For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दुर्मिल सवैया
===============
कवि-कॊबिद हार गयॆ सबहीं, नहिं भाँष सकॆ महिमा हर की ॥
प्रभु आशिष दॆहु बहै कविता, सरिता सम कंठ चराचर की ॥
नित नैन खुलॆ दिन-रैन मिलॆ,समुहैं छवि शैल-सुता वर की ॥
कवि राज गुहार करॆं तु्म सॆ, त्रिपुरारि सुनॊ विनती नर की ॥
===========================================
दुर्मिल सवैया
===============
हरि नाम रटा कर री रसना,हरि नाम बिना जग ऊसर है !!
सब ज्ञान - बखान परॆ धर दॆ,बिन नॆह हरी मन मूसर है !!
जिय चाह रहा दुविधा-सुविधा,मति-मूरख औ मद भूसर है !!
लिपटाय रहा जिय-जाल फँसा, नहिं मारग कौनउ दूसर है !!
==========================================
दुर्मिल सवैया
===============
बृजराज जबै मिलिहैं सखि री,धरि बाँधबु आजु इहै रसरी !!
बहु नाच नचाउब ऒहि घरी,हम दॆखबु ठाढ़ि लगै कस री !!
सबु ग्वाल लहैं चतुरापन री, तुम छीन लिहौ उनकै बँसुरी !!
बहु बाजि रही यमुना-तट पै,जिय जारि रही बहुतै ससुरी !!
==========================================

( मौलिक एवं अप्रकाशित )

Views: 757

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by ram shiromani pathak on March 9, 2013 at 8:14pm

बहुत सुन्दर .......आपकी रचना के लिए कुछ कहना मेरे लिए वैसा है जैसे 'सूरज को दीया दिखाना '.........

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on January 18, 2013 at 3:46pm

Saurabh Pandey  जी,,आदरणीय आपकॆ स्नेह को शत शत नमन,,,,,,,,,

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on January 18, 2013 at 3:46pm

लतीफ़ ख़ान जी,,आदरणीय आपकॆ स्नेह को शत शत नमन,,,,,,,,,

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on January 18, 2013 at 3:45pm

 Rajesh Kumar Jha जी,,आदरणीय आपकॆ स्नेह को शत शत नमन,,,,,,,,,

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on January 18, 2013 at 3:45pm
Comment by कवि - राज बुन्दॆली on January 18, 2013 at 3:44pm

upasba siag जी,,आदरणीया आपकॆ स्नेह को शत शत नमन,,,,,,,,,


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on January 18, 2013 at 9:17am

भाई राज साहब, मुग्ध-मुग्ध-मुग्ध !

आपकी इस सवैया (दुर्मिल) ने इतना मोह लिया कि हम देर तक छंद को गाते-गुनगुनाते रहे. दूसरा तथा तीसरा छंद तो, भाई, कमाल-कमाल-कमाल ! आत्म-विस्मृति के उन सघन पलों में हम आपको तत्पल बधाई देना भी भूल गये. आपका यह पद्य-प्रयास सतत रहे और आपका यह अन्यतम सहयोग इस मंच पर बना रहे, बस यही कामना है.

शुभ-शुभ .. .

Comment by लतीफ़ ख़ान on January 17, 2013 at 9:06pm

मान्यवर , राज बुन्देली जी ,, सुन्दर,,सटीक,,सार्थक सवैयों के लिए हार्दिक बधाई ,,शब्द संयोजन व दृश्य चित्रण ने मन मोह् लिया |

Comment by Shanno Aggarwal on January 17, 2013 at 8:16pm

राज बुन्देली जी, आपकी सवैया के बारे में उपास्बा जी से पूरी तरह सहमत हूँ...आपकी रचनायें तो लाजबाब होती हैं.

Comment by upasna siag on January 17, 2013 at 4:51pm

बहुत सुन्दर .......आपकी रचना के लिए कुछ कहना मेरे लिए वैसा है जैसे 'सूरज को दीया दिखाना '.........

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आपकी बात से सहमत हूँ। यह बात मंच के आरंभिक दौर में भी मैंने रखी थी। अससे सहजता रहती। लेकिन उसमें…"
11 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .विविध

दोहा सप्तक. . . . . . विविधकभी- कभी तो कीजिए, खुद से खुद की बात ।सुलझेंगे उलझे हुए,  अंतस के हालात…See More
13 hours ago
amita tiwari posted blog posts
16 hours ago
Admin replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"साथियों, आप सभी के बहुमूल्य विचारों का स्वागत है, इस बार के लिए निर्णय लिया गया है कि सभी आयोजन एक…"
yesterday
Admin posted discussions
yesterday
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"नीलेश भाई के विचार व्यावहारिक हैं और मैं भी इनसे सहमत हूँ।  डिजिटल सर्टिफिकेट अब लगभग सभी…"
Friday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार, अब तक आए सभी विचार पढ़े हैं। अधिक विचार आयोजन अवधि बढ़ाने पर सहमति के हैं किन्तु इतने…"
Friday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इन सुझावों पर भी विचार करना चाहिये। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"यह भी व्यवहारिक सुझाव है। इस प्रकार प्रयोग कर अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। "
Thursday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"हाल ही में मेरा सोशल मीडिया का अनुभव यह रहा है कि इस पर प्रकाशित सामग्री की बाढ़ के कारण इस माध्यम…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय प्रबंधन,यह निश्चित ही चिंता का विषय है कि विगत कालखंड में यहाँ पर सहभागिता एकदम नगण्य हो गयी…"
Thursday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service