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स्वागत गणतंत्र

प्रो. सरन घई, संस्थापक, विश्व हिंदी संस्थान

 

स्वागतम सुमधुर नवल प्रभात,

स्वागतम नव गणतंत्र की भोर,

स्वागतम प्रथम भास्कर रश्मि,

स्वागतम पुन:, स्वागतम और।

 

जगा है अब मन में विश्वास,

कि सपने पूरे होंगे सकल,

कुहुक कुहुकेगी कोयल कूक,

खिलेगा उपवन का हर पोर।

 

युवा होती जायेगी विजय,

सुगढ़ होता जायेगा तंत्र,

फैलती जायेगी मुस्कान,

विहंसता जायेगा जनतंत्र।

 

कल्पनाएँ सब होंगी सुफल,

धारणाओं पर होगा व्यवहार,

होगी सद्व्यवहारों की जीत,

और असत्व्यवहारों की हार।

 

राष्ट्र का और बढ़ेगा मान,

करेगा अर्जित नव सम्मान,

गुंजेगा चहुँदिश राष्ट्र का मान,

जय हो, जय-जय हो हिंदुस्तान।

 

आज के दिन सब जुट कर संग,

करें भारत माँ से अनुयास,

संचरित हो जन-जन में शक्ति,

परस्पर और बढ़े विश्वास।

 

रह सकें मिलजुल कर हम संग,

बिखेरें चहुँदिश सुमधुर रंग,

रख सकें परचम की हम शान,

हो सकें इस पर हम कुर्बान।

 

भूल कर भेद-भाव हर एक,

करें गणतंत्र का हम अभिषेक,

गुंजाएँ राष्ट्रगान की तान,

तिरंगा ऊँची भरे उड़ान।

 

यही है भक्ति, यही है ध्येय,

मांगते सब मिलकर यह दान,

देव दो आज यही वरदान,

राष्ट्र का अभ्युर्थित हो मान।

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Comment

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Comment by Prabhakar Pandey on January 29, 2013 at 5:26pm

सम्माननीय घईजी,

बहुत ही सुंदर रचना के लिए साधुवाद।।

युवा होती जायेगी विजय,

सुगढ़ होता जायेगा तंत्र,

फैलती जायेगी मुस्कान,

विहंसता जायेगा जनतंत्र।...सुक्ति।। सादर।।

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on January 26, 2013 at 7:46pm

देव दो आज यही वरदान,

राष्ट्र का अभ्युर्थित हो मान। - बहुत सुन्दर अभ्व्यक्ति रचना हार्दिक बधाई श्री शरण घी भाई जी 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on January 26, 2013 at 2:57pm

//

यही है भक्ति, यही है ध्येय,

मांगते सब मिलकर यह दान,

देव दो आज यही वरदान,

राष्ट्र का अभ्युर्थित हो मान।//

इस प्रार्थना में हम सब भी स्वर मिलाते हैं , ऐसा ही हो , ऐसा ही हो , आदरणीय सरन साहब, बहुत ही सुन्दर रचना आपने रची है, इस अभिव्यक्ति और प्रस्तुति पर अनेकानेक बधाइयाँ , गणतंत्र दिवस की मंगलकामनायें ।

Comment by Naveen Singh on January 26, 2013 at 12:19pm

==–..__..-=-._.
!!==–..__..-=-._;
!!==–..@..-=-._;
!!==–..__..-=-._;
!!
!!
!!
VANDEMATARAM
HAPPY REPUBLIC DAY

Comment by mrs manjari pandey on January 25, 2013 at 10:44pm

बहुत सुंदर चाह और दुआ .

बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनायें आपको भी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on January 25, 2013 at 8:01pm

यह मनोकामना भगवान् पूर्ण करे ,सुन्दर भाव देश भक्ति से परिपूर्ण रचना हेतु हार्दिक बधाई आपको 

Comment by Shyam Narain Verma on January 25, 2013 at 4:33pm

bahot khoob..........................

Comment by Yogi Saraswat on January 25, 2013 at 2:39pm

कल्पनाएँ सब होंगी सुफल,

धारणाओं पर होगा व्यवहार,

होगी सद्व्यवहारों की जीत,

और असत्व्यवहारों की हार।

 swaagat hai ! 

कृपया ध्यान दे...

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