया..."
Sep 28
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post फिर से जी लूँ ... अतुकांत कविता
"इस लम्बी रात का सुंदर सवेरा हुआ,बादल छँट गए, इंद्रधनुष ने रंग बिखेर दिए। बहुत ही सुन्दर , उत्साव बर्धक पंक्ति , मन के संशय फिर भी बने रहते हैं जोकि स्वाभाविक है , दूसरी पंक्ति , कुल मिला कर बहुत ही गंभीर एवं आकर्षक रचना , हार्दिक बधाई , आदरणीय…"
Sep 25
Samar kabeer commented on Usha's blog post फिर से जी लूँ ... अतुकांत कविता
"मुहतरमा ऊषा जी आदाब,एक ही कविता को पटल पर दुबारा पोस्ट करने की ज़रूरत नहीं,अगर कोई ग़लती सुधारना हो तो पहली कविता को ही एडिट कर सकती हैं ।"
Sep 25
Usha posted blog posts
Sep 23
Usha commented on Usha's blog post फिर से जी लूँ ... अतुकांत कविता
"आदरणीय समर कबीर सर, मेरी अभिव्यक्ति पर आपकी सकारात्मक टिप्पणी मेरे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। साथ ही आपके सुझाव मेरी साहित्यिक कृतियों को सुंदर रूप देते हैं। मैंने कविता में संशोधन कर पुनः पोस्ट कर दी है। आपका हृदय से आभार। सादर।"
Sep 23
Samar kabeer commented on Usha's blog post फिर से जी लूँ ... अतुकांत कविता
"मुहतरमा ऊषा जी आदाब,अच्छी अतुकान्त कविता लिखी आपने,बधाई स्वीकार करें । 'उड़ने की ख़्वाहिश औ सारे ख़्वाब' ग़ज़ल और छन्द में 'और' शब्द की जगह 'औ' शब्द का प्रयोग उचित होता है,लेकिन अतुकान्त कविता में 'और' शब्द ही…"
Sep 23
Usha commented on Dr. Vijai Shanker's blog post क्षणिकाएं —डॉo विजय शंकर
"आदरणीय विजय शंकर सर, आपकी क्षणिकाएँ गहरे भाव लिये अति प्रभावी हुई हैं, बधाई स्वीकार करें। सादर।"
Sep 22
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post मेरे सवाल ... अतुकांत कविता
"आदरणीय सुश्री उषा जी , सुन्दर एवं आकर्षक प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई , सादर।"
Sep 20
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post मेरे सवाल ... अतुकांत कविता
"आदरणीय सुश्री उषा जी , सुन्दर एवं आकर्षक उपस्थिति के लिए हार्दिक बधाई , सादर।"
Sep 19
Usha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय गणेश जी "बागी" जी, कविता के माध्यम से की अभिव्यक्ति ख़ूबसूरत हुई है, यह जानकार हर्ष हुआ, भविष्य में और अच्छा करने का प्रोत्साहन मिला। मैं अंग्रेज़ी विषय की छात्रा व् प्राध्यापिका हूँ व् अधिकतर समस्त लेखन कार्य आंग्ल भाषा में ही करती…"
Sep 14
Usha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, सकारात्मक टिप्पणी के लिए आपका बहुत आभार। सादर।"
Sep 14
Usha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय सतविंद्र कुमार राणा जी, मेरी कविता अच्छी लगी आपको, हर्ष हुआ। धन्यवाद सर। सादर।"
Sep 14
Usha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय विजय शंकर सर, आपका हृदय से आभार। आपकी ही प्रेरणा का परिणाम है की मैं अपनी लेखनी पर विश्वास कर पायी। आपकी सकारात्मक टिप्पणी के लिए धन्यवाद। सादर।"
Sep 14
Usha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी, मेरी इस अभिव्यक्ति पर ऐसी सराहना ने मुझे प्रोत्साहित किया है। भविष्य में और बेहतर करने का प्रयास करती रहूंगी। सादर।"
Sep 14
Usha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी, छंद का मुझे अधिक ज्ञान नहीं किन्तु आपने अंग्रेज़ी साहित्य के महान निबंधकार फ्रांसिस बेकन की भांति बड़ी सारी बातों को अत्यंत कुशलता से चंद पंक्तियों में व्यक्त कर ख़ूबसूरत रचना की है। बधाई स्वीकार करें सर।"
Sep 13
Usha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी, मेरी कविता के भावों को मान देने व मेरे प्रयास को सराहने के लिए हृदय से आपका आभार व्यक्त करती हूँ। धन्यवाद् सर। सादर।"
Sep 13

Profile Information

Gender
Other
City State
Meerut
Native Place
Firozabad
Profession
Assistant Professor - English
About me
Apart from teaching English literature, I am fond of training students for personality development skills. Love to compose short stories and poems in Hindi and English both languages. I bag three books to my account out of which, the latest one is a fiction "Her Life... His Ways...!!!" based upon true incidents.

