For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

It's Manan Kumar singh's birthday today!

Manan Kumar singh
  • बिहार
  • India
Share

Manan Kumar singh's Friends

  • सुरेश कुमार 'कल्याण'
  • Dipu mandrawal
  • Nidhi Agrawal
  • डिम्पल गौड़ 'अनन्या'
  • Samar kabeer
  • pratibha tripathi
  • Hari Prakash Dubey
  • somesh kumar
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • MUKESH SRIVASTAVA
  • गिरिराज भंडारी
  • Meena Pathak
  • Dr.Prachi Singh
  • MAHIMA SHREE
  • rajesh kumari
 

Manan Kumar singh's Page

Latest Activity

Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)
"आभारी हूँ आदरणीय उस्मानीजी। ऐसी लघुकथा के बारे में पहले भी विचार उभरा था,पर आदरणीय योगराज जी के द्वारा मुक़र्रर विषय नें उमड़ते-घुमड़ते विचारों को और सुदृढ़ कर दिया और यह लघुकथा उभर आई,सादर।"
Dec 31, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)
"आदरणीया बबिता जी!हकीकतन कह लें इसे,सादर।"
Dec 31, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)
"आदरणीय महेंद्र जी! दवाओं के साथ उनका संक्षिप्त चारित्रिक गुण इंगित है,सादर।आपका आभारी हूँ।"
Dec 31, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)
"आदरणीय सुकुल जी,प्रोफेसर साहब की चेतना को जागृत करती आपका लघुकथा सराहनीय है,सादर।"
Dec 31, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)
"मसलन मनु की चेतना सुप्त हो गई क्या,जगने के बदले,आदरणीय मुजफ्फर जी?विद्य बड़ा गूढ़ और झकझोड़ने वाला रहा,पर ध्येय समय के प्रवाह में बह गया।पुनः लिखा जाए,तो शायद बेमिसाल रचना हो,शुक्रिया बधाई आपको।हाँ, व्याकरण संबंधी तथ्यों पर गौर करना लाजिमी है,सा…"
Dec 31, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-45 (विषय: चेतना)
"संपूर्ण चिकित्सा ----......हाँ हाँ चलो, बीमारी की दवा दो भाई।-बिना कारण जाने?-और क्या?तकलीफ तो बता दी न मैंने?-हाँ,पर शुरुआत कब,कैसे हुई यह जानना जरूरी है।-और याद न हो तब?-अच्छा,कोई बात नही।अभी आप कैसा महसूस कर रहे हैं?-यानी?-जैसे चेहरे पर आयी…"
Dec 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय योगराज जी।निश्चित तौर पर संपादन के उपरांत लघुकथा बेहतर होगी।आपकी स्वीकृति ज्यादा महत्वपूर्ण है,सादर।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आदरणीया नीलमजी,आभार आपका।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आभारी हूँ आदरणीया।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आदरणीया अर्चना जी,आपका बहुत बहुत शुक्रिया।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"बहुत बहुत आभार आदरणीय उस्मानी जी।"
Nov 30, 2018
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-44 (विषय: परिणाम)
"आटा --- जाँता( चक्की) चल रहा था।आटा नहीं निकल रहा था।या निकलता भी तो बहुत कम।बहू परेशान थी।चक्की चलाते-चलाते दम निकला जा रहा था।चँगेली का गेहूँ खत्म होने वाला था।सास बीच-बीच में आकर हुलक जाती।एक तिरछी-सी मुस्कान फेंक चली भी जाती,बिना कुछ कहे।बहू…"
Nov 29, 2018
डिम्पल गौड़ 'अनन्या' and Manan Kumar singh are now friends
Nov 15, 2018

Profile Information

Gender
Male
City State
Mumbai
Native Place
E 52 Krishna Apt , Patna
Profession
Service
About me
A poet/ Writer

Manan Kumar singh's Photos

  • Add Photos
  • View All

Manan Kumar singh's Blog

गजल(जैसे तैसे बात बनी है...)

22  22  22 22

जैसे-तैसे बात बनी है

रमई चादर हाथ लगी है।1

मंदिर-मंदिर घूम रहा मैं

चमचा-चमचा आस पली है।2

'बबुआ काम करेगा बढ़कर',

'दादाओं' ने बात कही है।3

'मम्मी' का मैं राजदुलारा

लगता, 'पगड़ी' माथ चढ़ी है।4

अपनी कुर्सी पर बैठा 'वह'

दिल में कितनी बात खली है!5

साँझ-सबेरे ईश-विनय कर

'राम-रमा' में प्रीत जगी है।6

रंगे आज सियार बहुत हैं

मुझपर सबकी आँख लगी है।7

चोट…

Continue

Posted on November 11, 2018 at 11:08am — 6 Comments

गजल(उठे हैं.....)

