For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बलात 

-------

चप्पे चप्पे पर है दुशासन 
फिर मौन भला क्यों प्रशासन 
आपस में आलिंगन बद्ध 
करे किस का इन्तजार 
बलात्कार बलात्कार बलात्कार

था जिन पे हमें नाज 
आसमान लाल क्यों आज 
उड़ रहे अनगिनत बाज 
पंछी ले कैसे परवाज 
बताओ हमें इन्तजार 
बलात्कार बलात्कार बलात्कार

नन्ही कोमल सी कली 
नाज लाड़ पली बढ़ी 
नाग ने डस लिया
फंद में जकड़ लिया 
सुनाई पडी न चीत्कार 
बलात्कार बलात्कार बलात्कार

जल उठी हवस आग 
बिखर गए सारे राग
अश्रु नयन सूख गए 
बुझ गए जले दिए 
बता कहाँ करे गुहार
बलात्कार बलात्कार बलात्कार 
.
प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा 

२२-१२-२०१२

Views: 682

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on December 24, 2012 at 2:04pm

आदरणीया प्राची जी, 

सादर 

सही है 

आभार 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on December 24, 2012 at 2:03pm

आदरणीय विजय सर जी, 

सादर अभिवादन 

आभार प्रोत्साहन हेतु 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on December 24, 2012 at 10:11am

शायद, अब इस विषय पर कुछ और कहने सुनने को मन नहीं...इसलिए कुछ भाव भी नहीं आ रहे मन में..

सादर.

Comment by vijay nikore on December 23, 2012 at 11:23pm

आदरणीय प्रदीप जी,

नन्ही कोमल सी कली

नाज लाड़ पली बढ़ी 

नाग ने डस लिया

फंद में जकड़ लिया
 
सुनाई पडी न चीत्कार
 
बलात्कार बलात्कार बलात्कार
वाह, वाह! सारी कविता ही अच्छी है, पर यह शब्द मन को छू गए।
सादर,
विजय निकोर
Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on December 23, 2012 at 9:33pm

आदरणीय अनन्त जी, सस्नेह 

आप जैसे नवजवानो पर ही दारोमदार है 

आभार. 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on December 23, 2012 at 9:30pm

आदरणीया सीमा जी, सादर अभिवादन 

यदि मैं अपनी बात कहने में सफल हुआ तो आभार 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on December 23, 2012 at 9:28pm

आदरणीय लड़ी वाला जी,

सादर अभिवादन 

सुर में सहयोग हेतु आभार 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on December 23, 2012 at 9:27pm

प्रिय महिमा श्रे जी, 

सस्नेह 

घटना ने झकझोर के रख दिया.ज्यादा कह नहीं सकते 

जुल्म हो मजलूमो पर हम चुप रह नहीं सकते 

आभार  

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on December 23, 2012 at 1:54pm

आदरणीय सौरभ गुरुदेव जी, 

सादर अभिवादन

आपका आशीष ही  मुझे लिखने को प्रोत्साहित करता है. 

आभार 

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 23, 2012 at 11:49am

आदरणीय सर मन के भीतर पल रहे आक्रोश को स्वर दिया है आपने, अब वक़्त आ गया है कि सोंच बदले, समझ बदले और इस तरह की घटनाओं से मुक्ति मिले, बधाई स्वीकारे.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Sunday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Friday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Friday
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service