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!!! शालिनी छन्द !!!
शालिनी छन्द के प्रत्येक चरण मे 11 वर्ण होते है तथा इसमें एक मगण, दो तगण तथा दो गुरू होते हैं।
-1-
राधे-राधे गीत जो गा रहे हैं।
कृष्णा जैसे मीत वो पा रहे है।।
आत्मा से औचित्य भी भा रहे हैं।
काया के अट्टालिका ढा रहे हैं।।
-2-
भावों से पाया जमीं सार सारा।
बीथीं-बीथीं भाग्य का पार पारा।।
दुःखों से आनन्द का धार* धारा।.......*मार्गं
पश्चातापों से सभी जार* जारा।।......*पाप
-3-
वृक्षों-बृक्षों से फले कामनाएं।
तारों-तारों में छिपे आशनाएं।।
बच्चों-बच्चों में जगे भावनाएं।
आशातीतों से करे प्रार्थनाएं।।
-4-
अंग्रेजों को मात देते रहे हैं।
गद्दारों का बोझ ढोते रहे है।।
सम्मानों की राह रोते रहे हैं।
भ्रष्टाचारी देश खाते रहे हैं।।
-5-
खेती-बाड़ी छोड़ता गांव सारा।
रोजी-रोटी त्रासदी को पुकारा।।
पत्नी-बच्चों का नहीं साथ यारा।
जीता है क्या लाश बन्दा कुंआरा।।


के0पी0सत्यम/ मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 21, 2013 at 8:18am

आ0 वेदिका जी,  आपके स्नेह, सराहना और उत्साहवर्धन हेतु आपका हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by वेदिका on June 20, 2013 at 9:02pm

प्रयास की दृष्टी से रचना सुंदर बन पड़ी है ...बधाई आदरणीय केवल जी! 

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 20, 2013 at 6:48pm

आ0 मीना पाठक जी,    आपके स्नेह एवं उत्साह वर्धन हेतु हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 20, 2013 at 6:46pm

आ0 आशुतोष मिश्रा भाई जी,    आपके स्नेह एवं उत्साह वर्धन हेतु हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 20, 2013 at 6:45pm

आ0 बृजेश भाई जी,    आपके स्नेह एवं उत्साह वर्धन हेतु हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 20, 2013 at 6:44pm

आ0 रामशिरोमणि भाई जी,   जी! मेहनत के अनुसार ही फल मिलता है। आपके स्नेह एवं उत्साह वर्धन हेतु हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 20, 2013 at 6:41pm

आ0 अरून शर्मा भाई जी,   जी! आपका कहना उचित ही है। आपके स्नेह और सुझाव हेतु हार्दिक आभार।  सादर,

Comment by Meena Pathak on June 20, 2013 at 6:04pm

आदरणीय केवल प्रसाद जी .. छन्द के बारे में मै ज्यादा नही जानती, आप ने जो जानकारी दी उसके लिए आभारी हूँ .. छन्द पढ़ के बहुत अच्छा लगा .. हार्दिक बधाई स्वीकारें 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on June 20, 2013 at 2:30pm

छंद के बिषय में जानकारी इतनी सुंदर रचना के माध्यम से मिली हार्दिक बधाई 

Comment by बृजेश नीरज on June 20, 2013 at 8:46am

आदरणीय केवल प्रसाद जी इस प्रयास पर आपको हार्दिक बधाई!

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