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तुम और तुम्हारी यादें

तुम और तुम्हारी यादें .. दिल से जाती ही नहीं ...
कई बार चाहा तुम चले जाओ..
मेरे दिल से .. मेरे दिमाग से ...

हर मुमकिन कोशिश कर के देख लिया ..
पर नाकाम रहे ...
कभी कभी सोचते हैं ..ऐसा क्या है हमारे बीच ...
जिसने हमें बांध कर रक्खा है ..
हमारा तो कोई रिश्ता भी नहीं ..

फिर क्या है ये ...?
"लेकिन नहीं" हैं न ..हमारे बीच एक सम्बन्ध ..
एहसास का सम्बन्ध ..
ये क्या है ..नहीं बता सकती मैं ..
एहसास को शब्दों में नहीं बाँध सकती मैं ...
उन्हें तो सिर्फ महसूस किया जाता है ...

सालों बीत गए ...
पर लगता है जैसे कल ही की बात है ..
तुम और मैं
मैं और तुम
कभी जुदा हुए ही नहीं ....

Views: 1166

Comment

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Comment by Lata R.Ojha on December 27, 2010 at 12:41am
mann ke komal bhaavon ki ek sundar abhivyakti..bahut khoob :)
Comment by madan kumar tiwary on December 21, 2010 at 8:30am

“लेकिन नही” वाह वाकई रोमांटिक है । अनाम रिश्ते का भी होता है एक नाम। न और हां , इन्कार और इकरार , नफ़रत और प्यार , हैं तो एक ही सिक्के के दो पहलू।

 

Comment by Nemichand Puniya on December 17, 2010 at 10:01pm
madam, I am much obelijed to u . many thanks
Comment by Nemichand Puniya on December 15, 2010 at 3:37pm
thx a lot
Comment by Rash Bihari Ravi on December 10, 2010 at 9:29pm

bahut badhia khubsurat

Comment by aleem azmi on December 10, 2010 at 8:39pm

bahut umda

Comment by DEEP ZIRVI on December 8, 2010 at 4:22pm
"लेकिन नहीं" हैं न ..हमारे बीच एक सम्बन्ध ..waaaaaaaah
Comment by Bhasker Agrawal on December 8, 2010 at 3:42pm
sunder kavita hai
Comment by s. chauhan on November 26, 2010 at 2:50pm
अनिता जी प्रणाम

बहुत ही बेहतरीन लिखा है आपने.....

याद तुम्हारी आती है और हो जाती हैं आँखे नम
सोचा करता हूँ फिर से कब गूंजेगी जीवन सरगम
पुनर्मिलन के स्वप्न संजोए मुस्काता रहता हरदम
ऐसा लगता है जैसे युग युग से दूर हुए छूटे हैं हम


धन्यवाद
Comment by Hilal Badayuni on November 23, 2010 at 7:31pm
अनीता जी आदाब
मैंने आपका कलाम देखा और गौर भी किया
वाकई मै एक नज़र में ही समझ गया के आप शायरी के मैदान में बहुत दूर तक जाओगी और नाम रोशन करोगी जिस तरह की सलाहियत है आपकी ज़बान में
ये अगर आपकी इब्तिदा है तो इन्तहा बहुत लाजवाब होगी
मेरी बातों को ध्यान रखियेगा इसी तरह एक सही राह लेकर लिखती रहे आपकी कोशिश यकीनन सफल होगी
शुक्रिया
हिलाल अहमद हिलाल

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