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आज मौन उपवास रहा है ..........

अब तक  तेरे पास रहा है
नतीज़तन वो  ख़ास रहा है

हिचकी , हिचकी केवल हिचकी
वोआज मौन उपवास रहा है

छुयन का उसकी असर ये देखो
पतझड़ में मधुमास रहा है

मेरा ख्वाब है उसके दिल में
मुझको  ये  अहसास रहा है

कभी है गहना हया ये उसकी
कभी "अजय" लिबास रहा है

मौलिक व अप्रकाशित
अजय कुमार शर्मा

Views: 724

Comment

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Comment by ajay sharma on December 27, 2013 at 11:19pm

pathak ji .....typing mistake ho gaya  ...apne sahi pakda ..hai ....chhyan ...nahi  yah chhuvan hi hoga ...thanks 

Comment by ajay sharma on December 27, 2013 at 11:17pm

pandey sir .......yadi isi rachna ko ...matra badhh kar de badi kripa kar  de .....matra gadna kaise kari jaye ....agli  baar mai khud koshish karoonga ......pl......


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 27, 2013 at 10:36pm

फेलुन फेलुन .. फ़ा पर मिसरों को बाँधिये अजयभाईजी.  बहुत ही अच्छी कोशिश हुई है.

बहुत-बहुत बधाई ..

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 27, 2013 at 1:47pm

अच्छी  रचना के लिए शुभ - कामनाये i

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on December 27, 2013 at 9:38am

छुयन का उसकी असर ये देखो
पतझड़ में मधुमास रहा है.........बहुत कोमल अहसास

खुबसूरत रचना पर बधाई स्वीकारें आदरणीय अजय जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 27, 2013 at 8:07am

आदरणीय अजय भाई , बहुत खूबसूरत रचना हुई है , आपको हार्दिक बधाइयाँ ॥

Comment by coontee mukerji on December 27, 2013 at 3:01am

छुयन का उसकी असर ये देखो
पतझड़ में मधुमास रहा है

मेरा ख्वाब है उसके दिल में
मुझको  ये  अहसास रहा है.....बहुत सुंदर.

Comment by ram shiromani pathak on December 27, 2013 at 12:42am

सुन्दर प्रस्तुति भाई अजय जी। .. बधाई /////छुयन??????

Comment by कल्पना रामानी on December 26, 2013 at 8:09pm

कभी है गहना हया ये उसकी
कभी "अजय" लिबास रहा है...सुंदर भावपूर्ण गजल, हार्दिक बधाई आपको

Comment by MAHIMA SHREE on December 26, 2013 at 7:45pm

हिचकी , हिचकी केवल हिचकी
वोआज मौन उपवास रहा है ...... बहुत खूब आदरणीय अजय जी .. बधाई आपको सादर

कृपया ध्यान दे...

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