For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हक़ के लिये लड़ते सभी झगड़ा कभी थमता नहीं |

११२१२      ११२१२       ११२१२       ११२१२     कामिल - मुतफ़ाइलुन 
हक़ के लिये लड़ते सभी झगड़ा  कभी थमता नहीं | 
शक है वहीँ डर है कहीं प्रिय   पास है समता  नहीं | 
जब साथ है हर बात है कटु बात भी  मिसरी लगे ,
अँखिया वहीँ दिल है कहीं लगता कहीं  ममता नहीं |
छतरी  वहीँ गुड़िया नहीं कब से   रहीं गुम है कहीं ,
मसला वहीँ तनहा अभी   रहना कहीं  जमता नहीं |
पहिया बिना चलती  नहीं  रुकती कहीं मजधार में , 
पटरी वहीँ गड्डी वहीँ   इक   पाँव से थमता  नहीं |
वन में कहीं  चटकी  कली  महके कहीं बहती हवा ,
पथ में कहीं  मजनू पड़ा उठता कभी   क्षमता नहीं |
जग में सभी मिलते रहें  खुश हों सदा मन से सभी  ,
जब वर्मा  गम हो जिसे दिल तो  कहीं रमता नहीं |
श्याम नारायण वर्मा 
(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 821

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Hari Prakash Dubey on March 14, 2015 at 10:10am

आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी,इस सुन्दर ग़ज़ल पर हार्दिक बधाई आपको ! सादर 

Comment by Shyam Narain Verma on March 14, 2015 at 10:09am

रणीय खुर्शीद जी रचना पसंद करने के लिए और राय देने के लिए आप का बहुत बहुत आभार | शब्दों के चयन में आगे से ध्यान रखेगें |
सादर ....

Comment by Shyam Narain Verma on March 14, 2015 at 10:02am

आदरणीय शिज्जू 'शकूर ' जी राय देने के लिए आप का बहुत बहुत आभार |
आदरणीय महर्षी त्रिपाठी जी और सोमेश कुमार जी रचना पसंद करने के लिए बहुत बहुत आभार |
सादर ....

Comment by khursheed khairadi on March 14, 2015 at 9:55am
जब साथ है हर बात है कटु बात भी  मिसरी लगे ,
अँखिया वहीँ दिल है कहीं लगता कहीं  ममता नहीं |
छतरी  वहीँ गुड़िया नहीं कब से   रहीं गुम है कहीं ,

मसला वहीँ तनहा अभी   रहना कहीं  जमता नहीं |

आदरणीय श्याम जी ,उम्दा ग़ज़ल हुई है ,बधाई आपको ,बहर -2212--2212--2212--2212 लग रही है |सादर अभिनन्दन |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on March 14, 2015 at 8:55am

आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी आपकी कोशिश के लिये बधाई पर आप तक्तीअ करने में चूक गये सनातनी छंद की तरह यहाँ हक का मात्राक्रम 11 नहीं बल्कि 2 होगा यही गलती आपके हर शेर में है जहाँ आपने 2 को 11 गिन लिया। दूसरी बात यदि आप किसी नाम का यथा अपने तखल्लुस का इस्तेमाल करते हैं तो उसकी मात्रा नहीं गिराई जा सकती।

Comment by somesh kumar on March 14, 2015 at 8:33am
हक़ के लिये लड़ते सभी झगड़ा  कभी थमता नहीं | 
शक है वहीँ डर है कहीं प्रिय   पास है समता  नहीं | 
जब साथ है हर बात है कटु बात भी  मिसरी लगे ,
अँखिया वहीँ दिल है कहीं लगता कहीं  ममता नहीं |
छतरी  वहीँ गुड़िया नहीं कब से   रहीं गुम है कहीं ,

मसला वहीँ तनहा अभी   रहना कहीं  जमता नहीं |

sunder verma bhai ,bdhai is sunder koshish pr 

Comment by maharshi tripathi on March 13, 2015 at 9:23pm
वन में कहीं  चटकी  कली  महके कहीं बहती हवा ,
पथ में कहीं  मजनू पड़ा उठता कभी   क्षमता नहीं |
जग में सभी मिलते रहें  खुश हों सदा मन से सभी  ,
जब वर्मा  गम हो जिसे दिल तो  कहीं रमता नहीं |,,,,,,,,,,,अच्छी गजल पर दाद कुबुलें आ. Shyam Narain Verma  जी |

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
18 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Jul 26
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Jul 24
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Jul 24

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service