जो हमारे साथ होते हैं,
Comment
bahut accha. hardik badhayi.
जरा किस्मत तो देखिये.... हम जिनके होते है,
वो हमारे साथ होकर भी, हमारे साथ नहीं होते....
thnx for the appreciation that encourages me a lot n inspires me to follow d direction of expressing my emotions from my pen...thnx again
माननीया योग्यता जी,
बड़े ही गहन भाव प्रेषित किये आपने| आपकी यह रचना निश्चित ही प्रशंसनीय है| साभार,
योग्यता जी सही लिखा है रिश्ते सिक्को की खनक जैसे होते हैं बहुत गहरी बात कही है कविता के माध्यम से
आवाज़ तो नजदीकियों की
जिनसे मिले, निभे नहीं और
जिनसे मिले नहीं, वो भाता है.. .
ये रिश्ता क्या कहलाता है ?!!!
योग्यताजी, आपने उलझनों को शब्द दिया है, शुभेच्छाएँ.
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