122 122  122 12

उठे हैं किसी को गिरा के मियाँ

चले पाग सर पे सजा के मियाँ।1

कहा था, डरेगा न कोई यहाँ

रहे खुद को हाफ़िज बना के मियाँ।2

रहेगा न सूखा शज़र एक भी--

कहें नीर सारा सुखा के मियाँ।3

मिटी भूख उनकी हुए सब सुखी

चहकते चले माल खा के मियाँ।4

किये लाख सज़दे, मिले कब सनम?

गये थे कभी सर नवा के…

Continue

Posted on October 29, 2018 at 7:15am — 10 Comments

गजल(था कभी...)

2122 2122 2122 212
था कभी कितना नरम वह! हर कदर आखर हुआ
जब हवाओं ने छुआ तब पात वह जर्जर हुआ।1

सूख जाती है सियाही आजकल जल्दी यहाँ
ख्वाहिशों के फ़लसफों पे आदमी निर्झर हुआ।2

मिट्टियों की कौन करता है यहाँ पड़ताल भी
हर शज़र गमला सजा आकाश पर निर्भर हुआ।3

जो उड़ाता था वहाँ बेपर घटाओं को कभी
देखते ही देखते वह आजकल बेपर हुआ।4

वक्त की मदहोशियाँ क्या-क्या करा देतीं यहाँ
गर्द के बस ढ़ेर जैसा एक दिन अकबर हुआ।5
"मौलिक व अप्रकाशित"

Posted on October 23, 2018 at 10:00am — 5 Comments

गजल(डरे जो बहुत....)

122 122  122  12
डरे जो बहुत,बुदबुदाने लगे
मसीहे,लगा है, ठिकाने लगे।1

तबाही का' आलम बढ़ा जा रहा
चिड़ी के भी' पर फड़फड़ाने लगे।2

नचाते रहे जो हसीं को बहुत
सलीके से' नजरें चुराने लगे।3

नहीं कुछ किया,कहते' आँखें भरीं
गये वक्त अब याद आने लगे।4

उड़ाते न तो कोई' उड़ता कहाँ?
यही कह सभी अब चिढ़ाने लगे।5
"मौलिक वअप्रकाशित"

Posted on October 15, 2018 at 9:53pm — 6 Comments

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 11:03pm on September 17, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
आदरणीय
श्री मनन कुमार सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन
At 8:47pm on May 24, 2015, kanta roy said…
स्वागत आपका दोस्त
At 5:20pm on April 12, 2015, Manan Kumar singh said…
आदरणीय गोपालजी, आपकी मित्रता मेरे लिए अमूल्य है।
At 8:29pm on April 7, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आ0 मनन जी

आपकी मित्रता मेरा गौरव है . सादर .

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on rajesh kumari's blog post एक रदीफ़ पर दो ग़ज़लें "छत पर " (गज़ल राज )
"बहना राजेश कुमारी जी आदाब,दोनों ग़ज़लें अच्छी  हुई हैं,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ…"
5 hours ago
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post एक ग़ज़ल मनोज अहसास
"जनाब मनोज अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन लगता है जल्द बाज़ी में पोस्ट की है,बधाई स्वीकार…"
5 hours ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post झूठ फैलाते हैं अक़्सर जो तक़ारीर के साथ (१५)
"आप दोनों की महब्बत के लिए शुक्रगुज़ार हूँ"
6 hours ago
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'उसे है ख़ास…"
6 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post तीन क्षणिकाएं :
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी क्षणिकाएँ हुई हैं,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

गद्दार बन गये जो ढब आदर किया गया - गजल

२२१/२१२१/ २२२/१२१२ पाषाण पूजने को जब अन्दर किया गया हर एक देवता को तब पत्थर किया गया।१। उनके…See More
6 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'गठरी, छतरियां और वह' (लघुकथा)
"आदाब। बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब इस हौसला अफ़ज़ाई हेतु।"
9 hours ago
Md. anis sheikh commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post झूठ फैलाते हैं अक़्सर जो तक़ारीर के साथ (१५)
"आप का ही नहीं गहलोत जी हमारा भी यही हाल है अपनी गलती दिखाई नहीं देती ,और बात सिर्फ गलती पकड़ने कि…"
10 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (दिल ने जिसे बना लिया गुलफाम दोस्तो)
"जनाब राज़ नवाद्वी साहिब, ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
11 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari posted a blog post

एक रदीफ़ पर दो ग़ज़लें "छत पर " (गज़ल राज )

१.हास्य उठाई है़ किसने ये दीवार छत पर  अब आएगा कैसे  मेरा यार छत पर  अगर उसके वालिद  का ये काम…See More
16 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post लंगडा मज़े में है (हास्य व्यंग ग़ज़ल 'राज')
"आद० फूल सिंह जी हार्दिक आभार बहुत बहुत शुक्रिया "
17 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on rajesh kumari's blog post लंगडा मज़े में है (हास्य व्यंग ग़ज़ल 'राज')
"आद० नरेन्द्र सिंह जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया "
17 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service