For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दूर क्षितिज प्राची की लाली ,

अरे बावरी ओ मतवारी ,

उस पल को तूँ विस्मृत कर दे ,

जीवन मे विष को जो भर दे ,

इंद्रव्रज्या नही  बन दधीचि तूँ ,

परम दंभ का ना बन प्रतीक तूँ ,

कण्ठ गरल मुख पर मुस्कान ,

सरल हृदय मुख कांतिमान ,

दो काष्ठों के संधि बीच ,

प्रलय निशा है रही खींच ,

बने अमरता की प्रतीक तूँ ,

परिवर्तन की अग्रदूत तूँ ,

मृत्यु सदृश्य शीतल निराश ,

विश्व देव का तू प्रकाश ,

हे प्रकृति की चंचल तुरंग ,

निर्बाध भ्रमण कर तूँ विहंग ,,

Views: 655

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी on March 16, 2012 at 9:05pm
पर आपने द्वितीय पंक्ति में बावरी मतवारी शब्द का प्रयोग किया है जिस पर मेरी टिप्पणी में लिखा धीरोदात्त नायक शब्द सटीक नहीं बैठता पर उसे नायिका के संदर्भ में देखे।

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on March 16, 2012 at 9:03pm

पुरानी शैली की रचनाओं की याद हो आयी. सकारात्मकता को प्रति शब्द स्थापित करती रचना.

सार्थक प्रयास के लिये बधाई, अश्विनीजी.

Comment by विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी on March 16, 2012 at 9:01pm
अश्विनी जी अच्छी कविता है।आपकी रचना का प्रतिपाद्यय धीरोदात्त नायक जैसा लगता है जो वीर भी है।अच्छी सी कविता के लिए खूबसूरत बधाई।
सादर!
Comment by Chaatak on March 16, 2012 at 8:39pm

स्नेही अग्रज, सादर अभिवादन, इस बेहद खूबसूरत रचना के लिए हार्दिक बधाई!

Comment by MAHIMA SHREE on March 16, 2012 at 3:49pm
उस पल को तूँ विस्मृत कर दे ,
जीवन मे विष को जो भर दे ,

अश्विनी जी नमस्कार ...
भाव बड़े ही सुंदर है......बधाई.
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on March 16, 2012 at 2:22pm

संपूर्ण कृति. समस्त बधाई स्वीकार करें  महोदय जी ,

Comment by संदीप द्विवेदी 'वाहिद काशीवासी' on March 16, 2012 at 11:34am

बहुत ही सुंदर कविता| स्वागत है आपका, :)

Comment by AVINASH S BAGDE on March 16, 2012 at 11:02am

बने अमरता की प्रतीक तूँ ,

परिवर्तन की अग्रदूत तूँ ,...sunder kavita Ashwini  ji

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service