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फिर से जी लूँ ... अतुकांत कविता

ज़िम्मेदारियों में उलझी ज़िंदगी,

सरक-सरक कर गुज़रने लगी।

हादसों का सिलसिला ऐसा चला,

उम्र का अहसास गहराता गया।

उड़ने की ख़्वाहिश और सारे ख़्वाब,

कहीं घुप अंधेरे में आंखें मूंदे बैठ गए।

अचानक तेज़ हवा के झोंके ने,

यूँ छू दिया कि नये अरमान उमड़ पड़े।

इस लम्बी रात का सुंदर सवेरा हुआ,

बादल छँट गए, इंद्रधनुष ने रंग बिखेरे।

फिर से जी लूँ, दिल ने तमन्ना की,

ऐ हवा के हसीं झोंके, रूख़ ना बदल लेना…

Continue

Posted on September 23, 2019 at 3:22pm — 3 Comments

फिर से जी लूँ ... अतुकांत कविता

ज़िम्मेदारियों में उलझी ज़िंदगी,

सरक-सरक कर गुज़रने लगी।



हादसों का सिलसिला ऐसा चला,

उम्र का अहसास गहराता गया।



उड़ने की ख़्वाहिश औ सारे ख़्वाब,

कहीं घुप अंधेरे में आंखें मूंदे बैठ गए।



अचानक तेज़ हवा के झोंके ने,

यूँ छू दिया कि नये अरमान उमड़ पड़े।



इस लम्बी रात का सुंदर सवेरा हुआ,

बादल छँट गए, इंद्रधनुष ने रंग बिखेरे।



फिर से जी लूँ, दिल ने तमन्ना की,

ऐ हवा के हसीं झोंके, रूख़ ना बदल लेना ।

मौलिक…

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Posted on September 22, 2019 at 2:14pm — 2 Comments

मेरे सवाल ... अतुकांत कविता

मेरे सवाल .... अतुकांत कविता



वो तेरी प्यार भरी बातें,

तेरा रौबीला रूप,

गज़ब की मुस्कान औ दंभ,

बहुत रोका, बहुत सँभाला,

कुछ भी ना कर सकी,

ख़ुद ही ख़ुद से हार गयी।

अब वो प्यारी बातें मेरी हुईं,

तेरा रौब, मेरा सौंदर्य साथ हुए,

तू मुस्कुराया, में खिलखिलाकर हंसी,

तेरा वो दंभ, मेरा हुआ,

सात फेरों ने ज़िन्दगी दी,

तू मेरा औ मैं तेरी हुई।

कहा किया सदा, साथ ना छूटेगा,

मैं अकेली पड़…

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Posted on September 7, 2019 at 3:30pm — 2 Comments

तू है यहीं..।।

तू है यहीं..।।

दिन नया-नया सा है, ख़्वाहिशें सब पुरानी सी।

तेरा इंतज़ार था, इंतज़ार है, और इंतज़ार रहेगा।।

चाहतें हैं जो बदलती नहीं, आहें हैं, मिटती नहीं।

अहसास करवटें बदल-बदल कर सताते हैं।।

हर शाम पूछती है, बेधड़क दरवाज़ा खटखटाती है।

वो ख़ुद लौटा है, या सिर्फ़ उसकी यादें लौटी है?

यादें और यादें, तुम ही रुक जाओ, कम्बख़्त ।

मुस्कराहटें ना सही, आँसू ही दे जाओ ज़रा।।

हर मशविरा वो देता है, आगे बढ़ जाओ।

बतला…

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Posted on September 3, 2019 at 10:30am — 4 Comments

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At 12:57pm on September 7, 2019, Usha said…

आदरणीय विजय शंकर सर, मेरी कविता पर बधाई के लिए धन्यवाद। सादर।

At 12:56pm on September 7, 2019, Usha said…

आदरणीय समर कबीर सर, प्रोत्साहन के लिए शुक्रिया। जी, भविष्य में अवश्य ध्यान रखूंगी। अभी अतुकांत कवितायेँ ही लिखने का प्रयास कर प् रही हूँ। सादर।

 
 
 

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