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क्षणिकाएँ - 3 - डा० विजय शंकर

भला आदमी है वो ,
भला करता है ,
सौदागरों की तरह ।

रहमदिल है वह
दुआ करता है
भिखारियों की तरफ ।

आशीर्वाद देता है वह
चढ़ावा चढ़ जाने के बाद
पुजारी है वह ।

सब कर देगा वह
सब पा लेने के बाद
वादा है उसका ,
नेता है वह ।

मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Dr. Vijai Shanker on November 19, 2014 at 9:21pm
आदरणीय सुशील सरना जी आपकी पसंद को नमन। बधाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ।
Comment by Dr. Vijai Shanker on November 19, 2014 at 9:19pm
क्षणिकाएँ आपको अच्छी लगीं ,आभार। बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय सोमेश कुमार जी , बधाई के लिए ।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 19, 2014 at 9:02pm

वाह ! अनेक बिंदु उठाकर क्या समापन किया है  i आदरनीय विजय सर i


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on November 19, 2014 at 8:47pm

आशीर्वाद देता है वह
चढ़ावा चढ़ जाने के बाद
पुजारी है वह ।----क्या बात है 

सार्थक कटाक्ष करती सुन्दर क्षणिकाएँ ..बहुत बहुत बधाई आपको 

Comment by Sushil Sarna on November 19, 2014 at 7:40pm

आशीर्वाद देता है वह
चढ़ावा चढ़ जाने के बाद
पुजारी है वह ।
…वाह वाह क्या सुंदर क्षणिका है .... एक यथार्थ को जीती क्षणिका …बहुत सुंदर यूँ तो सभी क्षणिकाएँ सुंदर हैं किन्तु मुझे प्रथम आउट तृतीय अधिक अच्छी लगी। इन सुंदर क्षणिकाओं की प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें आदरणीय।

Comment by somesh kumar on November 19, 2014 at 7:37pm

सौदागर ,भिखारी ,पुजारी ,नेता कब शब्दों में सुंदर चित्रण ,बधाई आदरणीय 

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