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प्रदीप देवीशरण भट्ट
  • Male
  • हैदराबाद (तेलांगाना)
  • India
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प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Ashok Kumar Raktale's blog post गज़ल
"बहुत सारी शिकायतों का गज़ल में सुंदर समावेष किया है अशोक जी बधाई"
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प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on Dr.Prachi Singh's blog post तुम आओ तो...
"बहुत खूब प्राची जी सुंदर गीत रचना हुई बधाई।"
Oct 7
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on SALIM RAZA REWA's blog post सुख उसका दुख उसका है - सलीम 'रज़ा' रीवा
"बेहतरीन रज़ा जी"
Oct 7
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प्रदीप देवीशरण भट्ट and Pratibha Pandey are now friends
Oct 7
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post प्रतीक्षा
"जनाब प्रदीप जी आदाब,अच्छी रचना है,बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 29
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post प्रतीक्षा
"बढ़िया आदरणीय भट्ट जी"
Sep 28
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post शमा और मैं
"खूबसूरत प्रयास के लिए बधाई भट्ट साहब.."
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प्रदीप देवीशरण भट्ट posted blog posts
Sep 26
प्रदीप देवीशरण भट्ट commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post ज़िंदगी तू क्यूँ उदास है-
"आभार समर जी, कृपया रोटियाँ गोटियाँ पर कुछ सुझाव दें"
Sep 23
vijay nikore commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post -गुरु दिवस
"सुन्दर रचना के लिए बधाई, आदरणीय प्रदीप जी"
Sep 12
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post ज़िंदगी तू क्यूँ उदास है-
"जनाब प्रदीप जी,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई ।"
Sep 10
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post रोटियाँ
"जनाब प्रदीप जी आदाब,ग़ज़ल अभी समय चाहती है,बह्र भी गड़बड़ है,और क़वाफ़ी भी दुरुस्त नहीं हैं,देखियेगा ।"
Sep 9

Profile Information

Gender
Male
City State
हैदराबाद
Native Place
रुडकी (उत्तराखंड)
Profession
Government
About me
Superintendent in KVIC, हैदराबाद

प्रदीप देवीशरण भट्ट's Blog

प्रतीक्षा

मैंने ढेरों पत्र लिखे तुमको

उत्तर जिनका अपेक्षित है

तुम व्यस्त हो गये हो शायद

या पता पता तुम्हारा है बदला

लिखते ऊँगली के पोर दुखे

मन करता लेकिन और लिखे

इसलिए डायरी लिख डाली…

Continue

Posted on September 25, 2019 at 12:30pm — 2 Comments

शमा और मैं

शमा जली, उठा धुँआ 

तुम वहाँ औऱ मैं यहाँ 

सोचती हूँ के क्या लिखूं 

जिस्म यहाँ औऱ दिल वहाँ

पकड़ी क़लम ने उंगलियां 

टो सुझा नहीं के क्या लिखें 

तेरी अधूरी दास्तां या फ़िर …

Continue

Posted on September 23, 2019 at 6:30pm — 1 Comment

ज़िंदगी तू क्यूँ उदास है-

जिंदगी ये तो बता, तू इतनी क्यूँ उदास है

मुझसे है नाराज़ या फिर,औऱ  कोई बात है

मैंने तो तुझसे कभी कुछ खास मांगा भी नहीं

ले रही फिर बारहा तू लंबी क्यूं उच्छवास है

जो तेरी ख़्वाहिश थी शायद वो मिला तुझको नहीं

फ़िक्र ना कर तेरे…

Continue

Posted on September 9, 2019 at 11:00am — 2 Comments

रोटियाँ

पेट हो खाली तो फिर कैसे खेले गोटियां
अब मयस्सर हैं बस ख्व़ाब में ही रोटियाँ
.
तुम्हें मुबारक हो शाहों की दावतें हमको
मिल जाएँ खाने को दो चार सूखी रोटियाँ
.
माल…
Continue

Posted on September 6, 2019 at 12:30pm — 1 Comment

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At 7:12am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

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