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जागा श्रमिक अभाव की चादर पीछे कर

चला अपने भाग्य से लड़ने डट कर

रेशमी विस्तर में सोने वालों,

तुमने कभी सुबह उठ कर देखा है ।

 

साहस की ईंटों को चुनता हैं अरमानों के गारे से

फिर भी खुशी चलती है दीवार पर, उसके आगे

संगमरमर के महलों में सुख से रहने वालों,

तुमने उनके भूखे पेटों को कभी देखा है ।

 

तारों की छांव में रोज सबसे आगे उठता

फिर भी जीवन की अरूढ़ाई ना देख पाता

तरुणाई श्रमिकों की पीने वालों,

इनके सिकुड़े चेहरों को कभी देखा है ।

 

विमारों को छोड़ अंधेरे घर में जाते

आटा  दाल जुटा के जर-जर वो आते

उम्मीदों से ज्यादा, अपनों को देने वालों,

उनको, उनकी मेहनत भर दे कर देखा है।

 

कभी तो करुणा मन में धारण कर लो

विपदाओं से धुंधले चेहरों का तम हर लो

नहीं सताओ उनको, वो भी हरि के जन हैं,

उनके जीवन का आशय उनसे मत छीनों ।  

अप्रकाशित व मौलिक 

कल्पना मिश्रा बाजपेई 

 

Views: 541

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 6, 2014 at 11:11pm

आदरनीया कल्पना जी , बहुत सुन्दर संदेश देती और सार्थक प्रश्न उठाती रचना प्रस्तुति के लिये आपको बधाई ।

Comment by vijay nikore on November 10, 2014 at 5:02pm

बहुत सशक्त भावाभिव्यक्ति। बधाई, आदरणीया कल्पना जी।

Comment by somesh kumar on November 2, 2014 at 9:29am

सुंदर विषय पर सुंदर प्रस्तुति के लिए बधाई ,आदरनीय 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 1, 2014 at 11:47am

आदरनीया कल्पना जी , बहुत सुन्दर संदेश देती आपकी रचना के लिये आपको बधाई ।

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 1, 2014 at 10:02am

सार्थक प्रश्न उठाती रचना प्रस्तुति. बधाई आदरणीया कल्पना दीदी

Comment by kalpna mishra bajpai on October 30, 2014 at 11:23pm

आ०  डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव सर आभार /सादर 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on October 30, 2014 at 5:01pm

कल्पना जी आपने बहुत मौजूं प्रश्न उकेरे i इस अच्छी रचना के लिए आपको बधाई i

Comment by kalpna mishra bajpai on October 30, 2014 at 3:05pm

आ० Shyam Narain Verma  सर बहुत-बहुत आभार /सादर 

Comment by kalpna mishra bajpai on October 30, 2014 at 3:04pm

आ० narendrasinh chauhan जी बहुत शुक्रिया /सादर 

Comment by Shyam Narain Verma on October 30, 2014 at 10:26am

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ... सादर बधाई

कृपया ध्यान दे...

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