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कुछ और कोशिश दरकार थी . नीम के ही सन्दर्भ में सादर .
आद ० जवाहरलाल जी आपने सही कहा है इसीलिए बार बार गुणों की कदर करने की सलाह दी जाती है।
Thank you resp. Mithilesh ji for appreciation.
Thank you Res.Nikore sir for your appreciation.
आ. कान्ता जी सारगर्भित और विश्लेषणात्मक टीप के लिए धन्यवाद।
पकने के बाद निमौरियां लगती है मीठी,
गुणकारी फिर भी,
नीम का दातौन करे साफ़ दातों को,
छाया में होता शीतलता का अहसास
इसके छाल होते हैं ख़ास
इसलिए न उठा कुल्हारी
कौए ने उठा ली है निमौरी
निमौरी के बीज ..क्या है यह भी चीज!
देखें सकारात्मक भी ...सादर!
आदरणीय Dr T R Sukul जी इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई निवेदित है.
नीम पर इस सुन्दर रचना के लिए बधाई, आदरणीय।
आ० कान्ता बहन की बात से सहमति जताते हुए इस सुन्दर रचना के लिए हार्दिक बधाई .
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