For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

प्रदीप देवीशरण भट्ट
  • Male
  • हैदराबाद (तेलांगाना)
  • India
Share

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Friends

  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Samar kabeer
 

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Page

Latest Activity

प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

मेरे प्रिय विभु मेरे प्रिय मोरांडी-

(13 अगस्त-2018-इटली का मोरांडी पुल हादसा) अटठावन वर्ष की उम्र भी कोई उम्र होती हैना तो पूर्ण  रुपेण युवा और ना ही पूरे वृद्धतुम्हारा यूँ इस तरह अकस्मात ही चले जानापूरे शहर को कर गया है अचम्भित और विक्षिप्तपसर गई है चारों ओर  निरवता और खौफजो गिरने के जिम्मेदार हैं वो घूम रहे हैं बेलौफ साठ बरस पहले तुम थे सुंदर प्यारे शिशुनाम दिया था मैंने तुमको विभा का विभुतब तुम थे सबके लिए एक अबूझ पहेलीहम लोहे और सीमेंट के संग करते थेअट्खेलीमैं किसी की दोस्त थी और किसी की सहेलीतेरी ओट में हमने कितनी बरसातें…See More
yesterday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post एक ग़ज़ल इस्लाह के लिए मनोज अहसास
"वाह बहुत खूब"
Friday
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Manoj kumar Ahsaas's blog post on Facebook
Friday
Pratibha Pandey commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post नया भारत
"आदरणीय प्रदीप जी नमस्कार बहुत ही अच्छी कविता , बधाई स्वीकार करें  साथ ही "वियोग " के लिए भी हार्दिक आभार "
Friday
Pratibha Pandey commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post नया भारत
"आदरणीय प्रदीप जी नमस्कार बहुत ही अच्छी कविता , बधाई स्वीकार करें  साथ ही "चाँद सितारे " के लिए भी हार्दिक आभार "
Friday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Pratibha Pandey's blog post वियोग
"कृपया इसे यूँ कर लें " बस तुम्हारी लगाई बगिया को सहेज रहा हूँ" बधाई,"
Friday
प्रदीप देवीशरण भट्ट shared Pratibha Pandey's blog post on Facebook
Friday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post नया भारत
"शुक्रिया धामी जी,"
Friday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post नया भारत
"आ. भाई प्रदीप देवीशरण जी, सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Friday
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

नया भारत

बरसों से जो ख्वाब थे देखे, पूरे हमने कर डाले मंसूबे हर एक दुश्मन के, बिना सर्फ़ के धो डाले धाराओं के जाल में, मज़लूमों का जो हक थे मार रहे हमने ऐसी धाराओं के हर्फ वो सारे धो डाले सदियों से जो जमी हुई थी, साफ़ नही कर पाया कोई हमने ऐसी जमी मैल के, बर्फ वो सारे धो डाले तीन दुकाने चलती रहती थीं, कश्मीर की घाटी में हमने ऐसे बीन बीन कर, ज़र्फ वो सारे धो डाले बार बार समझाया सबको, पर वो समझ नही पाए हमने 'दीप' फ़िर मजबूरी में कम-ज़र्फ़ वो धो डाले -प्रदीप देवीशरण भट्ट- मौलिक व अप्रकशित सर्फ- फ़ेनिल…See More
Thursday
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post मैं कोई तारा नही खुर्शीद हूँ
"लक्ष्मण जी शुक्रिया, मैं इस विद्या का एक विद्यार्थी हूँ, प्रयास करता रहता हूँ।"
Aug 9
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post मैं कोई तारा नही खुर्शीद हूँ
"समर जी शुक्रिया, मैंने आपको एक व्याक्तिगत संदेश इसी आशय से दिया था कि कृपया आप अपना मोबाइल नम्बेर दे देवें ताकि पोस्ट करने से पूर्व मैं आपसे इस्लाह करा सकूँ। गज़ल लिखने का प्रयास करता हूँ किंतु कई बार कुछ दिक्कत आ जाती है जिससे इस्लाह की ज़रुरत पड्ती…"
Aug 9
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post मैं कोई तारा नही खुर्शीद हूँ
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अगर ये ग़ज़ल है तो इसमें मतला नहीं है,और क़ाफ़िया दोष भी है,बहरहाल इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 8
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post मैं कोई तारा नही खुर्शीद हूँ
"आ. भाई प्रदीप जी, गजल का अच्छा प्रयास हुआ है। हार्दिक बधाई। कई शेर रदीफ दोष लिए हैं देखिएगा।"
Aug 7
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post शहर के हंकाई
"सुन्दर "
Aug 6
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post बच्चा ज्यों-ज्यों होता बडा
"सुन्दर रचना "
Aug 6

