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Usha Awasthi's Blog – April 2020 Archive (4)

पर्यावरण सुरक्षा

आज धरती धन्य है , उसका हृदय प्रमुदित हुआ

स्वच्छ वायु , स्वच्छ जल , पर्यावरण निर्मल हुआ

गर यही स्थिति रही तो संक्रमण मिट जाएगा

यदि पुनः मानव ना अपनी गलतियां दोहराएगा

क्या कभी नभ सर्वदा उज्ज्वल धुला  रह पाएगा ?

या कि फिर से धुन्ध का अजगर निगल ले जाएगा

है यही सपना निशा में दमकते नक्षत्र हों

चँहु दिशा पंछी चहकते उपवनों में मस्त हों

शुद्ध हो वातावरण , कैसे ? बड़ों से ज्ञान लें

उनकी अनुभव जन्य ज्ञान मशाल…

Continue

Added by Usha Awasthi on April 27, 2020 at 7:39pm — 6 Comments

गुलमोहर

रक्त वर्ण इन पुष्प गुच्छ से

तुमने जो श्रृंगार किया

तपती गर्म दोपहरी को भी 

है तुमने रसधार किया

लू के गर्म थपेड़ों से

बच रहने का उपचार किया

नारंगी और पीत रंग के

भावों से मनुहार किया

पथिकों को विश्राम , पंछियों को

आश्रय , उपहार दिया

जिस धरती से अंकुर फूटा 

उसका कर्ज़ उतार दिया

मौलिक एवं अप्रकाशित

Added by Usha Awasthi on April 22, 2020 at 12:45pm — No Comments

इच्छा नहीं

तर्क यदि दे सको तो

बैठो हमारे सामने

व्यर्थ  के उन्माद में , अब

पड़ने की इच्छा नहीं

यदि हमारी संस्कृति को

कह वृथा , ललकारोगे

ऐसे अज्ञानी मनुज से 

लड़ने की इच्छा नहीं

सर्व ज्ञानी स्वयं को

औरों को समझें निम्नतर

जिनके हृद कलुषित , है उनको

सुनने की इच्छा नहीं

व्यर्थ के उन्माद में , अब

पड़ने की इच्छा नहीं

मौलिक एवं अप्रकाशित

Added by Usha Awasthi on April 15, 2020 at 8:32pm — 8 Comments

सहज शान्ति भरपूर

सीख अनर्गल दे रहे , बढ़-चढ़ बारम्बार

हमको भी अधिकार है , करने का प्रतिकार

केवल जिभ्या चल रही , करें न कोई काज

नित्य करें अवमानना , सारी लज्जा त्याग

अस्थिरता फैला रहे , करते व्यर्थ प्रलाप

गिद्ध दृष्टि बस वोट पर , अन्य न कोई बात

जब है विश्व कराहता , बढ़े भयंकर रोग

केवल बस आलोचना , नहीं कोई सहयोग

शान्थि समर्थक को समझ पत्थर , रगड़ें आप

प्रकटेगी शिव रोष की अगनि , भयंकर ताप

उसमें  सारा भस्म…

Continue

Added by Usha Awasthi on April 13, 2020 at 12:08pm — 2 Comments

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