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गज़ल -14( खुदा की सारी रहमत इश्क के आँचल में रहती है)

1222-1222-1222-1222

अगर दिल को अदब औ शायरी से प्यार हो जाए
तुम्हें भी इश्क की खुशबू का कुछ दीदार हो जाए //१

मचलते दिल की धड़कन में चुभे जब इश्क का कांटा ।
ख़ुदा से रूह का रिश्ता तभी बेदार हो जाये//२

खुदा की सारी रहमत इश्क़ के आँचल में रहती है
छुपा लो सर को आँचल में हसीं संसार हो जाए//३

फ़ना हो जाए दीवाना जुनूने इश्क़ की ख़ातिर
खुशी से चूमे सूली को ख़ुदा का यार हो जाए//४

ये दिल बेजान वीना की तरह खामोश रहता है
छुए जब यार की उंगली मधुर झंकार हो जाए//५

अज़ब हस्ती है उनकी इश्क की दौलत के मालिक हैं
निगाहें जब मिलाएँ वो हसीं त्यौहार हो जाए। //६

क़मर घर में छुपा बैठा अँधेरी रात से डरकर
वो सूरज बन के आ जाएं तो बेड़ा पार हो जाए//७

--क़मर जौनपुरी

(मौलिक अप्रकाशित)

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Comment by क़मर जौनपुरी on December 7, 2018 at 1:01am

मोहतरम जनाब समर कबीर साहब, जनाब तेजबीर साहब, जनाब श्याम नारायण वर्मा साहब और जनाब राहुल डांगी साहब।

बहुत बहुत शुक्रिया व आदाब सभी मोहतरम का हौसला आफ़ज़ाई के लिए।

Comment by Rahul Dangi on December 5, 2018 at 10:35pm

बहुत सुन्दर 

Comment by Samar kabeer on December 5, 2018 at 2:38pm

जनाब क़मर जौनपुरी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by TEJ VEER SINGH on December 5, 2018 at 2:05pm

हार्दिक बधाई आदरणीय क़मर जौनपुरी जी।बेहतरीन गज़ल।

अज़ब हस्ती है उनकी इश्क की दौलत के मालिक हैं
निगाहें जब मिलाएँ वो हसीं त्यौहार हो जाए। //६

Comment by Shyam Narain Verma on December 5, 2018 at 1:27pm

आदरणीय क़मर जौनपुरी जी , इस खूबसूरत  रचना की हार्दिक बधाई | सादर

Comment by क़मर जौनपुरी on December 5, 2018 at 11:03am

बहुत बहुत शुक्रिया जनाब राज़ नवादवी साहब हौसला आफ़ज़ाई के लिए।

Comment by राज़ नवादवी on December 5, 2018 at 9:19am

आदरणीय क़मर जौनपुरी साहब, आदाब. सुन्दर ग़ज़ल की प्रस्तुति के लिए दाद के साथ मुबारकबाद. सादर 

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