For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बीते इसके साथ में, माह दिवस अरु साल,

छंद ‘चित्र से काव्य तक’, लगता बहुत कमाल,

लगता बहुत कमाल, गजब के छंद सुनाता,

छ्न्दोत्सव आगाज, महोत्सव सबको भाता,

वज्न गजल का मोल, जानता दिल वो जीते,

ओबीओ हर साल, निखरता दिन ज्यों बीते ||

 

             ओपन बुक्स ऑनलाइन की तीसरी वर्षगाँठ पर सभी सदस्यों को और सफल संचालन के लिए संचालक मंडल को हृदयातल से बधाईयाँ | ओ बी ओ उत्तरोत्तर लोकप्रियता के नए आयाम छूता जाए बहुत बहुत शुभकामनाएं |

 

Views: 612

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by राजेश 'मृदु' on April 3, 2013 at 1:24pm

बिल्‍कुल सटीक कहा है आदरणीय आपने, सादर

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 3, 2013 at 12:27am

आदरणीय लड़ीवाला साहब सादर प्रणाम, आपका स्नेहाशीष यूँ ही मिलता रहे. सच है इस सुन्दर मंच की नीव रखने वाले और उसे संवारने वाले सभी विद्वत्त जनों का योगदान हिंदी साहित्य के लिए बड़ी उपलब्धि है.सादर.

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 3, 2013 at 12:22am

आदरणीय बृजेश नीरज जी सादर आभार.

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 3, 2013 at 12:21am

आदरेया राजेश कुमारी जी सादर, मेरे मंतव्य के अनुमोदन के लिए हार्दिक आभार. सभी को शुभकामनाएँ.

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 3, 2013 at 12:20am

आदरणीय भाई संदीप जी, भाई अरुण जी, भाई राम शिरोमणि जी आप सब से सदैव यूँही उत्साह बल पाता रहूँ. आप सब से सदैव यूँ ही स्नेह पाता रहूँ.

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 3, 2013 at 12:16am

आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, आपका आशीष सदैव मेरी कलम को बल प्रदान करे. सदैव आपसे स्नेह की अभिलाषा है.सादर.

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on April 2, 2013 at 6:53pm

ओबीओ हर साल क्या हर माह निखर रहा है, सुन्दर कुण्डलिया छंद के माध्यम से ओबीओ के तीन वर्ष पूर्ण

होने परशुभकामनाएं बहुत भायी, इसके लिए आपको हार्दिक बधाई श्री अशोक रक्ताले जी | ओबीओ की नीव

डालने के लिए श्री गणेश जी बागी जी, श्री योगराज प्रभाकर जी, सभी व्द्वाजानो, गुरुजनों और स्नेहिल सदस्यों

के प्रति हार्दिक साधुवाद एवं शुभ मंगल  शुभकानाए 

Comment by बृजेश नीरज on April 1, 2013 at 5:00pm

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति! ईश्वर से कामना है कि ओ बी ओ सदैव अग्रसर रहे।

Comment by ram shiromani pathak on April 1, 2013 at 4:32pm

आदरणीय अशोक रक्ताले जी बहुत बढ़िया लिखा है आपने ,आपको भी बहुत बहुत शुभकामनाएँ


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 1, 2013 at 4:20pm

आदरणीय अशोक रक्ताले जी बहुत बढ़िया लिखा है ओ बी ओ की तारीफ में जितना लिखो वो कम होगा नव सृजन शुद्ध सृजन ओ बी ओ की  देन  है आपके साथ मेरी भी सभी को शुभकामनाये|

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"हाड़-मॉंस स्ट्रेट (लघुकथा) : "नेता जी ये क्या हमें बदबूदार सॅंकरी गलियों वाली बस्ती के दौरे…"
42 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)
"सादर नमस्कार आदरणीय मंच। इंतज़ार है साथियों की सार्थक रचनाओं का, सहभागिता का। हम भी हैं कोशिश में।"
1 hour ago
Admin posted a discussion

"ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-133 (विषय मुक्त)

आदरणीय साथियो,सादर नमन।."ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" में आप सभी का हार्दिक स्वागत है।प्रस्तुत…See More
Tuesday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"इल्म गिरवी है अभी अपनी जहालत के लिए ढूँढ लो क़ौम नयी अब तो बग़ावत के लिए अब अगर नाक कटानी ही है हज़रत…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"आ. रिचा जी, सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर सुंदर गजल हुई है। गिरह भी खूब लगाई है। हार्दिक बधाई।"
Sunday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"2122, 1122, 1122, 112/22 सर झुका देते हैं हम उसकी इबादत के लिए एक दिल चाहिए हमको तो मुहब्बत के…"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सादर अभिवादन।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
"सर कोई जब न उठा सच की हिमायत के लिएकर्बला   साथ   चले   कौन …"
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-190
" स्वागतम "
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189

ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरे के 190 वें अंक में आपका हार्दिक स्वागत है | इस बार का मिसरा नौजवान शायर…See More
Apr 21
आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
Apr 20
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
Apr 19

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service