Profile Information

Gender
Male
City State
हैदराबाद
Native Place
रुडकी (उत्तराखंड)
Profession
Government
About me
Superintendent in KVIC, हैदराबाद

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Blog

मेरे प्रिय विभु मेरे प्रिय मोरांडी-

(13 अगस्त-2018-इटली का मोरांडी पुल हादसा)

 

अटठावन वर्ष की उम्र भी कोई उम्र होती है

ना तो पूर्ण  रुपेण युवा और ना ही पूरे वृद्ध

तुम्हारा यूँ इस तरह अकस्मात ही चले जाना

पूरे शहर को कर गया है अचम्भित और विक्षिप्त…

Continue

Posted on August 19, 2019 at 5:00pm

नया भारत

बरसों से जो ख्वाब थे देखे, पूरे हमने कर डाले

मंसूबे हर एक दुश्मन के, बिना सर्फ़ के धो डाले



धाराओं के जाल में, मज़लूमों का जो हक थे मार रहे

हमने ऐसी धाराओं के हर्फ वो सारे धो डाले



सदियों से जो जमी हुई थी, साफ़ नही कर पाया कोई

हमने ऐसी जमी मैल के, बर्फ वो सारे धो डाले



तीन दुकाने चलती रहती थीं, कश्मीर की घाटी में

हमने ऐसे बीन बीन कर, ज़र्फ वो सारे धो डाले



बार बार समझाया सबको, पर वो समझ नही पाए

हमने 'दीप' फ़िर मजबूरी में कम-ज़र्फ़…

Continue

Posted on August 15, 2019 at 9:00am — 3 Comments

मैं कोई तारा नही खुर्शीद हूँ

मुझसे ना उलझे कोई ये जान ले

मैं कोई श्लाघा नही ताकीद हूँ

तेरी मंज़िल तक तुझे पहुँचाऊगाँ

मैं कोई छलिया नही मुर्शिद हूँ

हंस रहे हैं मुझपे वो ये जान…

Continue

Posted on August 6, 2019 at 4:30pm — 5 Comments

शहर के हंकाई

लहू बुज़ुर्गो का मिट्टी में बहाने वालो

दागदारोँ को सरेआम बचाने वालो

बच्चोँ के हाथ में शमशीर थमाने वालो

बात फूलोँ की तुम्हारे मुँह से नहीं अच्छी लगती



खुदा के नाम पे दुकानों को चलाने वालो

धर्म् के नाम पर इंसा को बाँट्ने वालो…

Continue

Posted on July 30, 2019 at 12:30pm — 3 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:12am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव left a comment for Pratibha Pandey
"आई० आपको मित्र के रूप में पाना मेरा सौभाग्य है  i आपकी लेखनी उर्वर बनी रहे i सादर i "
15 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव and Pratibha Pandey are now friends
15 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? (५७)

एक गीत प्रीत का --------------------क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? पलकों के…See More
21 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर प्रणाम।  ट्रेन में हूँ.. तमिलनाडु एक्सप्रेस में। नई दिल्ली से भोपाल तक। नेट आ-जा रहा है।…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदाब। जी। निरंतरता व आप सभी का सान्निध्य व मार्गदर्शन आवश्यक है। अंतिम दो पंक्तियाँ महज तुकबंदी रह…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"ओबीओ 'चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव का समापन हुआ शुभ, शुभातिशुभ"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभ रात्रि।"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहों पर अभ्यास हो, लेकर सुन्दर भाव । बार-बार रचते रहें, और बढेगा चाव ।। आदरणीय भाई शैख़…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जय हो.. "
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदाब। मेरी सहभागिता/अभ्यास रचना पर अपना त्वरित अमूल्य समय देकर.सुंदर प्रोत्साहक प्रतिक्रिया व…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर,  गुरुवर यदि संतुष्ट हों तब यह मेरे लिए किसी उपहार से कम नहीं है. प्रस्तुत…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"रचना सम्यक हो गयी, बना रहे अभ्यास  छंद सहज है जानिए, यह भी आये रास ..  बधाई, आदरणीय शेख…"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service