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नेता जन नायक बने, उत्तम हो पहचान,      

अभिनेता नेता बने, रखे हास्य का मान ।

************************************** 
खलनायक नेता बने,रखे विरोधी शान,     
नेता अभनेता बने, माइक पर ही ध्यान। 
***************************************
संसद में गर कवि रहे,छंदों में हो बात,       
सरोबार संसद रहेरस की हो बरसात।       
 ****************************************   
मन्त्र मुग्ध हो सब सुने,धीरज धर सब बात,      
पहुँचे न आघात जरा, जनहित की हो बात ।            
******************************************     
मापदंड हो योग्यता, जनता करे चुनाव,            
भ्रष्टाचार तभी मिटे, जन जन में सदभाव ।
*****************************************
नहि चुने धृतराष्ट्र को, धर्मराज का राज,
मंत्रीपद  पर जो रहे, करे विदुर सा काज । 
***************************************** 
अर्थशास्त्र कोटिल्य से, भारत में हो काज,
 काज करेचाणक्य ही, चन्द्र गुप्त  का राज।     
***************************************** 
-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला 

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Comment

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Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on March 1, 2013 at 9:52am

बसंत में आपको रस की एक बूंद का भी अहसास हुआ तो मेरा लिखना सार्थक हो गया | 

हार्दिक आभार स्वकरे आदरणीया मंजरी पाण्डेय जी 
Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on March 1, 2013 at 9:49am

आपने दोहारी अभिव्यक्ति पसंद आई, आभार स्वीकारे करो सा भाई सतवीर वर्मा विर्काली जी 

Comment by mrs manjari pandey on February 28, 2013 at 11:15pm

 आदरणीय लक्ष्मन प्रसाद जी एकदम रस की बरसात आपने बसंत में कर ही दी है।

 

Comment by सतवीर वर्मा 'बिरकाळी' on February 28, 2013 at 7:44pm
वाह सा, दोहों के माध्यम से बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति दी है।
Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 26, 2013 at 7:30pm

हार्दिक आभार श्री नादिर खान भाई 

Comment by नादिर ख़ान on February 26, 2013 at 4:07pm

मन्त्र मुग्ध हो सब सुने,धीरज धर सब बात,
पहुँचे न आघात जरा, जनहित की हो बात ।

मापदंड हो योग्यता, जनता करे चुनाव,
भ्रष्टाचार तभी मिटे, जन जन में सदभाव ।

उम्दा बात कही आदरणीय लक्ष्मण प्रसाद जी...

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 26, 2013 at 2:18pm

हार्दिक बधाई स्वीकारे श्री राजेश कुमार झां साहब 

Comment by राजेश 'मृदु' on February 26, 2013 at 11:20am

इस सुंदर प्रस्‍तुति पर हार्दिक बधाई लाड़ीवाला जी

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 26, 2013 at 11:08am

आपको दोहे पसंद आये,मेरा प्रयास कुछ सार्थक हुआ, हार्दिक आभार स्वीकारे भाई श्री अभिनव शर्मा अरुण जी 

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 26, 2013 at 11:06am

हार्दिक आभार  श्री राम शिरोमणि पाठक जी

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