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“एक पोता भी  नही दे सकी कलमुंही”  वार्ड में सास की आवाज़ गूँजी,

इतने में अंदर आते हुये डॉक्टर ने जब ये सुना तो कहा- “पति के शरीर में एक्स- वाई(X-Y) क्रोमोसोम्स होते हैं, पत्नि के शरीर में एक्स-एक्स(X-X) क्रोमोसोम्स होते हैं, पति का वाई(Y) क्रोमोसोम पत्नि के एक्स(X) क्रोमोसोम से मिलता है तो बेटा होता है, पति का एक्स(X) क्रोमोसोम पत्नि के एक्स(X) क्रोमोसोम से मिलता है तो बेटी होती है l

पता नही आपके क्या समझ में आया?  लेकिन इतना सच जान लीजिये आपको पोता नही मिला उसका पूरा दोष आपके बेटे का है।“

 

बहू की आँखें मानो पूछ रही थी- “ क्या अब आप अपने बेटे से बोल सकती हैं एक पोता भी नही दे सका.....................?”

 

-मौलिक व अप्रकाशित

 

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Comment by शिज्जु "शकूर" on December 25, 2013 at 6:18pm

आदरणीय गोपाल नारायण सर आपका बहुत बहुत शुक्रिया। जीव विज्ञान भले समझ न आये लेकिन आखिरी पंक्ति बस दिमाग में घुस जाये उन लोगों के जो बेटा बेटा करते हैं, जब बेटी ही नही होगी तो फिर बेटा कहाँ से आयेगा। 


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Comment by शिज्जु "शकूर" on December 25, 2013 at 6:14pm

आपका आभार आदरणीय अविनाशजी


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Comment by शिज्जु "शकूर" on December 25, 2013 at 6:14pm

आपका आभार भाई जितेन्द्र जी


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Comment by शिज्जु "शकूर" on December 25, 2013 at 6:13pm

आदरणीया वंदना जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया


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Comment by शिज्जु "शकूर" on December 25, 2013 at 6:13pm

आदरणीया उपासना जी बार बार चोट करो तो लोहा भी टूट जाता है, सच्चाई सभी को मालूम होनी चाहिये


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 25, 2013 at 6:11pm

आदरणीया कुन्ती जी आपका बहुत बहुत शुक्रिया

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 25, 2013 at 4:13pm

आदरणीय शिज्जू भाई जी बहुत ही गहन बात कही है आपने इस लघुकथा के माध्यम से विचारणीय प्रश्न ? सुन्दर लघुकथा हेतु हार्दिक बधाई आपको.

Comment by Shubhranshu Pandey on December 25, 2013 at 2:50pm

आदरणीय शिज्जु जी. 

विज्ञान का एक सरल संयोजन, महिलाओं पर अत्याचार का विषम संयोग.

एक सुन्दर कथा. 

सादर.

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 25, 2013 at 11:49am

मित्र शिज्जू जी

आपका जीव्- विज्ञानं तो कुछ पाठको को समझ में न आया होगा परन्तु आपका जो मैसेज है  उसे सबने समझा होगा  i आज के वैज्ञानिक युग में अब केवल बहू को दोष देना आसान नहीं रह गया है i अब बेटे  को भी कटघरे में खडा होना  पड़ेगा  i  एक अच्छी चेतना के लिए मित्र को बधाई i

Comment by AVINASH S BAGDE on December 25, 2013 at 11:14am

nagn saty samaj ka....ise ukerati bhaw-poorn laghukatha ..शिज्जु शकूर ji

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