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विपत-प्रबंधन ढील, बहे घर-ग्राम-कबीला-

थोथी-थूल दलील दे, भाँजे लापरवाह |
लीला लाखों जिंदगी, कातिल है नरनाह |
कातिल है नरनाह, दिखाए दुर्गति-लीला |
विपत-प्रबंधन ढील, बहे घर-ग्राम-कबीला |
धरे हाथ पर हाथ, मजे में बाँचे पोथी |
छी छी सत्ता स्वार्थ, थुड़ी थू थोथा-थोथी ||

मौलिक / अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Ashok Kumar Raktale on July 10, 2013 at 7:52pm

आदरणीय रविकर जी सादर, सुन्दर कुण्डलिया छंद "थुड़ी थू थोथा-थोथी" बहुत गजब.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 3, 2013 at 10:31am

पंक्ति को वैधानिकतः संशोधित कर देने के लिए सादर धन्यवाद, आदरणीय

Comment by रविकर on July 3, 2013 at 10:22am

बड़ा खुलासा आज, किया क्यूँ इस "इसरो" ने |

जी आदरणीय-

ठीक कर दिया-

सादर-


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 3, 2013 at 10:10am

आदरणीय रविकर जी, प्रतिक्रिया कुण्डलिया में आपने रोला वाले भाग के विषम चरण में किन्तु, बड़ा खुलासा किया   लिखा है जो कि छंद के वैधानिक रूप से सही नहीं है. रोला का विषम चरण गुरु से समाप्त नहीं हो सकता है न !

मेरा इशारा उस ओर था.

सादर

Comment by रविकर on July 3, 2013 at 9:18am

आभार
आदरणीया डा प्राची जी
आदरणीया महिमा श्री जी-

Comment by रविकर on July 3, 2013 at 9:17am

आभार आदरणीय सौरभ जी |
बड़ा खुलासा से तात्पर्य-
मौसम की विभाग की चेतावनी
और इसरो द्वारा ६ घंटे पूर्व बादल फटने की घटना के प्रति सरकार को आगाह करने से है-
सादर-

Comment by MAHIMA SHREE on July 2, 2013 at 11:01pm

वाह!!! कम शब्दों में भी मारक प्रभाव का अंदाज ... सबसे निराला है आदरणीय रविकर सर ...बहुत -२ बधाई आपको


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on July 2, 2013 at 10:23pm

आदरणीय रविकर भाईजी, आपकी प्रतिक्रिया छंद रचना का जवाब नहीं.  बहुत ही परिपक्व कहन है. 

किन्तु, बड़ा खुलासा किया ..    ? .. :-((((((

सादर

Comment by रविकर on July 2, 2013 at 7:25pm

आभार आदरेया-

इस रोने से क्या भला, नहीं समय पर चेत |
बादल फटने की क्रिया, हुवे हजारों खेत |

हुवे हजारों खेत, रेत मलबे में लाशें |
दुबक गई सरकार, बहाने बड़े तलाशें |

रविकर पक्का धूर्त, इसे दो रोने धोने |
बड़ा खुलासा आज, किया क्यूँ इस "इसरो" ने ||


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on July 2, 2013 at 7:00pm

उत्तराखंड की आपदा पर सरकारी लापरवाह प्रबंधन ढील पर लिखी गयी एक सटीक सुप्रवाह्मय कुंडलिया 

शुभकामनाएं 

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