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कुंडलिया

 

आश्विन मासे प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष संज्ञान.

शारदीय नवरात्रि यह, नव दुर्गा की शान.

नव दुर्गा की शान, ध्यान नौ दिन तक चलते.

भक्ति सहित उपवास, शक्ति संयम यश फलते.

कन्या पूजन दान, पाप को क्ष्ररते निशदिन.

करे सत्य उत्थान, योग का स्वामी आश्विन.

 

के0पी0 सत्यम / मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on October 24, 2015 at 3:04pm

आ0 वामनकर भाई, अजयभाई, बागी सरजी, कांता जी, प्रतिभा जी सादर प्रणाम सहित आप सभी का हार्दिक आभार. 

Comment by Ajay Kumar Sharma on October 23, 2015 at 9:49pm

केवल प्रसाद जी भक्ति भावना से ओतप्रोत रचना के लिये आपको बधाई ।

Comment by pratibha pande on October 22, 2015 at 3:04pm

भक्ति में पगी रचना के लिए बधाई स्वीकारें आदरणीय केवल प्रसाद जी 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 22, 2015 at 9:04am

जय माता दी, कुण्डलिया पर बढ़िया प्रयास, बधाई आदरणीय केवल जी.

Comment by kanta roy on October 21, 2015 at 11:47pm

बहुत खूब कुंडलिया बनी है।  बधाई आपको 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on October 21, 2015 at 3:47pm

आदरणीय केवल जी इस सुन्दर प्रस्तुति हेतु बधाई 

कृपया ध्यान दे...

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