For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दिल तुझसे ज़रा खफा है

आदरणीय गुरुजनों, मित्रों  आज मैंने ग़ज़ल लिखने का प्रयास ओ.बी.ओ. के द्वारा सिखाये गए नियमों का पालन करते हुए किया. कृपया मेरा मार्ग दर्शन करें, मैं सदा आभारी रहूँगा.
खास कर पूज्य योगराज जी, की टिपण्णी का इंतज़ार रहेगा.

नाराज हूँ मैं, दिल तुझसे ज़रा खफा है,
मासूम भोली, सूरत ने दिया दगा है

खंज़र ये आँखों का, दिल में उतार डाला  
हमेशा के लिए मुस्किल, जख्म मुझे मिला है,

डर डर के जिंदगी को, जीने से मौत बेहतर,
कैसा ये दर्द दिलबर, सीने में भर दिया है,

मुझे रात भर रुला, ताकि ये आँख नम हो,
दुश्मन से दोस्त बन, संवर रही हवा है

धड़कन के रास्ते, साँसों में समां गयी जो
वो हुस्न का जादू, बातों में सदा रहा है

Views: 622

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 20, 2012 at 10:56am

जनाब केसरी साहब आपको पसंद आई और मनो बल बढ़ाने के लिए मेहरबानी.

Comment by वीनस केसरी on July 20, 2012 at 1:55am

वाह अनंत साहब क्या कहने
वाह वा

सीखने के क्रम में अच्छे शेर कह डाले हैं
बधाई स्वीकारें

लगे रहेंगे तो सब कुछ स्वतः सधता चला जायेगा ,,,,,,,
पुनः बधाई

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 19, 2012 at 1:43pm

शुक्रिया मित्र

Comment by Arun Sri on July 19, 2012 at 1:41pm

शुभकामनाएँ ! :-)) :-))

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 19, 2012 at 1:09pm

आदरणीया रेखा जी बहुत-बहुत शुक्रिया अपना आशीर्वाद यूँ ही बनाये रखिये.

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 19, 2012 at 1:08pm

मित्र अरुण जी आपके सुझाव का सम्मान करता हूँ. मित्र मैं आदरणीय तिलक राज कपूर की कक्षा का अभी-अभी छात्र बना हूँ.

Comment by Rekha Joshi on July 19, 2012 at 1:01pm

अरुण जी 

डर डर के जिंदगी को, जीने से मौत बेहतर,
कैसा ये दर्द दिलबर, सीने में भर दिया है,.सुंदर अभिव्यक्ति ,बधाई 
Comment by Arun Sri on July 19, 2012 at 1:01pm

सुन्दर भाव ! एक मित्रवत सुझाव देना चाहूँगा -यदि आपने अभी तक नही लिया है तो आदरणीय तिलक राज कपूर सर की गज़ल की  कक्षा में प्रवेश ले लें ! सादर !

Comment by अरुन 'अनन्त' on July 19, 2012 at 12:43pm

भ्राताश्री बहुत-बहुत शुक्रिया, आपके स्नेह से ही तो मुझे बल मिलता है, मुझे और ज्यादा अच्छा लिखने का हौसला मिलता है. आपकी टिपण्णी का बहुत बेशब्री से इंतज़ार रहता है.

Comment by Er. Ambarish Srivastava on July 19, 2012 at 12:41pm

बहुत सुंदर प्रयास किया है भाई अरुण जी ! बहुत-बहुत बधाई मित्र ! ..........थोड़ी  देर में इस पर कुछ कहूँगा  ! सस्नेह

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
48 minutes ago
Sushil posted blog posts
48 minutes ago
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
48 minutes ago
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service