For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

12122, 12122


1)वो मिलने आता मगर बिज़ी था
मैं मिलने जाता मगर बिज़ी था

2)था इश्क़ तुझसे मुझे भी यारा
तुझे बताता मगर बिज़ी था

3)वो कह रहा था मदद को तेरी
ज़रूर आता मगर बिज़ी था

4)मैं दूसरों की तरह जहाँ में
बहुत कमाता मगर बिज़ी था

5)वो चाहती थी मना लूँ उसको
है सच मनाता मगर बिज़ी था

6)फ़लक से तेरे लिए यक़ीनन
मैं चाँद लाता मगर बिज़ी था

7) जो साज़ छेड़ा था मेरे दिल ने
वो गुनगुनाता मगर बिज़ी था

मौलिक अप्रकाशित 

(अनीस अरमान )

Views: 1059

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Md. Anis arman on August 2, 2021 at 12:32pm

आदरणीया रचना भाटिआ जी ग़ज़ल तक आने और पसंद करने का बहुत बहुत शुक्रिया 

Comment by Md. Anis arman on August 2, 2021 at 12:31pm

आदरणीया Rozina DIghe ji ग़ज़ल तक आने का बहुत बहुत शुक्रिया हार्दिक आभार 

Comment by Md. Anis arman on August 2, 2021 at 12:30pm

आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी ग़ज़ल तक आने और पसंद करने का बहुत बहुत शुक्रिया, सुझाव अच्छा है पहले ऐसा ही कुछ सोचा था मैंने भी, एक बार फिर से धन्यवाद हार्दिक आभार 

Comment by Rachna Bhatia on August 1, 2021 at 7:32am

आदरणीय अनीस अरमान जी नमस्कार। बेहतरीन ग़ज़ल हुई।रदीफ़ पर विशेष बधाई स्वीकार करें।

Comment by Rozina Dighe on August 1, 2021 at 1:31am

आदरणीय Anis armaan जी

बहुत ख़ूब!

मगर बिज़ी था...ख़ूब!


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 1, 2021 at 12:46am

वाह ! बहुत खूब ! 

भाई अनीस अरमान, आपने तो रदीफ से मुग्ध ही कर दिया ! बधाई !!

इस मिसरे को देखें -

है सच मनाता मगर बिजी था = उसे मनाता मगर बिजी था 

शुभ-शुभ

Comment by Md. Anis arman on July 31, 2021 at 10:18am

जनाब लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर साहब ग़ज़ल तक आने और खुले दिल से तारीफ़ करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on July 31, 2021 at 7:09am

आ. भाई अनीस जी, सादर अभिवादन। एक नये विषय की सुन्दर गजल हुई है । आज की जिन्दगी के भागमभाग और सथ ही ओढ़ी गयी व्यस्तता को बखूबी उकेरा है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।

Comment by Md. Anis arman on July 30, 2021 at 9:53pm

जनाब समर कबीर साहब ग़ज़ल तक आने और प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, ममनून हूँ 

Comment by Samar kabeer on July 26, 2021 at 6:29pm

जनाब अनीस अरमान जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी सदस्यों को सादर सप्रेम राधे राधे सभी चार आयोजन को को दो भागों में विभक्त किया जा सकता है। ( 1…"
2 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"चर्चा से कई और पहलू, और बिन्दु भी, स्पष्ट होंगे। हम उन सदस्यों से भी सुनना चाहेंगे जिन्हों ने ओबीओ…"
20 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
Saturday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
Friday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
Friday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
Thursday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
Thursday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Mar 11
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Mar 10
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Mar 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service