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Sushil Sarna's Blog – August 2022 Archive (4)

वरिष्ठ नागरिक दिवस पर कुछ दोहे. . .

वरिष्ठ नागरिक दिवस पर कुछ दोहे :

अपने बेगाने हुए, छोड़ा सबने साथ ।

हाथ काँपते ढूँढते, अब अपनों का हाथ ।1।

बरगद बूढ़ा हो गया, पीत हुए सब पात ।

मौसम बीते दे गए, अश्कों की सौगात ।2।

वृद्धों को बस चाहिए, थोड़ा सा सम्मान ।

अवसादों को छीन कर , उनको दो मुस्कान ।3।

बहते आँसू कह रहे, व्यथित हृदय की बात ।

जरा काल में ही दिए, अपनों ने आघात ।4।

कौन मानता है भला, अब वृद्धों की बात ।

बात- बात पर  अब मिले,…

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Added by Sushil Sarna on August 21, 2022 at 1:00pm — 4 Comments

जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ दोहे

मन्द -मन्द मुस्का रहे, पलने में गोपाल  ।

देख - देख गोपाल को, जीवन हुआ निहाल।।

ढोल नगाड़े घंटियाँ, जयकारे का शोर ।

दिग दिगंत से देवता, देखें नन्द किशोर ।।

माँ से माखन माँगता, जग का पालनहार ।

माँ अपने गोपाल को, माखन दे सौ बार ।।

माखन खाते लाल को , मैया रही निहार ।

उसकी तुतली बात पर, माँ को आता प्यार ।।

पाप हरन के वास्ते, हुआ कृष्ण अवतार ।

कान्हा अपने भक्त का, सदा करें उद्धार ।।

ठुमक - ठुमक…

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Added by Sushil Sarna on August 19, 2022 at 3:00pm — 4 Comments

आजादी का अमृत महोत्सव ....

आजादी के  अमृत महोत्सव के अवसर पर कुछ दोहे .....

सीमा पर छलनी हुए, भारत के जो वीर ।

याद करें उनको जरा, भर आँखों में नीर ।।

रक्त लिप्त कुर्बानियां ,मिटने के उन्माद ।

फाँसी चढ़ कर दे गए, हमें वतन आजाद ।।

आजादी की जंग के, वीर रहेंगे याद ।

उन वीरों के स्वप्न का, ध्वज करता अनुवाद ।।

केसरिया तो रंग है, साहस की पहचान ।

श्वेत शान्ति का दूत है, हरा धरा की शान ।।

रंग तिरंगे के बने, भारत की पहचान ।

घर-घर…

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Added by Sushil Sarna on August 15, 2022 at 2:47pm — 2 Comments

राखी पर कुछ दोहे. . . .

राखी पर कुछ दोहे. . . .

भाई बहिन के प्यार का, राखी है त्योहार ।

पावन धागों में छुपी , बहना की मनुहार ।।

बहना भेजे डाक से, भाई को सन्देश ।

राखी भैया बाँधना, मैं बैठी परदेश ।।

रंग बिरंगी राखियाँ, रिश्तों का संसार ।

धागों में है छुपी हुई, बहना की मनुहार  ।।

राखी ले कर भ्रात के, बहना आई द्वार ।

तिलक लगाती माथ पर, देती दुआ हजार ।।

बहना चाहे भ्रात का, सुखी रहे परिवार ।

रिश्तों में चलती रहे, मीठी मधुर…

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Added by Sushil Sarna on August 11, 2022 at 1:02pm — 2 Comments

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